अब बाघों को बीफ खिलाने पर हुआ बवाल
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छत्तीसगढ के एक चिडियाघर में बाघों को बीफ दिए जाने को लेकर हंगामा शुरू हो गया है।भिलाई के मैत्रीबाग चिडियाघर में बाघ, सिंह और तेंदुआ जैसे जानवरों को भोजन में बीफ दिया जाता है।भारत सरकार का उपक्रम भिलाई इस्पात संयत्र इस चिडियाघर को संचालित करता है।
छत्तीसगढ में गौमांस की बिक्री पर रोक है। इसलिए राज्य में बीफ की आपूर्ति अन्य राज्यों से होती है।वैसे तो देश के ज्यादातर चिडियाघरों में बाघ, सिंह और तेंदुए जैसे जानवरों को भोजन में बीफ ही दिया जाता है।विवाद तब शुरू हुआ जब भिलाई संयत्र प्रबंधन ने दो साल की बीफ सप्लाई के ठेके के लिए बुधवार को एक इश्तिहार दिया।
लगभग एक लाख किलो बीफ की आपूर्ति की इस बात पर हिंदू संगठनों ने आपत्ति जताई है और चेतावनी दी है कि बाघ, सिंह और तेंदुए को बीफ देना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
लेकिन ये स्थानीय तौर पर होता है तय
भारतीय जनता पार्टी के स्थानीय नेताओं ने भी 'उग्र' आंदोलन की चेतावनी दी
है।लेकिन भाजपा नेता और केंद्रीय इस्पात मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर कहते
हैं, "भिलाई इस्पात संयत्र ने भैंस के मांस के लिए निविदा निकाली है। अगर
उसमें कुछ गडबडी होगी तो उसकी जांच करवा ली जाएगी।"
दूसरी तरफ, सेंट्रल जू
अथॉरिटी के वन्यप्राणी विशेषज्ञ डॉक्टर ब्रजकिशोर
गुप्ता का दावा है कि चिडियाघर के जानवरों को क्या खिलाना है क्या नहीं, ये
स्थानीय तौर पर तय होता है। हालांकि दिल्ली के चिडियाघर में सफेद गिद्ध या
इंडियन स्टार टार्ट्वाइज को भी खाने में बीफ ही दिया जाता है।
गुप्ता का
कहना है, "बाघ या सिंह को मटन भी खिलाया जा सकता है और चिकन भी। नियम केवल
इतना भर है कि उसे सही मात्रा में शुद्ध, पौष्टिक और अनुकूल भोजन दिया
जाए।"
यहां दिया जाता है बीफ
1-तिरुवनंतपुरम चिडियाघर
2-सेपाहिजाला बायोलॉजिकल पार्क, त्रिपुरा
2-डॉ. शिवराम कारंत बायोलॉजिकल पार्क, पिलिकुला, कर्नाटक
4-नेहरू जुलॉजिकल पार्क, हैदराबाद
5-भगवान बिरसा जुलॉजिकल गार्डन रांची
6-जयपुर चिडियाघर
7-आरजी जुलॉजिकल पार्क पुणे
8-व्हीजेबी उद्यान मुंबई