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Raipur: केटीयू पहुंचे एनएचआरसी के विशेष पर्यवेक्षक, मानवाधिकार शिक्षा और पत्रकार कल्याण पर दिए अहम सुझाव
Thu, 23 Jul 2026 04:50 PM IST
अमन कोशले
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
Published by: अमन कोशले
Updated Thu, 23 Jul 2026 04:50 PM IST
सार
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के मानवाधिकार शिक्षा एवं लैंगिक समानता के विशेष पर्यवेक्षक प्रो. कन्हैया त्रिपाठी ने कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय का दौरा किया।
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केटीयू पहुंचे एनएचआरसी के विशेष पर्यवेक्षक
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के मानवाधिकार शिक्षा एवं लैंगिक समानता के विशेष पर्यवेक्षक प्रो. कन्हैया त्रिपाठी ने कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने मानवाधिकार शिक्षा, पत्रकारों के हितों और विश्वविद्यालय में शैक्षणिक गतिविधियों को लेकर कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए। उन्होंने कुलपति डॉ. मनोज दयाल से मुलाकात कर मानवाधिकार और पत्रकारिता के क्षेत्र में नए आयाम विकसित करने पर चर्चा की।
प्रो. त्रिपाठी ने कहा कि पत्रकारिता लोकतंत्र का मजबूत आधार है और पत्रकारों का मानवाधिकार, संवैधानिक मूल्यों, लैंगिक समानता, सामाजिक न्याय और जनहित के प्रति प्रतिबद्ध होना बेहद आवश्यक है। उन्होंने कहा कि इसी सोच के साथ भविष्य के पत्रकारों को तैयार किया जाना चाहिए।
विश्वविद्यालय में आयोजित बैठक के दौरान उन्होंने मानवाधिकार एवं पत्रकारिता पर नया पाठ्यक्रम शुरू करने, मानवाधिकार प्रकोष्ठ की स्थापना, विद्यार्थियों के लिए ह्यूमन राइट्स क्लब बनाने तथा जनसंचार एवं मानवाधिकार विषय पर द्विभाषी शोध पत्रिका प्रकाशित करने का सुझाव दिया। साथ ही विश्वविद्यालय को मानवाधिकार जागरूकता, शोध और प्रशिक्षण का प्रमुख केंद्र बनाने पर भी जोर दिया।
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दौरे के दौरान प्रो. त्रिपाठी ने विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों, प्रशासनिक इकाइयों, पुस्तकालय, टेलीविजन स्टूडियो और सामुदायिक रेडियो स्टेशन 'रेडियो संवाद 90.8 एफएम' का निरीक्षण किया। उन्होंने पुस्तकालय के आधुनिकीकरण और डिजिटल लाइब्रेरी विकसित करने की आवश्यकता भी बताई। रेडियो संवाद में उन्होंने एक विशेष साक्षात्कार की रिकॉर्डिंग भी की।
उन्होंने विश्वविद्यालय में लैंगिक समानता और संवेदनशीलता को बढ़ावा देने के लिए नियमित प्रशिक्षण, जागरूकता कार्यक्रम और संवाद आयोजित करने की अनुशंसा की। इसके अलावा विद्यार्थियों और कर्मचारियों के लिए निःशुल्क चिकित्सकीय एवं मनोवैज्ञानिक परामर्श उपलब्ध कराने हेतु विशेषज्ञ पैनल गठित करने का सुझाव भी दिया।
बैठक के अंत में कुलसचिव सुनील कुमार शर्मा ने कहा कि विशेष पर्यवेक्षक द्वारा दिए गए सुझावों पर शासन के साथ समन्वय स्थापित कर सकारात्मक पहल की जाएगी।
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प्रो. त्रिपाठी ने कहा कि पत्रकारिता लोकतंत्र का मजबूत आधार है और पत्रकारों का मानवाधिकार, संवैधानिक मूल्यों, लैंगिक समानता, सामाजिक न्याय और जनहित के प्रति प्रतिबद्ध होना बेहद आवश्यक है। उन्होंने कहा कि इसी सोच के साथ भविष्य के पत्रकारों को तैयार किया जाना चाहिए।
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विश्वविद्यालय में आयोजित बैठक के दौरान उन्होंने मानवाधिकार एवं पत्रकारिता पर नया पाठ्यक्रम शुरू करने, मानवाधिकार प्रकोष्ठ की स्थापना, विद्यार्थियों के लिए ह्यूमन राइट्स क्लब बनाने तथा जनसंचार एवं मानवाधिकार विषय पर द्विभाषी शोध पत्रिका प्रकाशित करने का सुझाव दिया। साथ ही विश्वविद्यालय को मानवाधिकार जागरूकता, शोध और प्रशिक्षण का प्रमुख केंद्र बनाने पर भी जोर दिया।
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दौरे के दौरान प्रो. त्रिपाठी ने विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों, प्रशासनिक इकाइयों, पुस्तकालय, टेलीविजन स्टूडियो और सामुदायिक रेडियो स्टेशन 'रेडियो संवाद 90.8 एफएम' का निरीक्षण किया। उन्होंने पुस्तकालय के आधुनिकीकरण और डिजिटल लाइब्रेरी विकसित करने की आवश्यकता भी बताई। रेडियो संवाद में उन्होंने एक विशेष साक्षात्कार की रिकॉर्डिंग भी की।
उन्होंने विश्वविद्यालय में लैंगिक समानता और संवेदनशीलता को बढ़ावा देने के लिए नियमित प्रशिक्षण, जागरूकता कार्यक्रम और संवाद आयोजित करने की अनुशंसा की। इसके अलावा विद्यार्थियों और कर्मचारियों के लिए निःशुल्क चिकित्सकीय एवं मनोवैज्ञानिक परामर्श उपलब्ध कराने हेतु विशेषज्ञ पैनल गठित करने का सुझाव भी दिया।
बैठक के अंत में कुलसचिव सुनील कुमार शर्मा ने कहा कि विशेष पर्यवेक्षक द्वारा दिए गए सुझावों पर शासन के साथ समन्वय स्थापित कर सकारात्मक पहल की जाएगी।