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दर-दर भटकी गर्भवती: कांकेर में सरकारी अस्पतालों की बदहाली का शिकार हुआ शिशु, गाड़ी में जन्मा और छोड़ गया संसार
Thu, 28 Sep 2023 07:16 PM IST
श्याम जी.
अमर उजाला नेटवर्क, कांकेर
अमर उजाला नेटवर्क, कांकेर
Published by: श्याम जी.
Updated Thu, 28 Sep 2023 07:16 PM IST
सार
कांकेर में एक नवजात शिशु की मौत हो गई। परिजनों ने कांकेर जिला प्रशासन की बदहाल व्यवस्था और कर्मचारियों की निष्क्रियता का आरोप लगाया है।
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परिजन
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
कांकेर जिला प्रशासन की बदहाल व्यवस्था और कर्मचारियों की निष्क्रियता के चलते एक दंपती ने अपने बच्चे को खो दिया। तीन अस्पतालों में जाने पर भी उसे बदहाल व्यवस्था देखने को मिली। बदहाल व्यवस्था देखने को मिली और निजी वाहन में गर्भवती महिला ने बच्चे को जन्म दिया और कुछ दिन बाद बच्चे की मौत हो गई।
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बड़गांव थाना क्षेत्र के हडफड़ गांव में रहने वाले सुनहेर सलाम रविवार रात को अपनी पत्नी को लेकर प्रसव कराने के लिए बड़गांव प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे। अस्पताल परिसर में ताला लगा था। काफी देर तक परिजनों ने आवाज लगाई, लेकिन कोई सुनने और देखने नहीं आया। इसके बाद सुनेहर अपनी लेकर कोंडे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गया, लेकिन कोंडे में भी यही बदहाल व्यवस्था देखने को मिली। यहां भी कोई स्वास्थ्य कर्मचारी नहीं मिला। ऐसे में गर्भवती महिला की स्थिति बिगड़ती गई। निजी वाहन में महिला ने बच्चे को जन्म दिया।
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बच्चे के जन्म देने के बाद परिजनों ने वापस पखांजुर की ओर रुख किया, ताकि बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मिल सके। लेकिन बड़गांव और कोंडे कि तरह सिविल अस्पताल पखांजुर में भी बदहाल हो चुकी स्वास्थ्य सुविधा के चलते यहां भी कोई कर्मचारी महिला को देखने नही आया। इसके बाद सुनेहर ने निजी अस्पताल में महिला और बच्चे को भर्ती कराया। अस्पताल मेँ उनका इलाज शुरू किया गया। मंगलवार देर शाम को जच्चा-बच्चा को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। लेकिन घर आने के बाद बच्चे का शरीर का रंग काला पड़ने लगा और बच्चे की मौत हो गई।
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