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दंतेवाड़ा में नक्सलियों ने पुलिसकर्मी के अपह्रत माता-पिता को छोड़ा
Tue, 07 Jul 2020 10:01 PM IST
आसिम खान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दंतेवाड़ा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दंतेवाड़ा
Published by: आसिम खान
Updated Tue, 07 Jul 2020 10:01 PM IST
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सांकेतिक तस्वीर
छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित दंतेवाड़ा जिले में नक्सलियों ने पुलिस जवान के अपह्रत माता पिता को भारी दबाव के बाद छोड़ दिया। गुमियापाल के करीब सभी ग्रामीण 15 किलोमीटर दूर तक पैदल ही चले आए थे, इन्होंने अपनी बात रखी और इन्हें रिहा कराने में पूरा जोर लगाया।
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Due to sustained pressure of villagers of Gumiyapal, naxals have released the parents of Police personnel Ajay Telam. Nearly the entire village walked 15km upto Bade Palli, put forth their views & ensured that naxals release his parents: Abhishek Pallav SP Dantewada #Chhattisgarh https://t.co/Z8UzBHaOPf
— ANI (@ANI) July 7, 2020
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पुलिस ने इसकी जानकारी दी। दंतेवाड़ा के पुलिस अधीक्षक अभिषेक पल्लव ने मंगलवार को बताया कि जिले के किरंदुल थाना क्षेत्र के अंतर्गत गुमियापाल गांव में सोमवार रात नक्सलियों ने डीआरजी के जवान अजय तेलाम के पिता लच्छु तेलाम (64 वर्ष) और माता विज्जो तेलाम (62 वर्ष) का अपहरण कर लिया।
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पल्लव ने बताया कि नक्सलियों ने घटना को अंजाम देने के दौरान पुलिस जवान की बहन के साथ मारपीट की और उसका मोबाइल फोन छीनकर वहां से फरार हो गए थे। पुलिस अधिकारी ने बताया कि अजय तेलाम पिछले वर्ष डीआरजी में भर्ती हुआ था और वह दंतेवाड़ा स्थित पुलिस शिविर में रहता है। उन्होंने कहा कि पुलिस को आशंका है कि नक्सली क्षेत्र में चल रहे लोन वर्राटू अभियान से परेशान हैं, जिस कारण उन्होंने यह कदम उठाया।
दंतेवाड़ा जिला में पुलिस ने पिछले माह लोन वर्राटू अभियान की शुआत की थी। इस अभियान के तहत गांवों और सार्वजनिक स्थानों पर जिन नक्सलियों के सर पर इनाम है ऐसे नक्सलियों का बैनर पोस्टर लगाया जा रहा है तथा उन्हें आत्मसमर्पण कर समाज की मुख्यधारा में शामिल होने के लिए कहा जा रहा है। पल्लव ने बताया कि गुमियापाल गांव में पुलिस ने नक्सलियों का पोस्टर लगाया था जिसके बाद से 15 से 20 नक्सली आत्मसमर्पण करने के पुलिस से संपर्क करने की कोशिश कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि कुछ नक्सली चाहते हैं कि उनके लोग आत्मसमर्पण न करें और यही वजह है कि उन्होंने अजय के परिवार को निशाने पर लिया। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि यह घटना यह दर्शाती है कि बस्तर क्षेत्र में अपनी जमीन खिसकने के कारण नक्सली परेशान हैं और इसी कारण वह पुलिसकर्मियों के परिवार वालों पर हमला कर रहे हैं।
पिछले सप्ताह नक्सलियों ने जिले के हिरोली गांव में एक पुलिसकर्मी के रिश्तेदार की हत्या कर दी थी।