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गांव वालों का दर्द देख नक्सली महिला ने छोड़े हथियार
रायपुर/इंटरनेट डेस्क
Updated Sat, 23 Mar 2013 12:58 PM IST
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छत्तीसगढ़ के नारायणपुर क्षेत्र में एक नक्सली महिला ने आत्म समर्पण किया है। महिला का कहना है कि नक्सलियों की प्रताड़ना से तंग आकर उसने यह कदम उठाया है और वह मुख्यधारा से जुड़ना चाहती है।
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बत्ती कचलाम पिता स्व. सिड्गो राम कचलाम नाम की 25 वर्षीय महिला नक्सली ने बताया की शुक्रवार को पुलिस अधीक्षक के समाने उसने आत्म सर्मपण किया है।
उसे नक्सली संगठन में आज से 5 साल पहले संपत नक्सली कमांडर जबरदस्ती तोयनार से उठाकर ले गए थे और अपने संगठन में काम करवाने लगे। महिला नक्सली ने नक्सलियों के साथ रहकर 5 महीने तक हथियार चलाने कि ट्रेनिंग ली।
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एसडीओपी ने इस बात की पुष्टि करते हुए बताया कि बत्ती कचलाम पिता स्व. सिड्गो राम कचलाम नाम की महिला नक्सली ने शुक्रवार को पुलिस अधीक्षक के समाने आत्मसर्मपण किया है। यह महिला नक्सली दौलादलम में लगभग चार सालों से काम कर रही थी।
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उन्होंने बताया कि नक्सली महिला नक्सलियों द्वारा जबर्दस्ती गलत कार्य कराने व दबाव पूर्ण नीति से असंतुष्ट थी। नक्सलियों द्वारा ग्रामीणों पर किए जा रहे अत्याचारों और ग्रामीणों की हत्याओं को देखकर उसने आत्मसमर्पण का निर्णय लिया।
उन्होंने बताया कि वह समाज की मुख्यधारा से जुड़कर आम लोगों की तरह जीवन जीना चाहती है। महिला नक्सली को शासन की पुनर्वास नीति का पूरा लाभ दिया जाएगा।
महिला नक्सली नक्सलियों की कंपनी नंबर 6 की प्लाटून नंबर 3 की सदस्या के रूप में काम करती थी और कई वारदातों में शामिल रही हैं।