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नक्सली कमांडर सीटू ने सुकमा में ही रहकर रची हमले की साजिश
amarujala.com- Presented by: संदीप भ्ाट्ट
Updated Wed, 26 Apr 2017 10:46 AM IST
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छत्तीसगढ़ के सुकमा में सोमवार को किए गए दुस्साहसिक नक्सली हमले की साजिश एक वांछित नक्सली कमांडर ने रची थी। इस भीषण हमले में सीआरपीएफ के 25 जवान शहीद हो गए थे जबकि सात घायल हैं। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के मुताबिक, हमले का साजिशकर्ता नक्सली कमांडर हमले वाली जगह से 7-8 किलोमीटर की दूरी पर स्थित एक गांव में ठहरा हुआ था।
उन्होंने कहा, नक्सली कमांडर सीटू पिछले कुछ दिनों से ताड़मेटला गांव में रह रहा था। यह वही जगह है जहां अप्रैल 2010 में नक्सलियों ने सीआरपीएफ पर जानलेवा हमला किया था। इसमें 75 जवान शहीद हो गए थे।
यहां एक नक्सल रोधी ऑपरेशन में शामिल रहे एक अधिकारी ने बताया, हमें 22 अप्रैल को इस बात के रेग्यूलर इनपुट मिले थे कि दुर्दांत नक्सली कमांडर सीटू वहां ठहरा हुआ था। यह जगह हमले वाली जगह से बुर्कापाल से सात-8 किलोमीटर दूर है।
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सूत्रों ने कहा कि हमें सीटू और उसके समूह पर स्थानीय कैडर और मिलीशिया के सदस्यों द्वारा हमले की साजिश रचने का संदेह है। उन्होंने कहा कि नक्सलियों ने स्थानीय तौर पर बनाए गए तीरों पर विस्फोटक बांधकर उनका इस्तेमाल किया।
अधिकारी के मुताबिक, नक्सलियों की मिलिट्री बटालियन पर सोमवार की घटना में शामिल होने का संदेह है। इसकी अगुवाई हिडमा कर रहा था। वह बस्तर क्षेत्र और विशेष रूप से सुकमा में सक्रिय है। हिडमा ने सुरक्षा बलों पर कई हमले किए हैं। अधिकारी के मुताबिक, नक्सलियों की बटालियन की दो कंपनियां हैं। एक की अगुवाई सीटू और दूसरे की नागेश करता है।
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उन्होंने कहा, नक्सली कमांडर सीटू पिछले कुछ दिनों से ताड़मेटला गांव में रह रहा था। यह वही जगह है जहां अप्रैल 2010 में नक्सलियों ने सीआरपीएफ पर जानलेवा हमला किया था। इसमें 75 जवान शहीद हो गए थे।
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यहां एक नक्सल रोधी ऑपरेशन में शामिल रहे एक अधिकारी ने बताया, हमें 22 अप्रैल को इस बात के रेग्यूलर इनपुट मिले थे कि दुर्दांत नक्सली कमांडर सीटू वहां ठहरा हुआ था। यह जगह हमले वाली जगह से बुर्कापाल से सात-8 किलोमीटर दूर है।
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सूत्रों ने कहा कि हमें सीटू और उसके समूह पर स्थानीय कैडर और मिलीशिया के सदस्यों द्वारा हमले की साजिश रचने का संदेह है। उन्होंने कहा कि नक्सलियों ने स्थानीय तौर पर बनाए गए तीरों पर विस्फोटक बांधकर उनका इस्तेमाल किया।
अधिकारी के मुताबिक, नक्सलियों की मिलिट्री बटालियन पर सोमवार की घटना में शामिल होने का संदेह है। इसकी अगुवाई हिडमा कर रहा था। वह बस्तर क्षेत्र और विशेष रूप से सुकमा में सक्रिय है। हिडमा ने सुरक्षा बलों पर कई हमले किए हैं। अधिकारी के मुताबिक, नक्सलियों की बटालियन की दो कंपनियां हैं। एक की अगुवाई सीटू और दूसरे की नागेश करता है।