{"_id":"bb2afb82-c6dc-11e2-b793-d4ae52bc57c2","slug":"naxal-attack-in-chhattisgarh-failure-of-intelligence","type":"story","status":"publish","title_hn":"नक्सली हमलाः खुफिया तंत्र की नाकामी का नतीजा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नक्सली हमलाः खुफिया तंत्र की नाकामी का नतीजा
रायपुर/ब्यूरो
Updated Mon, 27 May 2013 08:20 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कांग्रेसी नेताओं पर हुए नक्सली हमले ने एक बार फिर सरकार के खुफिया तंत्र की पोल खोल दी है। पिछले लंबे समय से राज्य में नक्सली इंटेलीजेंस को लेकर सवाल उठते रहे हैं।
विज्ञापन
सलवा जुडूम आंदोलन के दौरान कार्यकर्ता पुलिस के लिए मुखबिरी का काम करते थे। मगर 2011 में आंदोलन पर रोक के बाद नक्सली गतिविधियों की जानकारी देने वाला कोई नहीं बचा। कुछ की हत्या कर दी गई, तो कुछ को नक्सलियों ने अपने साथ मिला लिया।
विज्ञापन
यही वजह थी कि सुकमा कलेक्टर के अपहरण और सीआरपीएफ के जवानों की हत्या के बाद पुलिस को नक्सलियों के बारे में जानकारी देने वाला एक व्यक्ति भी नहीं मिला।
राज्य पुलिस में फेरबदल लगभग तय
बताया जाता है कि राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में भी खुफिया तंत्र की नाकामी व एडीजी इंटेलीजेंस के काम करने के तरीके को लेकर टिप्पणी की गई। इन सब के बीच राज्य पुलिस में व्यापक फेरबदल लगभग तय है।
विज्ञापन
खुफिया प्रमुख के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक मुकेश गुप्ता के स्थान पर एडीजी (नक्सल आपरेशन) आरके विज कमान संभाल सकते हैं। सुकमा के एसपी व अन्य अधिकारियों पर भी गाज गिर सकती है।
गौरतलब है कि भारी हथियारों से लैस नक्सलियों ने शनिवार को छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले में कांग्रेसी नेताओं के काफिले पर घात लगाकर हमला किया था।
हमलावरों ने कांग्रेस नेता महेंद्र कर्मा, प्रदेश कांग्रेस प्रमुख नंद कुमार पटेल, उनके बेटे दिनेश पटेल और पूर्व विधायक उदय मुदलियार समेत 28 लोगों को मार डाला था। पूर्व केंद्रीय मंत्री वीसी शुक्ला समेत 32 लोग घायल हुए थे।
ग्रीन हंट के चलते कांग्रेस नेता निशाने पर
ग्रीन हंट आपरेशन के चलते भी कांग्रेसी नेता नक्सलियों के निशाने पर थे। बस्तर के जंगलों में तैनात केंद्रीय बल के चलते नक्सलियों को अपना प्रभाव बढ़ाने में दिक्कत आ रही है। कुछ दिनों पहले जगदलपुर से करीब पांच किलोमीटर दूर दूरदर्शन केंद्र पर हमला कर नक्सली अपना गुस्सा भी जाहिर कर चुके हैं।