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उत्तर प्रदेश और छत्तीसगढ़ में MoU: अब दोनों राज्यों के कलाकारों को मिलेगा ये लाभ, बस करना होगा ये काम
Thu, 19 Dec 2024 05:25 PM IST
ललित कुमार सिंह
अमर उजाला ब्यूरो, रायपुर
अमर उजाला ब्यूरो, रायपुर
Published by: ललित कुमार सिंह
Updated Thu, 19 Dec 2024 05:25 PM IST
सार
MoU between Uttar Pradesh and Chhattisgarh: 'एक भारत-श्रेष्ठ भारत' योजना के तहत छत्तीसगढ़ और उत्तर प्रदेश में एक समझौता हुआ है।
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उत्तर प्रदेश और छत्तीसगढ़ में MoU
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
MoU between Uttar Pradesh and Chhattisgarh: 'एक भारत-श्रेष्ठ भारत' योजना के तहत छत्तीसगढ़ और उत्तर प्रदेश में एक समझौता हुआ है। छत्तीसगढ़ संस्कृति विभाग और उत्तर प्रदेश संस्कृति विभाग के बीच हुए एमओयू से दोनों राज्यों की सांस्कृतिक विरासत को मजबूती मिलेगी। समझौते से उत्तरप्रदेश और छत्तीसगढ़ के सांस्कृतिक संबंधों के एक नए दौर की शुरुआत होगी, जिससे दोनों राज्यों के कलाकार लाभान्वित होंगे।
दोनों राज्यों के स्थापना दिवस सहित राष्ट्रीय पर्वों के साथ ही अन्य महत्वपूर्ण अवसरों पर दोनों राज्यों के सांस्कृतिक कलाकार एक-दूसरे के राज्यों में प्रस्तुति दे सकेंगे। दोनों राज्यों के विविध सांस्कृतिक विधाओं के क्षेत्र में परस्पर विनिमय से दोनों राज्यों के कलाकार और सांस्कृतिक कर्मियों को लाभ होगा। प्राचीन काल से दोनों राज्यों के मध्य स्थापित संबंधों में प्रगाढ़ता आएगी।
बता दें कि छत्तीसगढ़ रामायणकालीन अयोध्या की महारानी और श्रीराम की माता कौशल्या का मायका था। श्रीराम ने अपने वनवास का अधिकांश समय इसी क्षेत्र में व्यतीत किया था। यहां माता कौशल्या की जन्मस्थली चंदखुरी, लवकुश की जन्मस्थली तुरतुरिया और शबरी का आश्रम शिवरीनारायण होने की मान्यता जन-जन में आज भी जीवंत है। एमओयू के दौरान उत्तरप्रदेश सरकार की ओर से संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह और उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय और छत्तीसगढ़ शासन संस्कृति विभाग की ओर से उप संचालक डॉ.पीसी पारख मौजूद रहे।
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दोनों राज्यों के स्थापना दिवस सहित राष्ट्रीय पर्वों के साथ ही अन्य महत्वपूर्ण अवसरों पर दोनों राज्यों के सांस्कृतिक कलाकार एक-दूसरे के राज्यों में प्रस्तुति दे सकेंगे। दोनों राज्यों के विविध सांस्कृतिक विधाओं के क्षेत्र में परस्पर विनिमय से दोनों राज्यों के कलाकार और सांस्कृतिक कर्मियों को लाभ होगा। प्राचीन काल से दोनों राज्यों के मध्य स्थापित संबंधों में प्रगाढ़ता आएगी।
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बता दें कि छत्तीसगढ़ रामायणकालीन अयोध्या की महारानी और श्रीराम की माता कौशल्या का मायका था। श्रीराम ने अपने वनवास का अधिकांश समय इसी क्षेत्र में व्यतीत किया था। यहां माता कौशल्या की जन्मस्थली चंदखुरी, लवकुश की जन्मस्थली तुरतुरिया और शबरी का आश्रम शिवरीनारायण होने की मान्यता जन-जन में आज भी जीवंत है। एमओयू के दौरान उत्तरप्रदेश सरकार की ओर से संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह और उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय और छत्तीसगढ़ शासन संस्कृति विभाग की ओर से उप संचालक डॉ.पीसी पारख मौजूद रहे।
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