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लापता बेटियों के इंतजार में पथराईं मां-बाप की आंखें
रायपुर/इंटरनेट डेस्क
Updated Thu, 04 Apr 2013 03:49 PM IST
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पूरे देश में लड़कियों और महिलाओं की सुरक्षा सरकार के लिए बहुत बड़ी चुनौती साबित हो रही है। इनके खिलाफ अपराधों में भी कोई कमी नहीं आई है। छत्तीसगढ़ में पिछले तीन सालों में पांच हजार से अधिक लड़कियां लापता हुई हैं तो दस हजार से अधिक महिलाओं का कोई सुराग नहीं है। इनके इंतजार में मां-बाप की आंखें पथरा गई हैं।
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विभागीय सूत्रों के अनुसार राज्य में पिछले तीन सालों में 5622 लड़कियां गायब हुई हैं तो वहीं 10,712 महिलाएं लापता हैं। पुलिस को अब तक इनके बारे में कोई पता नहीं चल पाया है।
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साल 2011-12 में सबसे अधिक गुमशुदगी दर्ज की गई। उस साल 1961 लड़कियां व 3822 महिलाएं गुम हुईं। जिसमें रायपुर जिले से सबसे अधिक 922 लड़कियां व 1663 महिलाएं शामिल हैं।
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दुर्ग जिलें में 527 लड़कियां और 1565 महिलाएं गायब हैं। ऐसे ही नक्सल प्रभावित जिले सुकमा, दंतेवाड़ा, बीजापुर, कोण्डागांव और जगदलपुर से भी महिलाएं व लड़कियां गायब हुई हैं। इनमें से कई महिलाएं व लड़कियों के माओवादियों के साथ शामिल होने की आशंका भी जताई जा रही है।
कुछ लोग इसे प्रेम प्रसंग और कुछ इसे अच्छे काम धंधे का लालच देकर फंसाने का कारण मानते हैं।