Balod: मंत्री अनिला भेड़िया ने की मिलेट्स कैफे की शुरुआत, बोलीं- छत्तीसगढ़ की मिलेट्स को लेकर PM भी प्रभावित
मंत्री अनिला भेड़िया ने कहा कि दुनियाभर में साल 2023 को इंटरनेशनल मिलेट्स ईयर के रूप में मनाया जा रहा है। इसी कड़ी में बालोद में अब जिले के पहले मिलेट्स कैफे की शुरुआत हो गई है।
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बालोद शहर के हृदय स्थल दूधगंगा के समीप जिला प्रशासन एवं नगर पालिका द्वारा आज से मिलेट्स कैफे की शुरुआत की गई है छत्तीसगढ़ की महिला एवं बाल विकास मंत्री अनिला भेड़िया ने इसकी शुरुआत की उन्होंने यहां पर नेता जनप्रतिनिधियों एवं कलेक्टर पुलिस अधीक्षक के साथ यहां पर नाश्ते का आनंद भी लिया इस दौरान उन्होंने कहा कि मिलेट्स कैफे राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजना के तहत संचालित है शुरुआत से ही यह सफलता की ओर अग्रसर है। छत्तीसगढ़ के मिलेट्स कैफे की चर्चा दिल्ली तक हो रही है। इस दौरान विधायक संजरी बालोद संगीता सिन्हा, नगर पालिका अध्यक्ष विकास चोपड़ा, कलेक्टर कुलदीप शर्मा, पुलिस अधीक्षक जितेंद्र कुमार यादव मौजूद रहे।
मिलेगा मिलेट्स का स्वाद
मंत्री अनिला भेड़िया ने कहा कि दुनियाभर में साल 2023 को इंटरनेशनल मिलेट्स ईयर के रूप में मनाया जा रहा है। इसी कड़ी में बालोद में अब जिले के पहले मिलेट्स कैफे की शुरुआत हो गई है। इस कैफे में सेहत के लिए भरपूर मिलेट्स के व्यंजन का स्वाद लोग ले सकेंगे। मंत्री ने कहा कि इस मिलेट्स कैफे में कोदो, कुटकी ,रागी समेत अन्य लघु धान्य फसलों से निर्मित व्यंजन जैसे इडली, डोसा, पोहा, उपमा ,भजिया खीर ,हलवा, कुकीज , मोल्ड के साथ छत्तीसगढ़ के पारंपरिक व्यंजन लोगों के लिए उपलब्ध रहेंगे। मिलेट्स के सभी उत्पाद सेहत के लिए भरपूर फायदेमंद है।
हर वर्ग के स्वाद का रखा जा रहा ख्याल
प्रदेश की महिला एवं बाल विकास मंत्री अनिला भेड़िया ने कहा कि इस मिलेट्स कैफे में हर वर्ग हर उम्र के लोगों के स्वाद का ख्याल रखा जा रहा है। ऐसे लोग जो ज्यादा हैवी भोजन नहीं कर पाते उनके लिए भी हल्के भोजन मिलेंगे। उम्रदराज लोगों के लिए भी भोजन की व्यवस्था रहेगी उन्होंने कहा कि एक छत के नीचे मिलेट्स कि सारे व्यंजन मिलेंगे और यह स्वाद के लिए सेहत के लिए सर्वोत्तम है।
देश के प्रधानमंत्री ने ली प्रेरणा
मंत्री अनिला भेड़िया ने कहा कि मिलेट्स कैफे की शुरुआत सबसे पहले रायगढ़ जिले से हुई थी। देश के प्रधानमंत्री ने भी मिल मिलेट्स कैफे की सफलता को स्वीकारा है और उन्होंने भी छत्तीसगढ़ की इस योजना से प्रेरित होकर पूरे देश भर में मिलेट्स कैफे खोलने की बात कही है इससे यह सिद्ध होता है कि मिलेट्स एक महत्वाकांक्षी योजना है साथ ही बालोद में इसकी शुरुआत हो रही है। छोटा जिला है लेकिन अधिकारियों के प्रयास से यहां इसकी शुरुआत हुई इसके लिए मैं सभी का धन्यवाद देती हूं।
मिलेट क्या होता है
नगर पालिका अध्यक्ष विकास चोपड़ा ने बताया कि मोटे अनाज को मिलेट कहते हैं। यह 2 प्रकार का होता है एक मोटा दाना और दूसरा छोटा दाना। मिलेट में ज्वार (शबर्त), बाजरा, रागी (मडुआ), झंगोरा, बैरी, कंगनी, कुटकी ( (लघु धान्य), कोदो, चेना (चीना), सामा या सांवा और जौ आदि आते हैं। खुशी है की बालोद नगर पालिका क्षेत्र में ये प्राकृतिक उत्पाद मिलने वाले हैं।