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पांच हजार शादियां करने वाला शख्स गिरफ्तार

Sat, 07 Sep 2013 06:34 PM IST
Updated Sat, 07 Sep 2013 06:34 PM IST
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छत्तीसगढ़ पुलिस का दावा है कि उसने गुरुवार को राजनंद गांव में विजय गजभैय्ये नाम के एक ऐसे शख़्स को गिरफ्तार किया है जिस पर सरकार से प्रोत्साहन राशि पाने के लिए पांच हजार शादियां करने का आरोप है।

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गिरफ्तारी के बाद 47 साल के विजय गजभैय्ये ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि उन्हें याद नहीं कि उन्होंने कितनी शादियां की हैं। हालांकि अंदाज़ा लगाते हुए उन्होंने कहा, "पांच-छह हज़ार शादियां तो की होंगी श्रीमान।"
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हालांकि इस मामले में राजनंदगांव के सीएसपी शशिमोहन सिंह का कहना है, "विजय की हर बात पर आंख मूंद कर विश्वास नहीं किया जा सकता। आरंभिक जाँच के बाद फ़िलहाल तो पुलिस ने धोखाधड़ी और दस्तावेजों के साथ जालसाज़ी के लिए क्रमशः धारा 420, 467 और 468 के तहत मामले दर्ज किए हैं।"
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शशिमोहन सिंह कहते हैं, "मेरे लिए यक़ीन करना मुश्किल है कि उन्होंने हजारों की संख्या में शादियाँ की होगीं। लेकिन उन्होंने जितनी भी शादियाँ की होंगी, उसके बारे में शिकायत मिलने पर हम जाँच पड़ताल करके आगे की कार्रवाई करेंगे।"

छत्तीसगढ़ में आदिम जाति और अनुसूचित जाति विकास विभाग द्वारा किसी सवर्ण और अनुसूचित जाति के लड़के-लड़की के बीच होनेवाली अन्तरजातीय शादी पर प्रोत्साहन राशि दिए जाने का प्रावधान है।

सरकार की इस अन्तरजातीय विवाह प्रोत्साहन योजना में पहले ऐसी शादी करनेवाले दंपत्ति को छह हजार रुपए की राशि दी जाती थी।

प्रोत्साहन राशि

अगस्त 2009 में यह राशि बढ़ाकर 25 हज़ार रुपए कर दी गई और दो साल बाद जुलाई 2011 में ऐसी शादी करने वाले दंपत्ति को 50,000 रुपया दिया जाने लगा।

विजय गजभैय्ये पर आरोप है कि उन्होंने अन्तर्जातीय विवाह प्रोत्साहन योजना की रकम हड़पने के चक्कर में कुछ सरकारी कर्मचारियों की मिली भगत से सैंकड़ों शादियां कीं।

पुलिस के मुताबिक इसके लिए वो हर बार छत्तीसगढ़ के अलग-अलग जिलों में किसी लड़की के साथ कोर्ट में शादी करने का दस्तावेज पेश करते और फिर शादी के उस प्रमाण पत्र के सहारे वो अन्तर्जातीय विवाह प्रोत्साहन योजना की रक़म पाते थे।

विजय का कहना है, "यह सब करना आसान नहीं था, उसके लिए लड़की की व्यवस्था करनी पड़ती थी। उन्हें पत्नी बनाना पड़ता था। हमलोग कलक्टर साहब के सामने खड़े हो कर आवेदन करते थे कि हमदोनों कोर्ट मैरेज करना चाहते हैं। इसके बाद दोनों पति-पत्नी बन कर मांग भरी हुई शादी की फोटो पेश करते थे। तब कहीं जा कर हमारी अन्तर्जातीय शादी होती थी और प्रशासन द्वारा 20 हजार रुपए मिलते थे।"


पुलिस का दावा है कि विजय के पास से उन्होंने कई तरह के प्रमाण पत्र, कई कलक्टरों और दूसरे बड़े अफसरों के कार्यालयों की सील-मुहर भी बरामद की हैं, जिनका दुरुपयोग विजय इस ठगी को अंजाम देने के लिए करते थे।

विजय फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं।

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