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'माता कौशल्या महोत्सव': मशहूर सिंगर कविता पौडवाल, मैथिली और व्योमेश आज भगवान राम के ननिहाल में बांधेंगे समा
Sun, 23 Apr 2023 12:14 PM IST
ललित कुमार सिंह
अमर उजाला ब्यूरो, रायपुर
अमर उजाला ब्यूरो, रायपुर
Published by: ललित कुमार सिंह
Updated Sun, 23 Apr 2023 12:14 PM IST
सार
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर स्थित चंदखुरी में 22 से 24 अप्रैल तक 'माता कौशल्या महोत्सव' मनाया जा रहा है। इसी क्रम में आज 23 अप्रैल को दूसरे दिन क्लासिकल सिंगर मैथिली ठाकुर अपने भक्तिमय गीतों से समा बांधेंगी। मशहूर गायक कविता पौडवाल के भक्तिमय भजन और व्योमेश शुक्ल के श्रीराम की शक्ति पूजा कार्यक्रम का मंचन होगा।
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कवित पौडवाल, मैथिली ठाकुर, व्योमेश शुक्ल
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर स्थित चंदखुरी में 22 से 24 अप्रैल तक 'माता कौशल्या महोत्सव' मनाया जा रहा है। इसी क्रम में आज 23 अप्रैल को दूसरे दिन क्लासिकल सिंगर मैथिली ठाकुर अपने भक्तिमय गीतों से समा बांधेंगी। मशहूर गायक कविता पौडवाल के भक्तिमय भजन और व्योमेश शुक्ल के श्रीराम की शक्ति पूजा कार्यक्रम का मंचन होगा।
इन दोनों कलाकारों की प्रस्तुति महोत्सव के पहले दिन होनी थी, लेकिन प्रदेश में
खराब मौसम की वजह से इनकी प्रस्तुति आज महोत्सव के दूसरे दिन होगी। दूसरे दिन दर्शक मुंबई से आई रमिंदर खुराना के भक्तिमय शास्त्रीय नृत्य-वाटिका की प्रस्तुति का भी आनंद ले सकेंगे। छत्तीसगढ भिलाई के रहने वाले प्रभंजय चतुर्वेदी भी अपने भक्तिमय गीत-संगीत व भजनों को महोत्सव के दूसरे दिन दर्शकों के सामने प्रस्तुत करेंगे।
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महोत्सव के दूसरे दिन मुख्य अतिथि विधानसभा अध्यक्ष चरणदास महंत, विशिष्ट अतिथि पर्यटन मंत्री ताम्रध्वज साहू, कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे और नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ शिवकुमार डहरिया उपस्थित होंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्कृति मंत्री अमरजीत भगत करेंगे।
कौशल्या महोत्सव कार्यक्रम के लिए भव्य और आकर्षक मंच बनाया गया है। मंदिर परिसर में पर्यटन विभाग की ओर से तैयार पर्यटन कैफे में सैलानी छत्तीसगढ़ी व्यंजन सहित मिलेट्स कैफे का आनंद ले रहे हैं।
स्व-सहायता समूह की स्टॉलों में छत्तीसगढ़ी संस्कृति की झलक
महिलाओं को सशक्त बनाने के उद्देश्य से राज्य सरकार मेला, उत्सवों एवं अन्य प्रदर्शनी आदि कार्यक्रमों के अवसर पर स्व-सहायता समूह की ओर से उत्पादित वस्तुओं के विक्रय एवं प्रचार-प्रसार के लिए बाजार उपलब्ध कराया गया है।
महिला स्व-सहायता के उत्पादित वस्तुओं को बेचने के लिए यहां नौ स्टॉल लगे हैं, जहां छत्तीसगढ़ी संस्कृति की झलक देखने को मिल रही है।
दिखेगा वॉटर, लेजर, लाइट एवं साउंड का रोमांच
यहां पर श्रद्धालुओं को एक नए रोमांच का अनुभव देखने को मिल रहा है। राम वनगमन पर्यटन परिपथ के अंतर्गत चंदखुरी के कौशल्या धाम परिसर में 10 करोड़ की लागत से तैयार वॉटर, लेजर, लाइट एवं साउंड शो भी चल रहा है। श्रद्धालु माता कौशल्या धाम में वाटर, लाइट एवं लेजर शो के माध्यम से भगवान राम के वनवास और वनगमन पथ की कहानियों को सुन और देख रहे हैं। इस शो में माता कौशल्या के जीवन चरित्र को दिखाया जा रहा है।
जानें, क्यों खास है भगवान राम की माता कौशल्या का मायका
कैलाश खेर, कविता पौडवाल, मैथिली ठाकुर देंगे प्रस्तुति
महोत्सव के अंतिम दिन देश के प्रख्यात गायक पद्म कैलाश खेर भी प्रभू श्रीराम के ननिहाल चंदखुरी में अपनी प्रस्तुति देंगे।
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इन दोनों कलाकारों की प्रस्तुति महोत्सव के पहले दिन होनी थी, लेकिन प्रदेश में
खराब मौसम की वजह से इनकी प्रस्तुति आज महोत्सव के दूसरे दिन होगी। दूसरे दिन दर्शक मुंबई से आई रमिंदर खुराना के भक्तिमय शास्त्रीय नृत्य-वाटिका की प्रस्तुति का भी आनंद ले सकेंगे। छत्तीसगढ भिलाई के रहने वाले प्रभंजय चतुर्वेदी भी अपने भक्तिमय गीत-संगीत व भजनों को महोत्सव के दूसरे दिन दर्शकों के सामने प्रस्तुत करेंगे।
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महोत्सव के दूसरे दिन मुख्य अतिथि विधानसभा अध्यक्ष चरणदास महंत, विशिष्ट अतिथि पर्यटन मंत्री ताम्रध्वज साहू, कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे और नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ शिवकुमार डहरिया उपस्थित होंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्कृति मंत्री अमरजीत भगत करेंगे।
कौशल्या महोत्सव कार्यक्रम के लिए भव्य और आकर्षक मंच बनाया गया है। मंदिर परिसर में पर्यटन विभाग की ओर से तैयार पर्यटन कैफे में सैलानी छत्तीसगढ़ी व्यंजन सहित मिलेट्स कैफे का आनंद ले रहे हैं।
स्व-सहायता समूह की स्टॉलों में छत्तीसगढ़ी संस्कृति की झलक
महिलाओं को सशक्त बनाने के उद्देश्य से राज्य सरकार मेला, उत्सवों एवं अन्य प्रदर्शनी आदि कार्यक्रमों के अवसर पर स्व-सहायता समूह की ओर से उत्पादित वस्तुओं के विक्रय एवं प्रचार-प्रसार के लिए बाजार उपलब्ध कराया गया है।
महिला स्व-सहायता के उत्पादित वस्तुओं को बेचने के लिए यहां नौ स्टॉल लगे हैं, जहां छत्तीसगढ़ी संस्कृति की झलक देखने को मिल रही है।
दिखेगा वॉटर, लेजर, लाइट एवं साउंड का रोमांच
यहां पर श्रद्धालुओं को एक नए रोमांच का अनुभव देखने को मिल रहा है। राम वनगमन पर्यटन परिपथ के अंतर्गत चंदखुरी के कौशल्या धाम परिसर में 10 करोड़ की लागत से तैयार वॉटर, लेजर, लाइट एवं साउंड शो भी चल रहा है। श्रद्धालु माता कौशल्या धाम में वाटर, लाइट एवं लेजर शो के माध्यम से भगवान राम के वनवास और वनगमन पथ की कहानियों को सुन और देख रहे हैं। इस शो में माता कौशल्या के जीवन चरित्र को दिखाया जा रहा है।
जानें, क्यों खास है भगवान राम की माता कौशल्या का मायका
- राज्य सरकार ने माता कौशल्या की जन्मभूमि चंदखुरी के वैभव को विश्व पटल पर स्थापित करने और प्रदेश की कला, संस्कृति एवं पर्यटन को बढ़ावा देने, महिला सशक्तिकरण, कार्यशील कलाकारों के संरक्षण, संवर्धन एवं कला दलों के सतत् विकास के लिए इस वर्ष गणतंत्र दिवस के अवसर पर माता कौशल्या महोत्सव मनाने की घोषणा की थी। माता कौशल्या मंदिर पूरे देश में एक मात्र प्राचीन मंदिर है।
- छत्तीसगढ़ की शस्य श्यामला भूमि में रामायण काल की अनेक घटनाएं घटित हुई हैं, जिसका प्रमाण यहां की लोक संस्कृति, लोक कला, दंत कथा और लोकोक्तियाँ हैं। विभिन्न शोधपत्रों, अभिलेखों एवं मान्यता अनुसार भगवान श्रीराम ने अपना वनवास काल छत्तीसगढ़ में विभिन्न स्थानों पर व्यतीत किया। चंदखुरी को भगवान श्रीराम का ननिहाल माना जाता है, जो दक्षिण कोसल के नाम से पूरे देश में प्रसिद्ध है।
- चंदखुरी स्थित माता कौशल्या धाम, राम वनगमन पर्यटन परिपथ का अतिमहत्वपूर्ण स्थल है। यह स्थल राजधानी रायपुर से मात्र 27 कि.मी. की दूरी पर स्थित है । 126 तालाबों वाले इस गांव में जलसेन तालाब के बीच में माता कौशल्या का एतिहासिक मंदिर स्थित है, जो पूरे भारत में सिर्फ यहीं पर है। प्रभु श्रीराम को गोद में लिए हुए माता कौशल्या की अद्भुत प्रतिमा इस मंदिर को दुर्लभ बनाती है ।
- राम वगनमन पर्यटन परिपथ के अंतर्गत चंदखुरी में घाट का विकास एवं पैगौड़ा, प्रशासनिक ऑफिस, पब्लिक टॉयलेट, ज्योत हॉल, ब्रिज, एप्रोच रोड एवं फैसिलिटी, तालाब, लैंड स्केपिंग एंड फैसिंग, इलेक्ट्रिफिकेशन, इंटरनल और एक्सटरनल प्लंबिंग, बड़ा प्रवेश द्वार, तालाब गहरीकरण, रिटेनिंग वॉल, दीप स्तंभ, श्रीराम स्टेच्यू एवं गेट के काम पूरे हो चुके हैं।
कैलाश खेर, कविता पौडवाल, मैथिली ठाकुर देंगे प्रस्तुति
महोत्सव के अंतिम दिन देश के प्रख्यात गायक पद्म कैलाश खेर भी प्रभू श्रीराम के ननिहाल चंदखुरी में अपनी प्रस्तुति देंगे।