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गल्ला गोदाम में लगी भीषण आग: फायर ब्रिगेड-पुलिस से नहीं मिली मदद, स्थानीय लोगों की सूझबूझ से टला बड़ा हादसा
Thu, 02 Oct 2025 10:11 AM IST
Lalit Kumar Singh
अमर उजाला नेटवर्क, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही
अमर उजाला नेटवर्क, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही
Published by: Lalit Kumar Singh
Updated Thu, 02 Oct 2025 10:11 AM IST
सार
गल्ला गोदाम में तड़के सुबह भीषण आग लग गई। यह हादसा मोती चंद जैन के घर के पीछे स्थित बबलू गुप्ता के गल्ला गोदाम में हुआ। आग लगने का अंदाजा सुबह करीब 4 बजे घरवालों को हुआ, जब उन्होंने धुंआ और लपटें उठती देखीं।
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गल्ला गोदाम में लगी भीषण आग
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
गौरेला-पेंड्रा-मारवाही जिले के पेंड्रा के लोहतरैया तालाब क्षेत्र में स्थित गल्ला गोदाम में तड़के सुबह भीषण आग लग गई। यह हादसा मोती चंद जैन के घर के पीछे स्थित बबलू गुप्ता के गल्ला गोदाम में हुआ। आग लगने का अंदाजा सुबह करीब 4 बजे घरवालों को हुआ, जब उन्होंने धुंआ और लपटें उठती देखीं।
गोदाम में आग तेजी से फैलने लगी। परिजनों ने तुरंत फायर ब्रिगेड और पुलिस थाने में मदद मांगी, लेकिन वहां से कोई सहायता नहीं मिल सकी। बताया गया कि फायर ब्रिगेड की गाड़ी की बैटरी खराब होने के कारण समय पर मदद नहीं पहुंच पाई। इसके बाद स्थानीय लोगों ने खुद मोर्चा संभाला और करीब 4 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। हालांकि तब तक गोदाम में रखा गल्ले का सारा सामान जलकर खाक हो चुका था।
गनीमत यह रही कि आग पास वाले कमरे में रखी दोना-पत्ता बनाने की मशीन तक नहीं पहुंची, जिससे बड़ा नुकसान टल गया। फिर भी इस हादसे में लाखों रुपये का माल जलकर नष्ट हो गया है। प्रथम दृष्टया आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है।
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गोदाम में आग तेजी से फैलने लगी। परिजनों ने तुरंत फायर ब्रिगेड और पुलिस थाने में मदद मांगी, लेकिन वहां से कोई सहायता नहीं मिल सकी। बताया गया कि फायर ब्रिगेड की गाड़ी की बैटरी खराब होने के कारण समय पर मदद नहीं पहुंच पाई। इसके बाद स्थानीय लोगों ने खुद मोर्चा संभाला और करीब 4 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। हालांकि तब तक गोदाम में रखा गल्ले का सारा सामान जलकर खाक हो चुका था।
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गनीमत यह रही कि आग पास वाले कमरे में रखी दोना-पत्ता बनाने की मशीन तक नहीं पहुंची, जिससे बड़ा नुकसान टल गया। फिर भी इस हादसे में लाखों रुपये का माल जलकर नष्ट हो गया है। प्रथम दृष्टया आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है।
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