{"_id":"593faf388664198e5d8b46a5","slug":"maoists-spreading-their-footprint-in-three-states","type":"story","status":"publish","title_hn":"छत्तीसगढ़ः माओवादी 3 राज्यों में फैला रहे अपना नेटवर्क","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
छत्तीसगढ़ः माओवादी 3 राज्यों में फैला रहे अपना नेटवर्क
amarujala.com- presented by: अभिषेक तिवारी
Updated Tue, 13 Jun 2017 02:54 PM IST
विज्ञापन
माओवादी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
माओवादी 3 राज्यों में अपना नेटवर्क फैलाने की योजना बना रहे हैं। माओवादियों के इन नए इलाकों में मध्यप्रदेश के बालाघाट, महाराष्ट्र के गोंडिया,उत्तरी राजनांदगांव और छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री रमन सिंह के गृह जिला कबीरधाम और मुंगेली के कुछ हिस्से इसमें शामिल हैं।
छत्तीसगढ़ में काम करने वाले लेफ्ट विंग उग्रवादी, जो काफी हद तक दक्षिण में बस्तर क्षेत्र तक ही सीमित थे, लेकिन वह पश्चिमी सीमा पर अपना नया क्षेत्र बनाने का प्रयास कर रहे हैं। राज्य पुलिस की ओर से मिले माओवादी दस्तावेज के मुताबिक माओवादी नए इलाकों में मध्य प्रदेश के बालाघाट, महाराष्ट्र में गोंडिया, और उत्तरी राजनांदगांव और छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री रमन सिंह के गृह जिले कबीरधाम और मुंगेली के कुछ हिस्सों में अपने जोन शुरू कर रहे हैं।
बताते चले कि माओवादियों से पुलिस ने 25 पन्नों के दस्तावेज इसी साल अप्रैल में बरामद किए थे, जिनसे जानकारी मिली है कि बस्तर विशेष क्षेत्रीय समिति की तरह माओवादी अन्य अन्य राज्यों में भी अपने समूह केंद्र बनाने का प्लान कर रहे हैं। इसके अलावा दस्तावेजों में मिली जानकारी में ये नए जोन साल की प्रगति की समीक्षा, किसानों के मुद्दे विशेष रूप से उनकी जमीन की समस्या, विभिन्न राज्यों में बांस का मूल्य साथ ही नोटबंदी तथा उनका दिल जीतने व उनका नेतृत्व करने के लिए काम करेगा।
विज्ञापन
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने मार्च 2017 में "एमएमसी लीडिंग टीम" द्वारा लिखित दस्तावेज की सामग्री की पुष्टि की थी। इसके साथ कहा था कि यह इस क्षेत्र में कम से कम आठ सालों में माओवादियों की ओर अपने विस्तार का प्रतीक है।
विज्ञापन
छत्तीसगढ़ में काम करने वाले लेफ्ट विंग उग्रवादी, जो काफी हद तक दक्षिण में बस्तर क्षेत्र तक ही सीमित थे, लेकिन वह पश्चिमी सीमा पर अपना नया क्षेत्र बनाने का प्रयास कर रहे हैं। राज्य पुलिस की ओर से मिले माओवादी दस्तावेज के मुताबिक माओवादी नए इलाकों में मध्य प्रदेश के बालाघाट, महाराष्ट्र में गोंडिया, और उत्तरी राजनांदगांव और छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री रमन सिंह के गृह जिले कबीरधाम और मुंगेली के कुछ हिस्सों में अपने जोन शुरू कर रहे हैं।
विज्ञापन
बताते चले कि माओवादियों से पुलिस ने 25 पन्नों के दस्तावेज इसी साल अप्रैल में बरामद किए थे, जिनसे जानकारी मिली है कि बस्तर विशेष क्षेत्रीय समिति की तरह माओवादी अन्य अन्य राज्यों में भी अपने समूह केंद्र बनाने का प्लान कर रहे हैं। इसके अलावा दस्तावेजों में मिली जानकारी में ये नए जोन साल की प्रगति की समीक्षा, किसानों के मुद्दे विशेष रूप से उनकी जमीन की समस्या, विभिन्न राज्यों में बांस का मूल्य साथ ही नोटबंदी तथा उनका दिल जीतने व उनका नेतृत्व करने के लिए काम करेगा।
विज्ञापन
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने मार्च 2017 में "एमएमसी लीडिंग टीम" द्वारा लिखित दस्तावेज की सामग्री की पुष्टि की थी। इसके साथ कहा था कि यह इस क्षेत्र में कम से कम आठ सालों में माओवादियों की ओर अपने विस्तार का प्रतीक है।