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'मन की बात': पीएम मोदी ने की छत्तीसगढ़ के ‘हमर हाथी-हमर गोठ’ रेडियो कार्यक्रम की तारीफ, कहा- अनूठी मिसाल है ये
Sun, 28 Jan 2024 08:40 PM IST
ललित कुमार सिंह
अमर उजाला ब्यूरो, रायपुर/रायगढ़
अमर उजाला ब्यूरो, रायपुर/रायगढ़
Published by: ललित कुमार सिंह
Updated Sun, 28 Jan 2024 08:40 PM IST
सार
'Hamar Hathi-Hamar Goth' radio program in Mann Ki Baat; PM Modi: मन की बात कार्यक्रम में आज रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छत्तीसगढ़ में हाथियों के विचरण की सूचनाओं पर आधारित आकाशवाणी कार्यक्रम 'हमर हाथी-हमर गोठ' की खूत तारीफ की।
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मन की बात में पीएम मोदी ने की छत्तीसगढ़ के ‘हमर हाथी-हमर गोठ’ रेडियो कार्यक्रम की तारीफ
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
'Hamar Hathi-Hamar Goth' radio program in Mann Ki Baat; PM Modi: मन की बात कार्यक्रम में आज रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छत्तीसगढ़ में हाथियों के विचरण की सूचनाओं पर आधारित आकाशवाणी कार्यक्रम 'हमर हाथी-हमर गोठ' की खूब तारीफ की। उन्होंने कहा कि रेडियो की ताकत कितना बदलाव ला सकती है, इसकी एक अनूठी मिसाल छत्तीसगढ़ में देखने को मिल रही है। करीब 7 वर्षों से यहां रेडियो पर एक लोकप्रिय कार्यक्रम चल है, जिसका नाम है ‘हमर हाथी-हमर गोठ’। नाम सुनकर आपको लग सकता है कि रेडियो और हाथी का भला क्या कनेक्शन हो सकता है, लेकिन यही तो रेडियो की खूबी है।
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उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में आकाशवाणी के चार केन्द्रों अंबिकापुर, रायपुर, बिलासपुर और रायगढ़ से हर शाम इस कार्यक्रम का प्रसारण होता है आपको जानकर हैरानी होगी कि छत्तीसगढ़ के जंगल और उसके आसपास के इलाके में रहने वाले बड़े ध्यान से इस कार्यक्रम को सुनते हैं। ‘हमर हाथी - हमर गोठ’ कार्यक्रम में बताया जाता है कि हाथियों का झुण्ड जंगल के किस इलाके से गुजर रहा है। ये जानकारी यहां के लोगों के बहुत काम आती है। लोगों को जैसे ही रेडियो से हाथियों के झुण्ड के आने की जानकारी मिलती है, वो सावधान हो जाते हैं। जिन रास्तों से हाथी गुजरते हैं, उधर जाने का खतरा टल जाता है। इससे जहां एक ओर हाथियों के झुण्ड से नुकसान की संभावना कम हो रही है, वहीं हाथियों के बारे में डेटा जुटाने में मदद मिलती है। इस डेटा के उपयोग से भविष्य में हाथियों के संरक्षण में भी मदद मिलेगी।
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'आसान हुआ लोगों और हाथियों के साथ तालमेल बैठाना'
उन्होंने कहा कि यहां हाथियों से जुड़ी जानकारी सोशल मीडिया के जरिए भी लोगों तक पहुंचाई जा रही है। इससे जंगल के आसपास रहने वाले लोगों को हाथियों के साथ तालमेल बिठाना आसान हो गया है। छत्तीसगढ़ की इस अनूठी पहल और इसके अनुभवों का लाभ देश के दूसरे वन क्षेत्रों में रहने वाले लोग भी उठा सकते हैं।
वैद्यराज पद्मश्री हेमचंद मांझी की भी प्रशंसा की
मन की बात कार्यक्रम के 109वें संस्करण में पीएम मोदी ने नारायणपुर के "वैद्यराज पद्मश्री हेमचंद मांझी" के सामाजिक कार्यों को सराहा। उन्होंने कहा कि उनकी आयुष चिकित्सा पद्धति से पिछले 5 दशकों से गरीब मरीजों की सेवा सराहनीय है। प्रधानमंत्री जी ने आयुर्वेद और हर्बल मेडिसिन के संरक्षण की दिशा में उनके किये गए कार्यों की प्रशंसा की।
राज्य के 4 आकाशवाणी केंद्रों में सुन सकते हैं ये कार्यक्रम
'हमर हाथी-हमर गोठ' कार्यक्रम के प्रस्तुतकर्ता अमलेन्दु मिश्र ने बताया कि कार्यक्रम छत्तीसगढ़ राज्य के चार आकाशवाणी केंद्रों अंबिकापुर, रायपुर, बिलासपुर और रायगढ़ केंद्रों से शाम पांच बजे प्रसारित किया जाता है। यह कार्यक्रम एंड्राइड मोबाइल के न्यूज on AIR और एफएम चैनल में भी उपलब्ध है, जिसे गाड़ियों में भी आसानी से सुना जा सकता है।