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Chhattisgarh News: एमडी-एमएस प्रवेश नियमों में बड़ा बदलाव, अब चार चरणों में होगी ऑनलाइन काउंसलिंग
Thu, 13 Nov 2025 04:29 PM IST
अमन कोशले
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
Published by: अमन कोशले
Updated Thu, 13 Nov 2025 04:29 PM IST
सार
चिकित्सा शिक्षा विभाग ने प्रवेश नियम-2025 में कई बड़े संशोधन किए हैं, जिनके तहत NEET-PG की काउंसलिंग अब पूरी तरह ऑनलाइन चार चरणों—प्रथम, द्वितीय, तृतीय (मॉप-अप राउंड) और चतुर्थ (स्ट्रे वैकेंसी राउंड) में आयोजित की जाएगी।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
छत्तीसगढ़ में चिकित्सा स्नातकोत्तर (एमडी/एमएस) पाठ्यक्रमों में प्रवेश प्रक्रिया अब पहले से ज्यादा पारदर्शी और सरल होगी। चिकित्सा शिक्षा विभाग ने प्रवेश नियम-2025 में कई बड़े संशोधन किए हैं, जिनके तहत NEET-PG की काउंसलिंग अब पूरी तरह ऑनलाइन चार चरणों प्रथम, द्वितीय, तृतीय (मॉप-अप राउंड) और चतुर्थ (स्ट्रे वैकेंसी राउंड) में आयोजित की जाएगी।
नए नियमों के अनुसार, प्रत्येक चरण में अभ्यर्थियों को पंजीकरण की सुविधा उपलब्ध रहेगी। यदि किसी चरण के बाद सीटें रिक्त रह जाती हैं, तो सुप्रीम कोर्ट द्वारा निर्धारित अंतिम तिथि से पहले अतिरिक्त राउंड भी आयोजित किए जा सकेंगे। माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन में, अब पंडित दीनदयाल उपाध्याय स्मृति स्वास्थ्य विज्ञान एवं आयुष विश्वविद्यालय से उत्तीर्ण छात्रों को प्रवेश प्रक्रिया में Institutional domicile के आधार पर प्राथमिकता दी जाएगी।
प्रथम चरण में चयनित उम्मीदवारों को अगले दो चरणों (द्वितीय और तृतीय) में सीट अपग्रेडेशन का विकल्प मिलेगा। वहीं, सेवारत उम्मीदवारों की सेवा अवधि की गणना अब NEET-PG परीक्षा की तिथि तक की जाएगी। पहले यह सीमा 31 जनवरी तक थी। इससे सरकारी सेवा में कार्यरत अभ्यर्थियों को समय की दृष्टि से राहत मिलेगी।
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यदि EWS श्रेणी में पर्याप्त उम्मीदवार नहीं मिलते, तो उनकी रिक्त सीटें अनारक्षित वर्ग को दी जाएंगी। इससे सीटों के रिक्त रहने की समस्या काफी हद तक खत्म होगी। नए नियमों के तहत किसी अभ्यर्थी को एक बार किसी कॉलेज या विषय में सीट मिलने के बाद उसी विषय में पुनः वही सीट आवंटित नहीं की जाएगी, ताकि सीटों को अनावश्यक रूप से रोका न जा सके। इसके साथ ही, यदि किसी चरण में सीट मिलने के बाद अभ्यर्थी प्रवेश नहीं लेते हैं, तो उनकी सिक्योरिटी डिपॉज़िट राशि जप्त कर ली जाएगी।
प्रवेश प्रक्रिया को बनाया गया अधिक पारदर्शी
विभाग का कहना है कि इन संशोधनों का उद्देश्य राज्य की चिकित्सा स्नातकोत्तर प्रवेश प्रक्रिया को न्यायसंगत, पारदर्शी और अभ्यर्थियों के हित में बनाना है। नए नियमों से काउंसलिंग प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ेगी और योग्य अभ्यर्थियों को बेहतर अवसर मिल सकेंगे।
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नए नियमों के अनुसार, प्रत्येक चरण में अभ्यर्थियों को पंजीकरण की सुविधा उपलब्ध रहेगी। यदि किसी चरण के बाद सीटें रिक्त रह जाती हैं, तो सुप्रीम कोर्ट द्वारा निर्धारित अंतिम तिथि से पहले अतिरिक्त राउंड भी आयोजित किए जा सकेंगे। माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन में, अब पंडित दीनदयाल उपाध्याय स्मृति स्वास्थ्य विज्ञान एवं आयुष विश्वविद्यालय से उत्तीर्ण छात्रों को प्रवेश प्रक्रिया में Institutional domicile के आधार पर प्राथमिकता दी जाएगी।
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प्रथम चरण में चयनित उम्मीदवारों को अगले दो चरणों (द्वितीय और तृतीय) में सीट अपग्रेडेशन का विकल्प मिलेगा। वहीं, सेवारत उम्मीदवारों की सेवा अवधि की गणना अब NEET-PG परीक्षा की तिथि तक की जाएगी। पहले यह सीमा 31 जनवरी तक थी। इससे सरकारी सेवा में कार्यरत अभ्यर्थियों को समय की दृष्टि से राहत मिलेगी।
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यदि EWS श्रेणी में पर्याप्त उम्मीदवार नहीं मिलते, तो उनकी रिक्त सीटें अनारक्षित वर्ग को दी जाएंगी। इससे सीटों के रिक्त रहने की समस्या काफी हद तक खत्म होगी। नए नियमों के तहत किसी अभ्यर्थी को एक बार किसी कॉलेज या विषय में सीट मिलने के बाद उसी विषय में पुनः वही सीट आवंटित नहीं की जाएगी, ताकि सीटों को अनावश्यक रूप से रोका न जा सके। इसके साथ ही, यदि किसी चरण में सीट मिलने के बाद अभ्यर्थी प्रवेश नहीं लेते हैं, तो उनकी सिक्योरिटी डिपॉज़िट राशि जप्त कर ली जाएगी।
प्रवेश प्रक्रिया को बनाया गया अधिक पारदर्शी
विभाग का कहना है कि इन संशोधनों का उद्देश्य राज्य की चिकित्सा स्नातकोत्तर प्रवेश प्रक्रिया को न्यायसंगत, पारदर्शी और अभ्यर्थियों के हित में बनाना है। नए नियमों से काउंसलिंग प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ेगी और योग्य अभ्यर्थियों को बेहतर अवसर मिल सकेंगे।