{"_id":"57dd17844f1c1b0c32d4855e","slug":"mahanadi-issue-odisha-and-chhattisgarh-cm-will-meet-today","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"कावेरी के बाद अब महानदी पर छत्तीसगढ़-उड़ीसा में तनातनी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कावेरी के बाद अब महानदी पर छत्तीसगढ़-उड़ीसा में तनातनी
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Sat, 17 Sep 2016 03:51 PM IST
विज्ञापन
- फोटो : raman singh
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कावेरी नदी के जल को लेकर तमिलनाडु और कर्नाटक के बीच विवाद अभी सुलझा भी नहीं था कि देश के दो बड़े राज्यों में अब एक और नदी के लिए तनातनी के हालात हो गए हैं।
विज्ञापन
महानदी के पानी को लेकर उड़ीसा और छत्तीसगढ़ दोनों राज्यों में तनाव के हालात हैं, हालांकि इस मुद्दे पर आज दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों के बीच बैठक होनी है।
विज्ञापन
असल में उड़ीसा और छत्तीसगढ़ के बीच महानदी के पानी को लेकर विवाद दशकों पुराना है। पूर्व में उड़ीसा का विवाद अविभाजित मध्यप्रदेश के साथ था बाद में छत्तीसगढ़ अलग हुआ था तो विवाद की जद में यह भी आ गया।
विज्ञापन
ताजा विवाद छत्तीसगढ़ द्वारा महानदी पर बनाए जा रहे सात बांधों को लेकर है जिस पर उड़ीसा को आपत्ति है। उड़ीसा का कहना है कि इसकी वजह से उड़ीसा को मिलने वाला महानदी का पानी बाधित हो जाएगा और इससे उसके बांध भी पूरे नहीं भरे जा सकेंगे।
जबकि छत्तीसगढ़ का तर्क है कि वह महानदी के मात्र चार फीसदी पानी का ही इस्तेमाल कर रहा है और उड़ीसा 14 प्रतिशत जबकि बाकी पानी समुंद्र में व्यर्थ जा रहा है। ऐसे में उड़ीसा का आपत्ति करना गलत है।
इस मुद्दे को लेकर ही दो महीने पहले दोनों राज्यों के मुख्य सचिवों की दिल्ली में बैठक हुई थी जिसमें महानदी पर संयुक्त कंट्रोल बोर्ड बनाने की सहमति बनी थी। इसको लेकर प्रशासनिक स्तर पर भी दोनों राज्यों के नेताओं में खींचतान चल रही है।
इसी खींचतान के बीच आज दिल्ली में दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों की बैठक होनी है। केंद्रीय जल संसाधन मंत्री उमा भारती के नेतृत्व में होने वाली इस बैठक में इस समस्या का हल निकलने की उम्मीद है। अगर इस समस्या का हल नहीं निकला तो इस बात से भी इंकार नहीं किया जा सकता कि यह समस्या कावेरी की तरह दोनों राज्यों के लिए नासूर न बन जाए।
इस मुद्दे को लेकर ही दो महीने पहले दोनों राज्यों के मुख्य सचिवों की दिल्ली में बैठक हुई थी जिसमें महानदी पर संयुक्त कंट्रोल बोर्ड बनाने की सहमति बनी थी। इसको लेकर प्रशासनिक स्तर पर भी दोनों राज्यों के नेताओं में खींचतान चल रही है।
इसी खींचतान के बीच आज दिल्ली में दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों की बैठक होनी है। केंद्रीय जल संसाधन मंत्री उमा भारती के नेतृत्व में होने वाली इस बैठक में इस समस्या का हल निकलने की उम्मीद है। अगर इस समस्या का हल नहीं निकला तो इस बात से भी इंकार नहीं किया जा सकता कि यह समस्या कावेरी की तरह दोनों राज्यों के लिए नासूर न बन जाए।