भाटापारा हादसा: मेले जैसी भीड़ के बावजूद गांव में पसरा था सन्नाटा, नौ शवों की निकाली गई अंतिम यात्रा
गुरूवार 23 फरवरी रात करीब 11 बजे भाटापारा के ग्राम खमरिया में ट्रक और पिकअप वाहन आमने- सामने से टकरा गये जिसमे पिकअप वाहन में सवार लगभग 35 लोगों में से 11 की घटना स्थल पर ही मौत हो गई
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एक के बाद एक नौ शवों की अंतिम यात्रा निकाली गई। परंपरा के मुताबिक कुछ को दी गई मुखाग्नि तो कुछ को दफनाया गया। ग्राम खिलोरा पुलिस छावनी में तब्दील था। गांव मे मेले जैसी भीड होते हुए भी सन्नाटा पसरा हुआ था। अपने को खोने की पीडा और रोने की आवाज ही कानों में गूंज रही थी
गुरूवार 23 फरवरी रात करीब 11 बजे भाटापारा के ग्राम खमरिया में ट्रक और पिकअप वाहन आमने- सामने से टकरा गये जिसमे पिकअप वाहन में सवार लगभग 35 लोगों में से 11 की घटना स्थल पर ही मौत हो गई तथा लगभग 20 घायलों को उपचार के लिए बलौदाबाजार अस्पताल भेजा गया। मृतकों का पोस्टमार्टम कर गृहग्राम खिलोरा भेजा गया, जहां बड़ी संख्या मे पुलिस बल तैनात किया गया था।
मुआवजे की मांग को लेकर ग्रामीण मृतकों के शवों को वाहन से नहीं निकाल रहे थे। प्रधानमंत्री ने मृतकों के परिजनों को दो लाख तथा घायलों को 50 हजार रूपए देने की घोषणा की। ग्रामीण राज्य सरकार की घोषणा का इंतजार करते रहे और शव को वाहन से नहीं उतारने दिया और विरोध करने लगे। लगभग तीन घंटे बाद राज्य सरकार ने मृतकों के परिवार वालों को चार लाख तथा घायलों के परिवार को एक लाख रूपए की घोषणा की। इसके बाद मृतकों के अंतिम संस्कार की तैयारी की गई।
दरअसल ग्राम खिलोरा के साहू परिवार के लोगों के द्वारा शादी समरोह में शामिल होने ग्राम अर्जुनी आए हुए थे गुरूवार 23 फरवरी रात करीब 11 बजे पिकअप वाहन में अर्जुनी से वापस ग्राम खिलोरा जाने जा रहे थे तभी भाटापारा के ग्राम खमरिया में ट्रक और पिकअप वाहन में आमने- सामने से जोरदार टक्कर हो गई। जिसमे पिकअप वाहन मे सवार लगभग 35 लोगों मे से 11 की घटना स्थल पर ही मौत हो गई तथा लगभग 20 लोगों गम्भीर रूप से घायल हो गए, घायलों को उपचार के लिए बलौदाबाजार अस्पताल भेजा गया।