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रायपुर में बदलेगी पहचान: कोतवाली चौक बनेगा 'जैन स्तंभ चौक', शहरभर में नामकरण और प्रतिमा स्थापना की तैयारी
Sat, 28 Mar 2026 01:23 PM IST
अमन कोशले
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
Published by: अमन कोशले
Updated Sat, 28 Mar 2026 01:23 PM IST
सार
राजधानी रायपुर में ऐतिहासिक स्थलों और प्रमुख मार्गों की पहचान बदलने की दिशा में नगर निगम ने बड़ा कदम उठाया है। शहर के पुराने और चर्चित सिटी कोतवाली चौक का नाम अब 'जैन स्तंभ चौक' करने का प्रस्ताव तैयार किया गया है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
राजधानी रायपुर में ऐतिहासिक स्थलों और प्रमुख मार्गों की पहचान बदलने की दिशा में नगर निगम ने बड़ा कदम उठाया है। शहर के पुराने और चर्चित सिटी कोतवाली चौक का नाम अब 'जैन स्तंभ चौक' करने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। यह प्रस्ताव मेयर-इन-काउंसिल से मंजूरी मिलने के बाद अब अंतिम स्वीकृति के लिए सामान्य सभा में पेश किया जाएगा।
करीब डेढ़ सदी पुराना कोतवाली चौक शहर के इतिहास का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है। अंग्रेजी शासनकाल में स्थापित यह स्थान कभी कचहरी और बंदी गृह के रूप में उपयोग में लाया जाता था, जिसे बाद में पुलिस थाने का रूप दिया गया। स्वतंत्रता संग्राम के दौर में भी यह चौक कई ऐतिहासिक घटनाओं का साक्षी रहा है। वर्तमान में यहां जैन समाज का स्तंभ स्थापित है, जिसके चलते लंबे समय से इसका नाम बदलने की मांग उठती रही है।
नगर निगम प्रशासन का मानना है कि शहर की सांस्कृतिक और सामाजिक संरचना को ध्यान में रखते हुए नाम परिवर्तन किया जा रहा है। जैन समाज की उल्लेखनीय उपस्थिति और स्थल की वर्तमान पहचान को देखते हुए यह बदलाव प्रस्तावित किया गया है। इसके साथ ही शहर के अन्य स्थानों को भी बलिदानियों और सैन्य वीरों के नाम पर विकसित करने की योजना बनाई गई है।
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इसी कड़ी में शहर के विभिन्न प्रमुख चौक-चौराहों पर शहीदों की प्रतिमाएं स्थापित की जाएंगी। लाखे नगर चौक पर सुकमा में शहीद हुए एएसपी आकाश राव गिरेपुंजे की प्रतिमा लगेगी, जबकि साइंस कॉलेज गार्डन में मेजर यशवंत गोविंद गोरे और शंकर नगर सेक्टर-2 में मेजर सत्य प्रदीप दत्ता की प्रतिमा स्थापित की जाएगी। आयुर्वेदिक कॉलेज गेट पर वीर सावरकर की प्रतिमा लगाने की भी तैयारी है।
सिर्फ चौक ही नहीं, शहर के प्रमुख मार्गों के नाम भी बदले जाएंगे। देवेंद्र नगर से पंडरी कपड़ा मार्केट तक जाने वाली सड़क को “अयोध्या प्रसाद जैन मार्ग” नाम दिया जाएगा, वहीं वार्ड-15 में मारुति मंगलम से दही हांडी मैदान तक का मार्ग “महेश पथ” के नाम से जाना जाएगा।
नगर निगम की इस पहल को शहर की नई सांस्कृतिक पहचान गढ़ने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। प्रशासन को उम्मीद है कि इन बदलावों से रायपुर की ऐतिहासिक विरासत को नई पहचान मिलेगी और नई पीढ़ी को भी शहर के गौरवशाली अतीत से जुड़ने का अवसर मिलेगा।
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करीब डेढ़ सदी पुराना कोतवाली चौक शहर के इतिहास का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है। अंग्रेजी शासनकाल में स्थापित यह स्थान कभी कचहरी और बंदी गृह के रूप में उपयोग में लाया जाता था, जिसे बाद में पुलिस थाने का रूप दिया गया। स्वतंत्रता संग्राम के दौर में भी यह चौक कई ऐतिहासिक घटनाओं का साक्षी रहा है। वर्तमान में यहां जैन समाज का स्तंभ स्थापित है, जिसके चलते लंबे समय से इसका नाम बदलने की मांग उठती रही है।
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नगर निगम प्रशासन का मानना है कि शहर की सांस्कृतिक और सामाजिक संरचना को ध्यान में रखते हुए नाम परिवर्तन किया जा रहा है। जैन समाज की उल्लेखनीय उपस्थिति और स्थल की वर्तमान पहचान को देखते हुए यह बदलाव प्रस्तावित किया गया है। इसके साथ ही शहर के अन्य स्थानों को भी बलिदानियों और सैन्य वीरों के नाम पर विकसित करने की योजना बनाई गई है।
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इसी कड़ी में शहर के विभिन्न प्रमुख चौक-चौराहों पर शहीदों की प्रतिमाएं स्थापित की जाएंगी। लाखे नगर चौक पर सुकमा में शहीद हुए एएसपी आकाश राव गिरेपुंजे की प्रतिमा लगेगी, जबकि साइंस कॉलेज गार्डन में मेजर यशवंत गोविंद गोरे और शंकर नगर सेक्टर-2 में मेजर सत्य प्रदीप दत्ता की प्रतिमा स्थापित की जाएगी। आयुर्वेदिक कॉलेज गेट पर वीर सावरकर की प्रतिमा लगाने की भी तैयारी है।
सिर्फ चौक ही नहीं, शहर के प्रमुख मार्गों के नाम भी बदले जाएंगे। देवेंद्र नगर से पंडरी कपड़ा मार्केट तक जाने वाली सड़क को “अयोध्या प्रसाद जैन मार्ग” नाम दिया जाएगा, वहीं वार्ड-15 में मारुति मंगलम से दही हांडी मैदान तक का मार्ग “महेश पथ” के नाम से जाना जाएगा।
नगर निगम की इस पहल को शहर की नई सांस्कृतिक पहचान गढ़ने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। प्रशासन को उम्मीद है कि इन बदलावों से रायपुर की ऐतिहासिक विरासत को नई पहचान मिलेगी और नई पीढ़ी को भी शहर के गौरवशाली अतीत से जुड़ने का अवसर मिलेगा।