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Korba: एक माह से लापता ग्रामीण का जंगल में मिला कंकाल, बेटे को अस्पताल में देखने के बाद नहीं लौटे थे घर
Tue, 21 Oct 2025 08:53 PM IST
आकाश दुबे
अमर उजाला नेटवर्क, कोरबा
अमर उजाला नेटवर्क, कोरबा
Published by: आकाश दुबे
Updated Tue, 21 Oct 2025 08:53 PM IST
सार
पुलिस की माने तो सूचना देने के बाद परिजन और रिश्तेदार आसपास उसकी तलाश में जुटे हुए थे, जहां एक माह बाद गांव से लगे जंगल में पेड़ के नीचे एक नर कंकाल मिलने की सूचना मिली।
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मौके पर मौजूद लोग और पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
कोरबा के श्यांग थाना क्षेत्र के सोलवा गांव के रहने वाले सुखसागर (38 वर्ष) का एक महीने बाद कंकाल गांव से लगे जंगल में मिला है। सुखसागर 18 सितंबर से लापता थे, परिजन उसकी खोज कर रहे थे। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच-पड़ताल की गई।
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मृतक सुखसागर के भाई लक्ष्मी नारायण चौहान ने बताया कि 15 सितंबर को उसके बेटे की बाइक दुर्घटनाग्रस्त हुई थी, जिसमें उसके दोनों पैर फ्रैक्चर हो गए। उसे इलाज के लिए जिला मेडिकल कॉलेज लाया गया, हादसे की सूचना पर 18 तारीख को उसके पिता सुखसागर भी जिला मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचे। जहां उसे देखने के बाद वह वापस घर लौट रहा हूं बोलकर चला गए लेकिन घर नहीं पहुंचे। परिजनों ने उसकी काफी खोजबीन की नहीं मिलने पर इसकी सूचना श्यांग थाना पुलिस को दी गई।
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पुलिस की माने तो सूचना देने के बाद परिजन और रिश्तेदार आसपास उसकी तलाश में जुटे हुए थे, जहां एक माह बाद गांव से लगे जंगल में पेड़ के नीचे एक नर कंकाल मिलने की सूचना मिली। मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की गई। मौके पर एक गमछा मिला जो ऊपर पेड़ पर बंधा हुआ था और नीचे कंकाल पड़ा हुआ था। परिजनों को मौके पर बुलाया गया, जहां कपड़े के आधार पर पहचान की गई और आगे की कार्रवाई शुरू की गई।
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आशंका जताई जा रहा है कि सुख सागर ने पेड़ पर फांसी लगाकर जान दी होगी, जिसके आधार पर आगे की जांच करवाई जा रही है। परिजनों की माने तो सुखसागर खेती किसानी का काम करता है और चार बच्चे हैं, जिसमें बड़ा बेटा दुर्घटना में घायल हो गया था। पिछले कुछ दिनों से परेशान चल रहा था, लेकिन पूछे जाने पर कभी भी कुछ नहीं बताता था। श्यांग थाना प्रभारी विनोद सिंह ने बताया कि फोरेंसिक टीम को भी मौके पर बुलाया गया। आगे की जांच कार्रवाई की जा रही है।