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कोरबा की बदहाल सड़कों पर गरमाई सियासत: युवा कांग्रेस-एनएसयूआई ने निगम का किया घेराव, की ये मांग
Thu, 27 Aug 2026 05:13 PM IST
कोरबा ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, कोरबा
अमर उजाला नेटवर्क, कोरबा
Published by: कोरबा ब्यूरो
Updated Thu, 27 Aug 2026 05:13 PM IST
सार
कोरबा शहर की जर्जर सड़कों और बारिश के बाद बढ़ती जलभराव की समस्या को लेकर बुधवार को नगर निगम के खिलाफ युवा कांग्रेस और एनएसयूआई ने मोर्चा खोल दिया। कार्यकर्ताओं ने नगर निगम कार्यालय का घेराव कर आयुक्त को ज्ञापन सौंपा।
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सड़क की बदहाली पर निगम का घेराव
विस्तार
कोरबा शहर की जर्जर सड़कों और बारिश के बाद बढ़ती जलभराव की समस्या को लेकर बुधवार को नगर निगम के खिलाफ युवा कांग्रेस और एनएसयूआई ने मोर्चा खोल दिया। कार्यकर्ताओं ने नगर निगम कार्यालय का घेराव कर आयुक्त को ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शनकारियों ने सड़क निर्माण के लिए स्वीकृत 17 करोड़ रुपये से अधिक की राशि के इस्तेमाल में पूरी पारदर्शिता बरतने और टिकाऊ सड़क निर्माण की मांग उठाई।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि कोरबा की खराब सड़कें अब केवल आवागमन की परेशानी नहीं रह गई हैं, बल्कि लोगों की सुरक्षा के लिए भी खतरा बन चुकी हैं। बारिश के दौरान सड़कों पर बने गड्ढों में पानी भर जाने से दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ जाती है। राजगामार-रिस्दी, बालको-कोरबा, कुसमुंडा-कोरबा और उरगा-कोरबा मार्गों की स्थिति में तत्काल सुधार की जरूरत बताई गई।
प्रदर्शनकारियों ने निगम के सामने आठ प्रमुख मांगें रखीं। इनमें स्वीकृत बजट का मूल आदेश, सड़कवार खर्च, लंबाई-चौड़ाई और मोटाई, डीपीआर व बीओक्यू, एसओआर दर तथा प्रति किलोमीटर लागत सार्वजनिक करने की मांग शामिल है। इसके अलावा निविदा प्रक्रिया की जानकारी, नाली और जल निकासी की बेहतर व्यवस्था तथा निर्माण में खामी मिलने पर ठेकेदार की जवाबदेही तय करने की बात कही गई।
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पूर्व लोकसभा अध्यक्ष युवा कांग्रेस श्याम नारायण सोनी ने निगम अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि जनता लंबे समय से सड़क और जलभराव की समस्या झेल रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि सड़क की खराब स्थिति पर पहले आवाज उठाने वाले भाजपा पार्षद अब कहां हैं।
इधर, सीएसपी प्रतीक चतुर्वेदी ने बताया कि प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा। सुरक्षा के लिए पुलिस बल और तहसीलदार की मौजूदगी रही। कुछ प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड हटाने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने स्थिति संभाल ली। फिलहाल इलाके में कानून-व्यवस्था सामान्य है।
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कांग्रेस नेताओं का कहना है कि कोरबा की खराब सड़कें अब केवल आवागमन की परेशानी नहीं रह गई हैं, बल्कि लोगों की सुरक्षा के लिए भी खतरा बन चुकी हैं। बारिश के दौरान सड़कों पर बने गड्ढों में पानी भर जाने से दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ जाती है। राजगामार-रिस्दी, बालको-कोरबा, कुसमुंडा-कोरबा और उरगा-कोरबा मार्गों की स्थिति में तत्काल सुधार की जरूरत बताई गई।
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प्रदर्शनकारियों ने निगम के सामने आठ प्रमुख मांगें रखीं। इनमें स्वीकृत बजट का मूल आदेश, सड़कवार खर्च, लंबाई-चौड़ाई और मोटाई, डीपीआर व बीओक्यू, एसओआर दर तथा प्रति किलोमीटर लागत सार्वजनिक करने की मांग शामिल है। इसके अलावा निविदा प्रक्रिया की जानकारी, नाली और जल निकासी की बेहतर व्यवस्था तथा निर्माण में खामी मिलने पर ठेकेदार की जवाबदेही तय करने की बात कही गई।
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पूर्व लोकसभा अध्यक्ष युवा कांग्रेस श्याम नारायण सोनी ने निगम अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि जनता लंबे समय से सड़क और जलभराव की समस्या झेल रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि सड़क की खराब स्थिति पर पहले आवाज उठाने वाले भाजपा पार्षद अब कहां हैं।
इधर, सीएसपी प्रतीक चतुर्वेदी ने बताया कि प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा। सुरक्षा के लिए पुलिस बल और तहसीलदार की मौजूदगी रही। कुछ प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड हटाने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने स्थिति संभाल ली। फिलहाल इलाके में कानून-व्यवस्था सामान्य है।