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Korba: कोसगई मंदिर के पास झाड़ियों में लगी भीषण आग, चपेट में आने से कार समेत झोपड़ी जलकर राख
Wed, 15 Apr 2026 01:05 PM IST
कोरबा ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, कोरबा
अमर उजाला नेटवर्क, कोरबा
Published by: कोरबा ब्यूरो
Updated Wed, 15 Apr 2026 01:05 PM IST
सार
कोरबा में मंगलवार की देर शाम कोसगईगढ़ पहाड़ी पर स्थित कोसगई माता मंदिर के समीप मंगलवार को लगी भीषण आग में एक कार और मंदिर की झालर पूरी तरह जलकर खाक हो गई।
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विस्तार
कोरबा में मंगलवार की देर शाम कोसगईगढ़ पहाड़ी पर स्थित कोसगई माता मंदिर के समीप मंगलवार को लगी भीषण आग में एक कार और मंदिर की झालर पूरी तरह जलकर खाक हो गई। बताया जा रहा है कि दोपहर करीब तीन बजे पहले खेत में आग लगी थी, जो फैलते हुए कार और झालर तक पहुंच गई। घटना में लाखों का नुकसान हुआ है, लेकिन देर तक मौके पर न तो फायर ब्रिगेड की टीम पहुंची और न ही कोई प्रशासनिक अधिकारी।
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जानकारी के मुताबिक, मंगलवार को एक परिवार कोसगई माता मंदिर में दर्शन के लिए पहुंचा था। परिवार ने अपनी कार मंदिर के नीचे अस्थाई दुकानों के सामने खड़ी की और दर्शन के लिए पहाड़ी पर चढ़ गया। इसी दौरान पास के खेत में लगी आग तेज हवा के कारण फैल गई। आग ने सबसे पहले मंदिर के समीप बनी झालर को चपेट में लिया। झालर में चुनरी, श्रृंगार का सामान और देवी-देवताओं की सजावट का सामान रखा था, जो पूरी तरह जल गया।
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आग की लपटें इतनी तेज थीं कि कुछ ही मिनटों में पास में खड़ी कार को भी अपनी चपेट में ले लिया। कार पूरी तरह जलकर खाक हो गई। घटना के वक्त शाम का समय होने से वहां सुनसान था। आसपास कोई मौजूद नहीं था, जिससे आग पर काबू पाने का कोई इंतजाम नहीं हो सका। श्रद्धालु परिवार जब दर्शन कर लौटा तो कार और झालर को जलता देख उनके होश उड़ गए।
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स्थानीय लोगों का कहना है कि आग लगने की सूचना के घंटों बाद तक भी फायर ब्रिगेड या राजस्व विभाग का कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। आग ने जंगल के हिस्से को भी नुकसान पहुंचाया है। झालर में रखी चुनरी और श्रृंगार सामग्री के साथ मंदिर समिति को भारी नुकसान हुआ है।
ग्रामीणों ने प्रशासन की लापरवाही पर नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि गर्मी के मौसम में जंगल और खेतों में आग की घटनाएं बढ़ जाती हैं। इसके बावजूद फायर ब्रिगेड की त्वरित व्यवस्था नहीं है। बालको पुलिस को घटना की सूचना दे दी गई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। फिलहाल आग लगने के सही कारणों का पता नहीं चल सका है।आशंका है कि खेत में लगी आग से ही यह हादसा हुआ।

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