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कोरबा: मानिकपुर खदान में भू-विस्थापितों का शोषण, ट्रांसपोर्ट कंपनी पर 1 लाख वसूली और लाइसेंस बंधक का आरोप

Sat, 12 Sep 2026 08:48 PM IST
कोरबा ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, कोरबा
अमर उजाला नेटवर्क, कोरबा Published by: कोरबा ब्यूरो Updated Sat, 12 Sep 2026 08:48 PM IST
सार

एसईसीएल मानिकपुर खदान में कार्यरत निजी ठेका कंपनी विशाल कोयला ट्रांसपोर्ट कंपनी पर भू-विस्थापित ड्राइवरों के शोषण और श्रम कानूनों के उल्लंघन के गंभीर आरोप लगे हैं। इसे लेकर एसईसीएल मानिकपुर प्रभावित ग्राम भू-विस्थापित समिति ने मोर्चा खोल दिया है। 

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Manikpur mine: Displaced drivers allege exploitation by transport firm over Rs 1 lakh security, license mortga
ग्रामीणों ने जताया विरोध - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कोरबा जिले के एसईसीएल मानिकपुर खदान में कार्यरत निजी ठेका कंपनी विशाल कोयला ट्रांसपोर्ट कंपनी पर भू-विस्थापित ड्राइवरों के शोषण और श्रम कानूनों के उल्लंघन के गंभीर आरोप लगे हैं। इसे लेकर एसईसीएल मानिकपुर प्रभावित ग्राम भू-विस्थापित समिति ने मोर्चा खोल दिया है। समिति ने क्षेत्रीय महाप्रबंधक मानिकपुर और क्षेत्रीय श्रम आयुक्त कोरबा को ज्ञापन सौंपकर 05 दिवसीय अल्टीमेटम और अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी दी है।
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आरोप है कि कंपनी स्थानीय भू-विस्थापित ड्राइवरों से एक अवैध और दमनकारी एग्रीमेंट करा रही है।समिति के अनुसार पहला बड़ा आरोप अवैध सुरक्षा निधि की मांग का है। प्रत्येक भू-विस्थापित ड्राइवर से काम पर रखने के एवज में 1,00,000 रुपये की मोटी रकम जमा करने का दबाव बनाया जा रहा है। कंपनी द्वारा 10 रुपये के स्टाम्प पेपर पर जारी आदेश में भी इसका उल्लेख है कि HPC Rate प्राप्त करने के लिए 1 लाख की सिक्योरिटी जमा करनी होगी। समिति इसे अवैध वसूली और शोषण बता रही है। एक ड्राइवर कहां से लेकर आएगा
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दूसरा आरोप मूल दस्तावेज जब्त करने का है। कंपनी ड्राइवरों का ओरिजिनल ड्राइविंग लाइसेंस अपने पास बंधक के रूप में रख रही है, जो मोटर व्हीकल एक्ट और नागरिक अधिकारों का खुला उल्लंघन है।
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तीसरा आरोप मनमानी कटौती का है। गाड़ी में सामान्य टूट-फूट या नुकसान होने पर बिना निष्पक्ष जांच के सीधे जमा राशि से कटौती की धमकी दी जा रही है। स्टाम्प में लिखा है कि TATA कंपनी द्वारा तय किया जाएगा कि खराबी ड्राइवर की लापरवाही से हुई है तो राशि सिक्योरिटी से काट ली जाएगी।

चौथा आरोप अवैज्ञानिक डीजल लिमिट का है। चालकों को 4 से 5 लोड पर मात्र 12 लीटर और 5 से 6 लोड पर मात्र 14 लीटर डीजल दिया जा रहा है। अधिक खपत होने पर लागत वेतन से काटने की बात कही गई है।

पांचवां और सबसे बड़ा आरोप HPC रेट का उल्लंघन है। कोल इंडिया और एसईसीएल के नियमों के बावजूद स्थानीय ड्राइवरों को हाई पावर कमेटी वेज रेट नहीं दिया जा रहा है। समिति ने इसे श्रम कानून का उल्लंघन और बंधुआ मजदूरी कराने की साजिश बताया है।

*संगठन की मुख्य मांगें हैं कि कंपनी अवैध एग्रीमेंट को तत्काल वापस ले, सभी ड्राइवरों को HPC वेज रेट और श्रम नियमानुसार सुविधाएं दे और लाइसेंस व सुरक्षा निधि से जुड़ी दमनकारी शर्तें निरस्त करे।


समिति ने चेतावनी दी है कि यदि 5 दिनों में एग्रीमेंट वापस नहीं लिया गया और HPC रेट की लिखित घोषणा नहीं हुई, तो मानिकपुर खदान के भीतर कंपनी के कार्य को पूर्ण रूप से बंद कराकर अनिश्चितकालीन हड़ताल और उग्र आंदोलन किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी एसईसीएल प्रबंधन और ठेका कंपनी की होगी।

ट्रांसपोर्ट कंपनी पर 1 लाख वसूली और लाइसेंस बंधक का आरोप

ट्रांसपोर्ट कंपनी पर 1 लाख वसूली और लाइसेंस बंधक का आरोप

 

 

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