{"_id":"66d06b8ea42d701fa1047c17","slug":"girl-student-fell-ill-after-consuming-medicine-to-kill-stomach-worms-2024-08-29","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"Korba: पेट के कीड़े मारने वाली दवा से बीमार हुई छात्रा, स्कूल में मचा हड़कंप; प्रशासन ने दी सफाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Korba: पेट के कीड़े मारने वाली दवा से बीमार हुई छात्रा, स्कूल में मचा हड़कंप; प्रशासन ने दी सफाई
Thu, 29 Aug 2024 06:28 PM IST
अनुज कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोरबा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोरबा
Published by: अनुज कुमार
Updated Thu, 29 Aug 2024 06:28 PM IST
सार
विद्यालय की प्राचार्य डॉक्टर अलका फिलिप्स ने बताया कि दो महीने बीमार होने की बात कहते हुए छात्र अपनी मां के साथ विद्यालय पहुंची थी। वह पहले से बीमार थी। उसकी बेहोशी के मामले में एल्बेंडाजोल का कोई असर नहीं रहा।
विज्ञापन
छात्राओं की बिगड़ी तबियत
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
एसईसीएल स्थित एनसीडीसी पब्लिक स्कूल में स्वास्थ्य विभाग के द्वारा कृमि की गोली यानी पेट के कीड़े मारने की दवा खिलाई जा रही थी। जहां गोली खाने के बाद छात्र की तबीयत अचानक बिगड़ गई और उसे आनंद-फानन में 112 के माध्यम से जिला मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। जहां उसका उपचार जारी है।
विज्ञापन
बताया जा रहा है कि कक्षा 9वी में पढ़ने वाली रोशनी यादव गुरुवार की सुबह 10:00 बजे स्कूल गई हुई थी। इसके बाद स्कूल में पढ़ाई खत्म होने के बाद स्वास्थ्य विभाग के द्वारा स्कूल परिसर में दवा खिलाई जा रही थी।
विज्ञापन
इस दौरान दवा खाने के कुछ ही मिनट बाद अचानक रोशनी अचानक नीचे गिर गई और बेहोश हो गई। इस घटना के बाद स्कूल में हड़कप मच गया और तत्काल इसकी सूचना 112 को दी गई। छात्रा को जिला मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया।
विज्ञापन
इस मामले को लेकर कहा जा रहा है कि विद्यार्थियों को कृमि नाशक दवा एल्बेंडाजोल दी गई थी। जिसके असर से यह हुआ। लेकिन स्कूल प्रबंधन ने इस प्रकार के दावे से इनकार किया। बताया गया कि छात्रा का स्वास्थ्य काफी समय से ठीक नहीं था। इसकी जानकारी उसने अन्य सहपाठियों को दी थी।
एनसीडीसी स्थित स्वामी आत्मानंद हायर सेकेंडरी स्कूल में काफी समय तक अनुपस्थिति के बाद पहुंची एक छात्र अचानक बेहोश हो गई। इसके बाद उसे डायल 112 की टीम ने अस्पताल भिजवाया।
अधिक मात्रा में मीठी चीज या चाक मिट्टी का उपयोग करने पर बच्चों के पेट में विकार उत्पन्न हो जाते हैं और यह कृषि नामक बीमारी का रूप ले लेते हैं। इसके प्रभाव से पीड़ितों को एहसास होता है कि पेट में कोई चीज काट रही है। अधिक समय तक इस स्थिति से जूझने पर कमजोरी से लेकर दूसरे लक्षण दिखने शुरू हो जाते हैं।
इस बात को ध्यान में रखते हुए सरकार ने स्वास्थ्य विभाग के माध्यम से सभी स्कूलों में कृमि नाशक अभियान को प्रारंभ किया है और इसके तहत विद्यार्थियों को निश्चित दिवस पर अल्बेंडाजोल की दवा देना सुनिश्चित किया है।
जानकारी के अनुसार, कोरबा में एनसीडीसी हायर सेकेंडरी स्कूल में कक्षा नवमी की छात्रा रोशनी की तबीयत अचानक खराब हो गई जो दो महीने के बाद यहां पहुंची थी। बताया गया कि अभियान के अंतर्गत विद्यार्थियों को दवा दी गई थी।
इसके दुष्प्रभाव के बारे में किसी ने शिकायत नहीं की। लेकिन इसी बीच रोशनी बेहोश हो गई। दावा किया गया कि एल्बेंडाजोल के प्रभाव से उसकी तबीयत खराब हुई। लेकिन उसकी सहपाठियों ने बताया कि वह बुखार से पीड़ित थी और इसकी जानकारी उनसे साझा की थी।
छात्रा की तबीयत खराब होने पर स्कूल प्रबंधन ने तुरंत सुध ली। आगे सूचना दिए जाने पर डायल 112 की टीम यहां पहुंची और उसके माध्यम से छात्र को अस्पताल पहुंचाया गया। जहां पर उसकी चिकित्सा की गई। माना जा रहा है कि पूर्व से बिगड़ी तबीयत के कारण रोशनी के साथ स्कूल में ऐसा हुआ। कहा जा रहा है कि अभियान के अंतर्गत जब सभी विद्यार्थियों को एल्बेंडाजोल टैबलेट्स दी गई तो केवल एक पर ही उसका साइड इफेक्ट क्यों होगा।
स्वास्थ्य अधिकारी एस एन केसरी ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग के द्वारा जिले के स्कूलों में और आंगनबाड़ियों में बच्चों को कृमि की दवा खिलाई गई है। घटना सामने आने के बाद घटनाक्रम की जानकारी ली जा रही है।