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NTPC कोरबा में बड़ा ब्रेकडाउन: टेस्टिंग के दौरान फॉल्ट से ट्रिप हुईं सात इकाइयां, 2600 MW बिजली उत्पादन ठप
Sat, 05 Sep 2026 04:10 PM IST
कोरबा ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोरबा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोरबा
Published by: कोरबा ब्यूरो
Updated Sat, 05 Sep 2026 04:10 PM IST
सार
कोरबा के एनटीपीसी संयंत्र में गुरुवार-शुक्रवार को ब्रेकर टेस्टिंग के दौरान फॉल्ट होने से 2600 मेगावाट की सभी सात यूनिट ट्रिप हो गईं। सुधार कार्य के बाद अब तीन यूनिट बहाल हो चुकी हैं, जबकि चार को चालू करने का काम जारी है।
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इलेक्ट्रिकल फाल्ट से बंद हुईं एनटीपीसी की 7 इकाइयां
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
छत्तीसगढ़ के सबसे बड़े बिजली उत्पादक एनटीपीसी कोरबा संयंत्र में बड़ा ब्रेकडाउन हो गया। पावर ग्रिड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया द्वारा बे-ब्रेकर की टेस्टिंग के दौरान आई इलेक्ट्रिकल खराबी के कारण एनटीपीसी कोरबा की सभी सातों इकाइयां एक साथ ट्रिप हो गईं। गुरुवार-शुक्रवार की दरमियानी रात हुई इस घटना के बाद शनिवार दोपहर तक तीन यूनिट बहाल कर दी गई हैं, जबकि चार यूनिट चालू करने का काम जारी है।
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2600 मेगावाट बिजली उत्पादन ठप
ब्रेकडाउन के कारण एनटीपीसी कोरबा का 2600 मेगावाट बिजली उत्पादन पूरी तरह ठप हो गया था। एनटीपीसी कोरबा की स्थापित क्षमता 2600 मेगावाट है, जिसमें 200 मेगावाट की तीन इकाइयां और 500 मेगावाट की चार इकाइयां शामिल हैं। सभी सातों इकाइयों के एक साथ बंद होने से संयंत्र में ब्लैकआउट जैसी स्थिति बन गई थी।
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जानकारी के अनुसार PGCIL की टीम द्वारा PGCIL बे में ब्रेकर की जांच और टेस्टिंग का काम किया जा रहा था। इसी दौरान अचानक इलेक्ट्रिकल फॉल्ट हुआ और उसका असर सीधे एनटीपीसी की सभी यूनिटों पर पड़ा। फॉल्ट इतना बड़ा था कि सभी यूनिटें एक के बाद एक ट्रिप होती चली गईं। बताया जा रहा है कि फॉल्ट के बाद पूरे प्लांट में अंधेरा छा गया और सहायक व्यवस्थाएं भी प्रभावित हुईं।
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कई राज्यों की बिजली आपूर्ति पर असर
इस घटना का असर छत्तीसगढ़ के साथ-साथ दूसरे राज्यों की बिजली आपूर्ति पर भी पड़ा है। एनटीपीसी कोरबा से छत्तीसगढ़ के अलावा मध्य प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र, गोवा सहित कई राज्यों को बिजली की सप्लाई की जाती है। उत्पादन ठप होने से ग्रिड पर भी दबाव बढ़ गया। वहीं जमनीपाली स्थित एनटीपीसी टाउनशिप में भी करीब डेढ़ घंटे तक बिजली गुल रही। बाद में डीजी सेट और वैकल्पिक व्यवस्था से टाउनशिप की बिजली आपूर्ति बहाल की गई। देर रात तक स्ट्रीट लाइटें बंद रहने से टाउनशिप में अंधेरा पसरा रहा।
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तीन यूनिट बहाल
एनटीपीसी के प्रवक्ता के मुताबिक आज दोपहर 2 बजे तक एनटीपीसी कोरबा की तीन जनरेटिंग यूनिट सफलतापूर्वक बहाल कर दी गई हैं। इनमें 500 मेगावाट की दो और 200 मेगावाट की एक यूनिट शामिल है। प्रवक्ता ने बताया कि बाकी चार जनरेटिंग यूनिट को निर्धारित सुरक्षा और संचालन प्रक्रियाओं के तहत क्रमवार चालू करने का काम जारी है। तकनीकी टीमें लगातार काम कर रही हैं और इकाइयों को एक-एक करके सिंक्रोनाइज किया जा रहा है। वहीं ब्लैकआउट की वास्तविक वजह का पता लगाने के लिए जांच की जा रही है।
एनटीपीसी प्रबंधन ने शुक्रवार को मीडिया विज्ञप्ति जारी कर बताया था कि सभी इकाइयों को फिर से चालू करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और देर रात तक बहाली की उम्मीद है। हालांकि शनिवार सुबह तक सभी यूनिट शुरू नहीं हो सकी थीं। इसके बाद दोपहर 2 बजे तक तीन यूनिट बहाल किए जाने की जानकारी सामने आई। एनटीपीसी कोरबा की जनसंपर्क अधिकारी उषा घोष ने शनिवार सुबह बताया था कि संयंत्र की बंद इकाइयों को सुधारने का कार्य युद्धस्तर पर जारी है। तकनीकी टीम लगातार काम कर रही है। इकाइयों को एक-एक करके सिंक्रोनाइज किया जाएगा और शाम तक आधिकारिक अपडेट दिया जाएगा।
2011 में भी हुआ था ऐसा बड़ा फॉल्ट
गौरतलब है कि इससे पहले वर्ष 2011 में भी इसी तरह का बड़ा फॉल्ट आया था, जब एनटीपीसी की सभी इकाइयां एक साथ बंद हो गई थीं। तब भी बहाली में 2 से 3 दिन का समय लगा था।