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कोरबा में अर्नब का असर: खेतों में गिरी पककर तैयार धान की फसल, बारिश ने बढ़ाई किसानों की चिंता
Fri, 30 Oct 2026 07:04 PM IST
कोरबा ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोरबा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोरबा
Published by: कोरबा ब्यूरो
Updated Fri, 30 Oct 2026 07:04 PM IST
सार
चक्रवाती तूफान अर्नब के असर से कोरबा में लगातार बारिश हो रही है। 24 घंटे में औसतन 20.02 मिमी बारिश दर्ज की गई। तेज हवा और पानी से खेतों में पककर तैयार धान की फसल गिर गई है। किसानों ने प्रशासन से फसल क्षति का सर्वे कराकर मुआवजा देने की मांग की है।
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जिले में अर्नब का असर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
बंगाल की खाड़ी से उठे चक्रवाती तूफान अर्नब का असर कोरबा जिले में लगातार देखने को मिल रहा है। गुरुवार को दिनभर हुई झमाझम बारिश के बाद शुक्रवार को भी आसमान में काली घटाएं छाई रहीं और रुक-रुककर बारिश होती रही। जिले में पिछले 24 घंटे के दौरान औसतन 20.02 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। लगातार बारिश से जनजीवन प्रभावित होने के साथ ही खेती-किसानी पर भी असर पड़ने लगा है।
मौसम का मिजाज बुधवार से ही बदला हुआ है। बुधवार को हल्की बारिश के बाद गुरुवार को तेज हवा के साथ जोरदार बारिश हुई। तेज हवा और पानी के कारण खेतों में पककर कटाई के लिए तैयार धान की फसल गिर गई है। इससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। लगातार बारिश के कारण धान की कटाई में भी देरी होने की आशंका है। एहतियात के तौर पर प्रशासन ने पहले ही स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी थी।
बारिश के चलते शहर के कई नालों में पानी भर गया, जिससे लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा। लगातार बारिश से तापमान में भी गिरावट आई है। जिले में न्यूनतम तापमान 19 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। वहीं, बारिश का असर बांगो बांध के जलस्तर पर भी दिखाई दिया है। बांध का कुल जलस्तर 355.80 मीटर दर्ज किया गया, जबकि जलभराव 77.89 प्रतिशत तक पहुंच गया है।
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फसल गिरने से धान की बालियों में अंकुरण का खतरा
कृषि वैज्ञानिक डीपी तिवारी ने बताया कि खेत में खड़ी और नहीं गिरी हुई धान की फसल को बारिश से अधिक नुकसान नहीं होता, लेकिन फसल गिर जाने पर धान की बालियों में अंकुरण की समस्या बढ़ सकती है। उन्होंने कहा कि मौजूदा बारिश धान की फसल के लिए कुछ हद तक फायदेमंद है, लेकिन खेतों में अधिक पानी जमा नहीं होना चाहिए। किसानों को खेतों से अतिरिक्त पानी निकालने और जलभराव पर ध्यान देने की सलाह दी गई है।
किसानों को सता रही फसल खराब होने की चिंता
नकटीखार निवासी किसान एवं स्थानीय जनप्रतिनिधि अजीत दास महंत ने बताया कि उन्होंने कई एकड़ में धान की खेती की है। मौसम में अचानक बदलाव से खेती-किसानी में काफी परेशानी हो रही है। यदि बारिश का सिलसिला जारी रहा तो धान की फसल को नुकसान हो सकता है।
वहीं, दादर निवासी किसान अरुण यादव ने बताया कि उनके खेतों में धान की फसल अच्छी हुई थी, लेकिन लगातार बारिश के कारण फसल गिर गई है। इससे नुकसान की आशंका बढ़ गई है। इसके अलावा बाड़ी में लगाई गई सब्जियों के खेतों में पानी भरने से फसल खराब होने लगी है।
करतला और कटघोरा में सबसे ज्यादा बारिश
जिले की विभिन्न तहसीलों में दर्ज बारिश के आंकड़ों के अनुसार करतला में सबसे अधिक 31.5 मिलीमीटर बारिश हुई। इसके बाद कटघोरा में 30.2 मिलीमीटर और धीसमा में 30 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। अन्य क्षेत्रों में कोरबा में 9.5, अजगरबहार में 18, बरपाली में 10, दीपका में 14.9, दर्री में 20.2, पाली में 20.2, हरदीबाजार में 14.6, पोड़ी उपरोड़ा में 20 और पसान में 23 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।
लगातार बारिश से परेशान किसानों ने जिला प्रशासन से फसल क्षति का सर्वे कराने और नुकसान के आधार पर उचित मुआवजा देने की मांग की है।
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मौसम का मिजाज बुधवार से ही बदला हुआ है। बुधवार को हल्की बारिश के बाद गुरुवार को तेज हवा के साथ जोरदार बारिश हुई। तेज हवा और पानी के कारण खेतों में पककर कटाई के लिए तैयार धान की फसल गिर गई है। इससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। लगातार बारिश के कारण धान की कटाई में भी देरी होने की आशंका है। एहतियात के तौर पर प्रशासन ने पहले ही स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी थी।
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बारिश के चलते शहर के कई नालों में पानी भर गया, जिससे लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा। लगातार बारिश से तापमान में भी गिरावट आई है। जिले में न्यूनतम तापमान 19 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। वहीं, बारिश का असर बांगो बांध के जलस्तर पर भी दिखाई दिया है। बांध का कुल जलस्तर 355.80 मीटर दर्ज किया गया, जबकि जलभराव 77.89 प्रतिशत तक पहुंच गया है।
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फसल गिरने से धान की बालियों में अंकुरण का खतरा
कृषि वैज्ञानिक डीपी तिवारी ने बताया कि खेत में खड़ी और नहीं गिरी हुई धान की फसल को बारिश से अधिक नुकसान नहीं होता, लेकिन फसल गिर जाने पर धान की बालियों में अंकुरण की समस्या बढ़ सकती है। उन्होंने कहा कि मौजूदा बारिश धान की फसल के लिए कुछ हद तक फायदेमंद है, लेकिन खेतों में अधिक पानी जमा नहीं होना चाहिए। किसानों को खेतों से अतिरिक्त पानी निकालने और जलभराव पर ध्यान देने की सलाह दी गई है।
किसानों को सता रही फसल खराब होने की चिंता
नकटीखार निवासी किसान एवं स्थानीय जनप्रतिनिधि अजीत दास महंत ने बताया कि उन्होंने कई एकड़ में धान की खेती की है। मौसम में अचानक बदलाव से खेती-किसानी में काफी परेशानी हो रही है। यदि बारिश का सिलसिला जारी रहा तो धान की फसल को नुकसान हो सकता है।
वहीं, दादर निवासी किसान अरुण यादव ने बताया कि उनके खेतों में धान की फसल अच्छी हुई थी, लेकिन लगातार बारिश के कारण फसल गिर गई है। इससे नुकसान की आशंका बढ़ गई है। इसके अलावा बाड़ी में लगाई गई सब्जियों के खेतों में पानी भरने से फसल खराब होने लगी है।
करतला और कटघोरा में सबसे ज्यादा बारिश
जिले की विभिन्न तहसीलों में दर्ज बारिश के आंकड़ों के अनुसार करतला में सबसे अधिक 31.5 मिलीमीटर बारिश हुई। इसके बाद कटघोरा में 30.2 मिलीमीटर और धीसमा में 30 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। अन्य क्षेत्रों में कोरबा में 9.5, अजगरबहार में 18, बरपाली में 10, दीपका में 14.9, दर्री में 20.2, पाली में 20.2, हरदीबाजार में 14.6, पोड़ी उपरोड़ा में 20 और पसान में 23 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।
लगातार बारिश से परेशान किसानों ने जिला प्रशासन से फसल क्षति का सर्वे कराने और नुकसान के आधार पर उचित मुआवजा देने की मांग की है।

जिले में अर्नब का असर, 24 घंटे में 20.02 मिमी औसत बारिश

जिले में अर्नब का असर, 24 घंटे में 20.02 मिमी औसत बारिश

जिले में अर्नब का असर, 24 घंटे में 20.02 मिमी औसत बारिश