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SECL के कोयला सर्वे पर भड़के ग्रामीण: कंपनी के अधिकारियों को भगाया, बोले- खनन से सुरक्षित रखेंगे अपनी जमीन
Wed, 15 Mar 2023 11:06 PM IST
मोहनीश श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोरबा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोरबा
Published by: मोहनीश श्रीवास्तव
Updated Wed, 15 Mar 2023 11:06 PM IST
सार
जिन क्षेत्रों में कोयला की मौजूदगी की जानकारी भारत सरकार के खनन मंत्रालय को है वह अगली प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए काम करेगी। राज्य सरकार के सहयोग से ऐसे कार्यों को पूरा कराया जाना है। छत्तीसगढ़ के कई क्षेत्रों में लोग ऐसी परियोजनाओं का विरोध पिछले वर्षों में कर चुके हैं लेकिन वे वर्तमान में क्रियाशील है।
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कोयला सर्वे के विरोध में लाठी-डंडे लेकर पहुंचे ग्रामीण।
- फोटो : संवाद
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विस्तार
छत्तीसगढ़ में कोरबा में बुधवार को कोयला सर्वेक्षण के लिए पहुंचे कंपनी के अधिकारियों और कर्मचारियों को ग्रामीणों ने भगा दिया। हाथों में लाठी-डंडे लेकर पहुंचे ग्रामीणों से इस दौरान जमकर बहस भी हुई। इसके बाद अफसर बैरंग लौट गए। जिले के कुछ और भी इलाकों में कोयले का पता चला है। इसे लेकर एसईसीएल ने प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर एक कंसल्टेंसी कंपनी को सर्वेक्षण का काम सौंपा है। इसकी पता चलने पर लोग नाराज हो गए। उन्होंने अपनी जमीन को खनन संबंधी कार्यों से सुरक्षित रखने की घोषणा की है।
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दरअसल, कोरबा के राजाडीह गांव में कोयला होने की जानकारी मिली है। इसके बाद कंसल्टेंसी कंपनी के कर्मचारी सर्वे के लिए पहुंचे थे। इसका पता ग्रामीणों को चला तो वह लाठी-डंडे लेकर निकल पड़े। उन्होंने कर्मचारियों से जमकर बहस की। काफी हंगामे के बाद कर्मचारियों को वहां से लौटना पड़ा। इससे पहले कोलगा व कोडवारी में भी लोग विरोध कर चुके हैं। वाइब्रेटिंग बेस्ड ब्लास्टिंग के जरिए यहां पर सर्वे कराया जा रहा है। लोगों का कहना है कि इससे जल स्तर नीचे जा सकता है और पर्यावरण पर भी असर पड़ेगा।
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