छत्तीसगढ़ में स्वाइन फ्लू: कोरबा में एक साथ मिले पांच नए मरीज, पूरे जिले में अलर्ट; 15 दिनों के ये हैं आंकड़े
कोरबा में स्वाइन फ्लू बढ़ने लगा है। यहां 24 घंटे में एक साथ पांच नए मरीज मिले। छत्तीसगढ़ में 15 दिनों का आंकड़े चौंकाने वाले हैं। स्वास्थ्य विभाग ने जिले में अलर्ट जारी किया है।
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छत्तीसगढ़ के अन्य जिलों में स्वाइन फ्लू का कर देखने को मिल रहा है। वहीं अब तक 15 दिनों में छह लोगों की मौत की बात सामने आई है। इसी तरह कोरबा जिले में भी स्वाइन फ्लू ने अपने पांव पसारने शुरु कर दिए हैं। जिले में हाल ही में स्वाइन फ्लू के पांच नए एक्टिव मरीज पाए गए हैं। सभी का उपचार किया जा रहा है।
नए मरीज सामने आने के बाद जिले में हड़कंप मच गया है। जिले के मुख्य चिकित्सा और स्वास्थ्य अधिकारी ने अलर्ट जारी कर दिया है। जिले में इस बीमारी से पीड़ित पांच नए मरीज सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड़ पर है।
मरीजों को अस्पताल में भर्ती कर उनका उपचार किया जा रहा है। ऐसे मरीजों के लिए अलग से आईसोलेशन वार्ड बनाया गया है। 20 बिस्तर वाले अलग से बेड तैयार किए गए हैं। वह इसके अलावा अलग से टीम भी बनाई गई है जो लगातार ऐसे मरीजों की निगरानी करते रहेंगे।
जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.एस.एन.केसरी ने बताया कि स्वाइन फ्लू को लेकर स्वास्थ्य अमले ने लोगों को सचेत रहने को कहा है। विभागीय अधिकारियों ने कहा है कि अगर स्वाइन फ्लू के लक्षण सामने आते हैं, तो तत्काल उसकी जांच कराए और अस्पताल में उपचार लाभ लें।
क्या है स्वाइन फ्लू?
स्वाइन फ्लू एक वायरल इंफेक्शन है, जो मूल रूप से सूअरों से मनुष्यों में फैला। स्वाइन फ्लू एच1एन1 इन्फ्लूएंजा एक तरह का वायरस है। यह वायरस एक इंसान से दूसरे इंसान में फैल सकता है। नियमित इन्फ्लूएंजा और स्वाइन फ्लू के लक्षण बहुत मिलते-जुलते हैं। गर्मी और मानसून के मौसम में स्वाइन फ्लू के मामले बढ़ जाते हैं। इस बीमारी से बचाव के लिए कई वैक्सीन हैं, साथ ही इलाज के लिए कई तरह के एंटीवायरल उपचार भी मौजूद हैं। इसके अलावा हाइजीन का ख्याल रखकर और सर्जिकल मास्क पहनकर स्वाइन फ्लू से बचा जा सकता है।
स्वाइन फ्लू के लक्षण?
बुखार आना
सिरदर्द होना
डायरिया होना
खांसी आना
छींक आना
ठंड लगना
गले में खराश होना
थकान
नासिका मार्ग ब्लॉक होना
किन लोगों को स्वाइन फ्लू का खतरा ज्यादा
अध्ययनों के मुताबिक कुछ लोगों में स्वाइन फ्लू का खतरा अन्य की तुलना में ज्यादा होता है। इनमें शामिल हैं,
गर्भवती महिलाएं
हृदय रोग के मरीज
डायबिटीज के मरीज
रेस्पिरेटरी समस्याएं जैसे निमोनिया से ग्रसित लोग
65 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों और 2 साल से छोटे बच्चे को स्वाइन फ्लू जल्द होने की संभावना रहती है।
स्वाइन फ्लू से बचाव
खांसते और छींकते समय मुंह पर रूमाल रखें। मास्क का इस्तेमाल करें।
भोजन करने से पहले हाथों को अच्छी तरह से साबुन से धोएं।
भरपूर मात्रा में स्वच्छ पानी पीएं और पौष्टिक आहार का सेवन करें।
संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने पर मास्क पहनें और हाथों को अच्छे से साफ करें।
मरीजों से मिलते समय दूरी का ध्यान रखें।
भीड़ भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचें।
लक्षण दिखाई देने पर तुरंत डॉक्टर के पास जाएं।