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किसान मित्रों को 22 माह से मानदेय नहीं: कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन, कहा- शासन की योजनाओं के सहयोगी, फिर भी वंचित

Thu, 09 Feb 2023 01:54 PM IST
मोहनीश श्रीवास्तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बालोद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बालोद Published by: मोहनीश श्रीवास्तव Updated Thu, 09 Feb 2023 01:54 PM IST
सार

किसान मित्रों ने बताया कि उनका कार्य कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन विभाग की हितग्राही मूलक योजनाओं का प्रचार-प्रसार करना, किसान संगोष्ठी, फसल प्रदर्शन लगवाना, फसल बीमा कराना, नरवा, गरवा, घूरवा बाड़ी योजना एवं गौठान प्रबंधन में सहयोग करना, मृदा परीक्षण, जैविक खेती का प्रचार प्रसार करना है और यह सभी शासन के महत्वपूर्ण योजनाओं में से एक है जो किसी भी किसान को शासन से जोड़ता है।

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kisan mitra protest collectorate in balod for not getting honorarium
कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन करते किसान मित्र। - फोटो : संवाद

विस्तार

छत्तीसगढ़ के बालोद में गुरुवार को सैकड़ों की संख्या में किसान मित्रों ने कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। किसान मित्र करीब 22 माह से मानदेय नहीं मिलने के कारण नाराज हैं। उनका कहना है कि हम लोग किसान और शासन की योजनाओं के बीच कड़ी का काम करते हैं, इसके बावजूद उन्हें ही वंचित रखा गया है। इसके अलावा शासन से जो भी काम मिलता है, उसे भी बखूबी करते हैं। उन्होंने कलेक्टर को अपनी मांगों को लेकर एक ज्ञापन भी सौंपा। साथ ही मानदेय नहीं मिलने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। 

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प्रतिदिन 35 रुपए 33 पैसे का भुगतान
किसान मित्र संघ के नेतृत्व में गुरुवार को किसान मित्रों ने हल्ला बोल किया। कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन करने वालों में बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल थीं। किसान मित्रों ने बताया कि उन्हें 35 रुपए 33 पैसे प्रतिदिन की दर से भुगतान किया जाता है। आत्मा योजना सहित कृषि विभाग, मत्स्य विभाग और पशु विभाग के साथ मिलकर काम करते हैं। किसानों को योजनाओं के बारे में बताते हैं और उनकी समस्याओं का निराकरण करते हैं। फिर भी उनका भुगतान रोका गया है। 
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पूरे जिले में 342 किसान मित्र हैं कार्यरत
किसान मित्र संघ सदस्य पन्नालाल सोनबोईर ने बताया की एक्सटेंशन रिकार्य (आत्मा) योजनांतर्गत कृषक मित्र की नियुक्ति की गई थी जिले में कुल 342 कृषक मित्र काम कर रहे हैं हमारी 2012 में नियुक्ति की गई थी हम शासन की योजनाओं से मिलकर कार्य करते हैं और शुरुआत के समय में हमें नियमित मानदेय मिलता था परंतु कुछ 2 वर्षों में हमें मानदेय नहीं मिल रहा है हम लगातार शासन एवं प्रशासन से इसकी मांग कर रहे हैं।

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