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Hindi News ›   Chhattisgarh ›   Karwa Chauth 2026:  shubh muhurat and shubh sanyog, know here puja Vidhi

Exclusive: 'जरा थम के बरस'..., 'अर्नब' की वजह से भीग जायेंगे 'वो'; करवा चौथ में मेरे महबूब दिखने वाले हैं...

Thu, 29 Oct 2026 11:55 AM IST
Lalit Kumar Singh Lalit Kumar Singh
Updated Thu, 29 Oct 2026 11:55 AM IST
सार

सुहागिनों का प्रमुख त्योहार करवा चौथ आज पूरे छत्तीसगढ़ में धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है। करवा चौथ पर 'अर्नब चक्रवात के ग्रहण' के बावजूद व्रती महिलाओं में भारी उत्साह देखा जा रहा है। यानि करवा चौथ का व्रत 'अर्नब' पर भारी है।

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Karwa Chauth 2026:  shubh muhurat and shubh sanyog, know here puja Vidhi
ग्रॉफिक्स: अमर उजाला डिजिटल - फोटो : CG News

विस्तार

छत्तीसगढ़ में करवा चौथ: सुहागिनों का प्रमुख त्योहार करवा चौथ आज पूरे छत्तीसगढ़ में धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है। करवा चौथ पर 'अर्नब चक्रवात के ग्रहण' के बावजूद व्रती महिलाओं में भारी उत्साह देखा जा रहा है। यानि करवा चौथ 'अर्नब' पर भारी है। सुहागिन महिलायें ब्रह्मा मुर्हुत या सूर्योदय से ही व्रत धारण की हुई हैं। इस बार पांच शुभ संयोग में करवा चौथ मनाया जा रहा है। 
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करवा चौथ पर पहली बार 'अर्नब चक्रवात का सितम'
हालांकि इस बार के करवा चौथ में पहली बार 'अर्नब चक्रवात' का सितम देखने को मिल रहा है। रायपुर समेत पूरे छत्तीसगढ़ में बीते 24 घंटे से ज्यादा समय से हल्की बारिश हो रही है। मौसम विभाग ने कई जगहों पर भारी बारिश की चेतावनी भी जारी की है। ऐसे में पूरे प्रदेश में बूंदाबांदी जारी है। आसमान में सुबह से ही काले बादल उमड़े हुए हैं। ठंडी-ठंडी हवायें चल रही हैं। बादलों के छाये होने से करवा चौथ में चांद के दिखने को लेकर महिलायें चिंतित नजर आ रही हैं। सबको लग रहा है कि बादल छाये रहने से चांद कैसे नजर आयेगा। चांद का दीदार होगा या नहीं? करवा चौथ में मेरे साजन दिखेंगे या नहीं? कैसे मनेगा व्रत? आदि सवाल व्रती महिलाओं के मन में सुलग रहे हैं। 
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ज्योतिषाचार्य पंडित प्रियशरण त्रिपाठी ने बताया यह राज
इस संशय के बीच अमर उजाला ने रायपुर, छत्तीसगढ़ के प्रख्यात ज्योतिषाचार्य पंड़ित प्रिय शरण त्रिपाठी से खास बातचीत की। इस दौरान उन्होंने कहा कि 'अर्नब चक्रवात' की वजह से मेघ छाये रहने को लेकर महिलाओं का चिंतित होना स्वाभाविक है, लेकिन व्रती महिलाओं को टेंशन लेने की जरूरत नहीं है। सुहागिन व्रती महिलाओं के आगे ऐसे कितने चक्रवात आते-जाते रहेंगे। आदि और अनंत काल से चला आ रहा यह प्रमुख त्योहार सारे समस्याओं का निवारण करेगा। 









जानें चंद्रोदय का समय
उन्होंने शुभ मुर्हूत को लेकर कहा कि रात 08.15 से लेकर 08.20 तक चंद्रोदय का समय है। इस दौरान व्रती महिलायें चंद्रमा का दर्शन कर सकती हैं। चाहे बादल छाये रहे या न रहे। सुहागिन महिलायें चंद्रोदय के समय पर ही पारण करें। इसके साथ ही उन्होंने व्रती महिलाओं से अपील करते हुए कहा कि सजने-संवरने की जगह महिलायें पूजा पर फोकस करें तो इस व्रत की महत्ता और भी बढ़ जायेगी। पंचांग के मुताबिक, कार्तिक कृष्ण चतुर्थी तिथि को करवा चौथ का व्रत रखते हैं। इस दिन वक्रतुंड संकष्टी चतुर्थी व्रत भी है। सुहागिन महिलाएं अपने पति की दीर्घायु और सुखी वैवाहिक जीवन के लिए निर्जला व्रत रखती हैं। 









जानें पूजा विधि
सबसे पहले व्रती महिलायें ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान आदि से निवृत हो जाएं। इसके बाद सरगी ग्रहण करें. सूर्योदय से पहले सरगी लेना है। क्योंकि उसके बाद से निर्जला व्रत शुरू हो जाएगा। सरगी में व्रती महिलायें नारियल पानी, मिठाई, फल, दूध, चाय आदि ले सकती हैं। व्रती उन वस्तुओं का सेवन करें, जो पूरे दिन शरीर में पानी की कमी न होने दें। सूर्योदय के समय  “मम सुख सौभाग्य पुत्र-पौत्रादि सुस्थिर श्री प्राप्तये करक चतुर्थी व्रतमहं करिष्ये।” मंत्र से व्रत और पूजा का संकल्प लेकर व्रत शुरू करें। दिन में मिट्टी से गणेश जी, माता पार्वती, भगवान शिव, भगवान कार्तिकेय की मूर्ति बनाकर पूजा करें या चित्र लेकर भी पूजा कर सकते हैं। शाम के समय में दुल्हन की तरह सोलह श्रृंगार कर तैयार हो जायें। शाम को शुभ मुहूर्त में रेत या मिट्टी की वेदी बनाएं। उस पर पीपल का वृक्ष लिखकर गणेश जी, माता पार्वती, भगवान शिव और भगवान कार्तिकेय की स्थापना करें। पूजा करने के बाद अक्षत्, सिंदूर, हल्दी, धूप, दीप, फूल, नैवेद्य, मिठाई आदि से षोडशोपचार पूजा करें। नए वस्त्र, चुनरी देवों को अर्पित करें। मातारानी को 16 श्रृंगार की सामग्री चढ़ाएं। फिर करवा चौथ की व्रत कथा सुनकर आरती उतारें। गलतियों के लिये क्षमा याचना करें। उसके बाद अखंड सौभाग्य और सुखी जीनव साथी की कामना करें। चंद्रोदय होने पर पूजा करके चंद्रमा को अर्घ्य अर्पित करें। इसके बाद छलनी में दीपक जलाकर चंद्रमा और पति के दर्शन करें। करवा फेरकर सास या बड़ों का पैर छूकर आशीर्वाद लें। पति के हाथ से पानी ग्रहण कर व्रत तोड़े। इसके बाद प्रसाद का वितरण करें।











करवा चौथ पूजा सामग्री 
मिट्टी का करवा, एक ढक्कन, एक थाली माता के लिए चुनरी, गणेश जी, शिव जी और कार्तिकेय जी के लिए नए वस्त्र करवा चौथ व्रत कथा और आरती की एक पुस्तक, चांद देखने की एक छलनी, लकड़ी की चौकी, करवा माता, गणेश जी, भगवान शिव और कार्तिकेय की मूर्ति या तस्वीर, सोलह श्रृंगार समाग्री, एक कलश, दीपक, रूई की बाती, अक्षत्, चंदन, हल्दी, फूल, मौली या रक्षासूत्र. एक लोटा या गिलास. शक्कर का चूरा, पान का पत्ता, दही, कच्चा दूध, कपूर, अगरबत्ती,गेहूं, लहुआ, फल,8 पूरियों की अठावरी,मिठाई, शहद, गाय का घी, रोली, कुमकुम, दक्षिणा, कुशा या सींक आदि।












करवा चौथ 2026 शुभ मुहूर्त
  • कार्तिक कृष्ण चतुर्थी तिथि शुरू: 29 अक्टूबर (सुबह 01:06)
  • कार्तिक कृष्ण चतुर्थी तिथि समापन: 29 अक्टूबर (रात 10:09)
  • सरगी का समय: सूर्योदय 06:31 से पहले
  • पूजा मुहूर्त: शाम 5:38 से शाम 06:56 तक
  • चंद्रोदय: रात 08:15 से 08.20 बजे
  • अर्घ्य का समय: रात 08:17 बजे से





 
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