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Chhattisgarh Naxalite: नक्सलियों के डिप्टी कमांडर ने किया सरेंडर, एसपी सहित 45 जवानों की हत्या में रहा शामिल

Tue, 18 Jul 2023 03:18 PM IST
मोहनीश श्रीवास्तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कांकेर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कांकेर Published by: मोहनीश श्रीवास्तव Updated Tue, 18 Jul 2023 03:18 PM IST
सार

Chhattisgarh Naxalite: कांकेर में नक्सलियों के डिप्टी कमांडर सन्नू मंडावी ने मंगलवार को बीएसएफ और पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया। सरेंडर करने वाले नक्सली पर तीन लाख रुपये का इनाम था। वह मदनवाड़ा में हुए एसपी हत्याकांड सहित 45 जवानों की शहादत में शामिल रहा था।

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Chhattisgarh Naxalite: three lakh rupees rewardee Naxalites' deputy commander surrendered in kanker
कांकेर में नक्सलियों के डिप्टी कमांडर ने बीएसएफ के सामने सरेंडर कर दिया। - फोटो : संवाद

विस्तार

छत्तीसगढ़ के कांकेर में नक्सलियों के डिप्टी कमांडर सन्नू मंडावी ने मंगलवार को बीएसएफ और पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया। सरेंडर करने वाले नक्सली पर तीन लाख रुपये का इनाम था। वह मदनवाड़ा में हुए एसपी हत्याकांड सहित 45 जवानों की शहादत में शामिल रहा था। सन्नू मंडावी परतापुर इलाके में सक्रिय था और अपने साथ इंसास व एसएलआर रायफल रखकर चलता था। सरेंडर के बाद सन्नू मंडावी ने बताया कि वह नक्सली संगठन में काफी परेशान हो गया था। इसके बाद उसे छोड़कर घर आ गया। वहां उसके साथी परेशान करने लगे तो तंग आकर सरेंडर कर दिया। 

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हिंसा और प्रताड़ना से तंग आकर छोड़ा नक्सल रास्ता
सन्नू मंडावी नक्सली संगठन के मिलिट्री प्लाटून नंबर 5 के सेक्शन ए का डिप्टी कमांडर था। उसने बताया कि 2005 में सलवा जुड़ूम के दौरान उसके घर में आग लगा दी गई थी। इसके चलते वह भागकर परिवार के साथ जंगल में चला गया। वहां उसके पास खाने-पीने के लिए कुछ नहीं था। ऐसे में नक्सली उसे ले गए और खाना दिया। इसके बाद उसे संगठन में भर्ती कर लिया और ट्रेनिंग दी गई। वह कई वारदातों में शामिल रहा। हालांकि जंगल में उसे फिर से परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। लगातार नक्सली उसका शोषण और अत्याचार करते। फिर हिंसा से तंग आकर उसने पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया। 
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नक्सली संगठन बाल संघम में हुआ था भर्ती
अंतागढ़ एडिशनल एसपी खोमन सिन्हा ने बताया कि नक्सली सन्नू मंडावी उर्फ शिवाजी वर्ष 2005 में बाल संघम के रूप में भर्ती हुआ था। फिर वर्ष 2005-06 में तीन माह कंपनी नंबर- दो में रहा। वर्ष 2006 में पदोन्नत होकर उत्तर बस्तर डिवीजन के अंतर्गत सक्रिय परतापुर एरिया कमेटी के प्लाटून नंबर- 05 में सेक्शन डिप्टी कमांडर के रूप वर्ष 2016 तक कार्य करता रहा। सन्नू मंडावी ने 2015 में नक्सल संगठन में ही रहते हुए जीतो जुर्री से शादी कर ली थी। इसके चलते उसे संगठन में डिमोट कर दिया गया। वर्ष 2016 में उसे गंगालूर एरिया कमेटी भेजा गया और मनकेली जनमिलिशिया कमांडर की जिम्मेदारी सौंपी। 
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सन्नु माड़वी इन वारदातों में रहा शामिल

  • 2006 : एनएमडीसी हिरोली दंतेवाड़ा में 8 CISF जवानों की हत्या कर 17 हथियार लूटे। 
  • 2007: विश्रामपुरी पुलिस थाना, जिला कोण्डागांव में हमला कर एक सहायक उप निरीक्षक ,  दो प्रधान आरक्षक की हत्या की में शामिल था। 
  • 2009: मदनवाड़ा कैम्प हमला, जिसमें एसपी विनोद चौबे सहित 29 जवानों का हत्या की गई। इस एम्बुश में 300 माओवादी सुधाकर और रामेदर के नेतृत्व में शामिल रहा।
  • 2010 में थाना दुर्गुकोंदल थाना के भुस्की गांव में बीएसएएफ के पांच जवानों की हत्याकर हथियार लूट में शामिल था। 
  • 2019 में गोरना गांव, बीजापुर में आईईडी ब्लास्ट किया। इसमें डीआरजी के जवान घायल हुए। 
  • 2023 में जनमिलिशिया कमांडर के रूप में मनकेली (बीजापुर ) पंचायत एरिया में कैम्प के विरोध में पेड़ काटकर रोड़ ब्लाक कर नक्सल बैनर पोस्टर लगाए। 
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