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कलार महासम्मेलन; बहादुर कलारिन जयंती पर एच्छिक अवकाश, महुआ बोर्ड की होगी स्थापना, सीएम भूपेश ने की घोषणा

Sun, 12 Mar 2023 07:28 PM IST
ललित कुमार सिंह अमर उजाला ब्यूरो, रायपुर
अमर उजाला ब्यूरो, रायपुर Published by: ललित कुमार सिंह Updated Sun, 12 Mar 2023 07:28 PM IST
सार

उद्योग व्यापार में कलार समाज को कोई नकार नहीं सकता है, लेकिन बिना शिक्षा के कोई भी समाज हो आगे नहीं बढ़ सकता है। प्रत्येक समाज के लिए शिक्षा जरूरी है और जिसने भी शिक्षा से नाता तोड़ा है वो समाज पिछड़ गया है। उक्त बातें मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ कलार महासभा की ओर से रायपुर के साइंस कालेज मैदान में आयोजित कलार महासम्मेलन में कहीं। 

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Kalar Mahasammelan in raipur Optional holiday on Bahadur Kalarin Jayanti
सीएम भूपेश बघेल - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

उद्योग व्यापार में कलार समाज को कोई नकार नहीं सकता है, लेकिन बिना शिक्षा के कोई भी समाज हो आगे नहीं बढ़ सकता है। प्रत्येक समाज के लिए शिक्षा जरूरी है और जिसने भी शिक्षा से नाता तोड़ा है वो समाज पिछड़ गया है। उक्त बातें मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ कलार महासभा की ओर से रायपुर के साइंस कालेज मैदान में आयोजित कलार महासम्मेलन में कहीं। 

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दो बड़ी घोषणाएं
इस मौके पर मुख्यमंत्री ने दो बड़ी घोषणाएं करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में महुआ बोर्ड की स्थापना की जाएगी। कलार समाज की पूजनीय माता बहादुर कलारिन के महिला सशक्तीकरण के योगदान को अतुलनीय करार देते हुए मुख्यमंत्री ने उनकी जयंती पर एच्छिक अवकाश का प्रावधान किए जाने की घोषणा की है। 
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व्यक्ति है प्रत्येक समाज की इकाई
मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि प्रत्येक समाज की इकाई व्यक्ति होता है और राज्य सरकार ने पिछले चार वर्षों में व्यक्ति को ही केंद्र में रखकर योजनाएं शुरू की हैं ताकि हर समाज के लोग लाभांवित हो सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि वो यदि योजनाओं का लाभ लोगों को न  मिले, लोग बीमार रहें तो मजबूत छत्तीसगढ़ की कल्पना कभी नहीं हो सकती है इसीलिए समाज के अंतिम व्यक्ति की जेब में भी पैसा जाए इसका प्रावधान छत्तीसगढ़ शासन ने किया है ताकि प्रदेश की प्रगति निरंतर होती रहे। छत्तीसगढ़ में अलग-अलग समाज के लोग मिलजुल कर रहते हैं, जाति वैमनस्यता की यहां कोई जगह नहीं है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के लोगों का सामाजित ताना-बाना बेहद मजबूत है और इससे छत्तीसगढ़ को मजबूती मिलती है। 




शिक्षा पर सबसे ज्यादा खर्च
कलार महासम्मेलन में लोगों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में शिक्षा का स्तर पिछले चार वर्षों में काफी बढ़ा है। ग्रामीण क्षेत्रों में भी स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल खुले हैं और नक्सल क्षेत्रों में लंबे समय से बंद पड़े स्कूलों को भी खोला गया है। छात्रों को गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा मिले इसके लिए राज्य सरकार लगातार प्रयास कर रही है और इसीलिए शिक्षा पर 17 हजार करोड़ रूपए खर्च किए जाने का प्रावधान बजट में रखा गया है। युवाओं को रोजगार मिले इसके लिए आधुनिक मांग के आधार पर आईटीआई कालेजों मे नए ट्रेड खोले जा रहे हैं ताकि समय की मांग के अनुसार युवा प्रशिक्षित हो सकें।  



कलार महासम्मेलन के आयोजन अवसर पर संसदीय सचिव विकास उपाध्याय, विधायक मोहन मरकाम, विधायक विनय जायसवाल, विधायक संगीता सिन्हा, रायपुर महापौर ऐजाज ढेबर, रिसाली महापौर शशि सिन्हा आदि मौजूद रहे।

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