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Chhattisgarh: जहां हुआ कबीरधाम जिले का पहला नक्सल एनकाउंटर, उसी जगह एसपी और पुलिसकर्मियों ने खाया बोरे-बासी
Mon, 01 May 2023 08:35 PM IST
मोहनीश श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कबीरधाम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कबीरधाम
Published by: मोहनीश श्रीवास्तव
Updated Mon, 01 May 2023 08:35 PM IST
सार
छत्तीसगढ़ की संस्कृति और विरासत पर गर्व महसूस करते हुए क्षेत्र का नक्सल गतिविधियों से मुक्त कराने के उद्देश्य से विश्व श्रमिक दिवस के अवसर पर गश्त पर गए जवानों ने जंगल में नदी किनारे बोरे बासी का आनंद लिया।
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जंगल में बोरे-बासी खाते जवान।
- फोटो : संवाद
विस्तार
छत्तीसगढ़ में सोमवार को विश्व श्रमिक दिवस के मौके पर नेताओं से लेकर अधिकारी सबने बोरे-बासी खाया। इसी बीच कबीरधाम के एसपी डॉ.लाल उमेद सिंह समेत अन्य पुलिसकर्मी उसी जगह पर गए, जहां जिले में पहली बार एक नक्सल एनकाउंटर हुआ था। वहीं सबने बोरे-बासी खाया। पांच साल पहले इसी जगह पर मुठभेड़ में जवानों ने इनामी नक्सली को मार गिराया था। ये इलाका जंगल तरेगांव थाना क्षेत्र में आता है।
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ग्राम धुमाछापर में 31 मई 2018 को जवानों ने मुठभेड़ में एक ईनामी नक्सली सुनील उर्फ मंगु को मार गिराया गया था। अब फिर से इस इलाके में नक्सली गतिविधियों की आसूचना प्राप्त हो रही हैं। जिसके मद्देनजर क्षेत्र में नक्सल गतिविधियों में अंकुश लगाये जाने और सूचना की तस्दीक करने पुलिस गश्त पार्टी रवाना हुई है। क्षेत्र में नक्सल गश्त के दौरान नक्सलियों को सरेंडर करने को लेकर पंफलेट चस्पा किए गए।
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छत्तीसगढ़ की संस्कृति और विरासत पर गर्व महसूस करते हुए क्षेत्र का नक्सल गतिविधियों से मुक्त कराने के उद्देश्य से विश्व श्रमिक दिवस के अवसर पर गश्त पर गए एसपी डॉ. लाल उमेद सिंह, नक्सल ऑपरेशन डीएसपी कौशल किशोर वासनिक, संजय ध्रुव, थाना प्रभारी विकास बद्येल, थाना प्रभारी युवराज साहू, चौकी प्रभारी विमल लवनिया, उदल मरकाम समेत अन्य जवानों ने जंगल में नदी किनारे बोरे बासी का आनंद लिया।
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