फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chhattisgarh ›   145 Cattle Fall Sick After Consuming Kodo Straw, 3 Die,Panic in Surajpura and Pirchatola villages of Sahaspur

कोदो का पैरा खाते ही मवेशियों की बिगड़ी हालत: तीन की मौत, 145 मवेशी बीमार; गांव में पहुंची पशु चिकित्सा टीम

Fri, 30 Oct 2026 01:36 PM IST
कबीरधाम ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कबीरधाम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कबीरधाम Published by: कबीरधाम ब्यूरो Updated Fri, 30 Oct 2026 01:36 PM IST
सार

कोदो का पैरा खाने के बाद करीब 145 मवेशियों में विषाक्तता के लक्षण सामने आए हैं। अब तक तीन पशुओं की मौत हो चुकी है। पशु चिकित्सा विभाग की टीम ने बीमारी के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए पैरा, रक्त और गोबर के नमूने जांच के लिए भेजी है।

विज्ञापन
145 Cattle Fall Sick After Consuming Kodo Straw, 3 Die,Panic in Surajpura and Pirchatola villages of Sahaspur
गांव में पशु विभाग की टीम मौजूद है

विस्तार

कबीरधाम जिले के सहसपुर लोहारा विकासखंड के सूरजपुरा और पिरचाटोला गांव में कोदो का पैरा खाने से बड़ी संख्या में मवेशियों में विषाक्तता के लक्षण सामने आए हैं। 28 अक्टूबर को करीब 10 पशु बीमार मिले थे। इसके बाद 29 अक्टूबर की सुबह तक प्रभावित पशुओं की संख्या बढ़कर करीब 145 हो गई। वहीं, अब तक तीन मवेशियों की मौत हो चुकी है। लगातार बढ़ते मामलों के बाद पशुपालकों में चिंता है। आज शुक्रवार को भी पशु चिकित्सा विभाग की टीम गांव में मौजूद रहकर पशुओं की जांच और उपचार में जुटी रही।
विज्ञापन


रात में सूचना मिलते ही शुरू किया उपचार
ग्राम पंचायत सूरजपुरा से सूचना मिलने पर पशु चिकित्सा विभाग का अमला 28 अक्टूबर की रात ही प्रभावित पशुओं के उपचार के लिए पहुंच गया था। अगले दिन सुबह बड़ी संख्या में पशुओं में विषाक्तता के लक्षण मिलने के बाद उपचार कार्य तेज किया गया। विकासखंड के मैदानी अमले, मोबाइल वेटरनरी यूनिट (एमवीयू), आसपास के क्षेत्रों के पशु चिकित्सा सहायकों, मैत्री कार्यकर्ताओं और गौ सेवकों की मदद से घर-घर पहुंचकर पशुओं का उपचार किया जा रहा है।
विज्ञापन


पैरा और पशुओं के सैंपल जांच के लिए भेजे
पशुओं के बीमार होने के कारणों का पता लगाने के लिए विभाग ने प्रभावित गांवों के चराई क्षेत्र से कोदो पैरा का नमूना लिया है। जिला रोग अन्वेषण प्रयोगशाला की टीम ने बीमार पशुओं के रक्त और गोबर के नमूने भी एकत्रित किए हैं। इन नमूनों की जांच के बाद ही विषाक्तता के वास्तविक कारणों की पुष्टि हो सकेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन


कंपकंपी और असंतुलन दिखे तो तुरंत कराएं इलाज
पशु चिकित्सा विभाग के प्रभारी उप संचालक डॉ. आशीष देवांगन ने पशुपालकों से अपील की है कि वे मवेशियों को कोदो पैरा वाले खेतों में चरने न दें। विभाग के अनुसार अक्टूबर-नवंबर में कोदो की कटाई के बाद खेतों में छूटे पैरा को खाने से पशुओं में विषाक्तता हो सकती है। इसके लक्षणों में शरीर में लगातार कंपकंपी, शारीरिक असंतुलन और पेट फूलना शामिल हैं। गंभीर स्थिति में पशुओं की मौत भी हो सकती है।


निगरानी के लिए लगाई गई कर्मचारियों की ड्यूटी
प्रभावित क्षेत्र में पशुओं के स्वास्थ्य की लगातार निगरानी के लिए विभागीय कर्मचारियों की पालियों में ड्यूटी लगाई गई है। विभाग का कहना है कि उपचार के लिए आवश्यक दवाएं पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। पशु चिकित्सा अधिकारियों ने प्रभावित क्षेत्र का दौरा कर कर्मचारियों को समय पर उपचार और सतत निगरानी के निर्देश दिए हैं। वहीं, पशुओं को कोदो पैरा वाले खेतों में जाने से रोकने के लिए जनपद पंचायत सहसपुर लोहारा को मुनादी कराकर ग्रामीणों को जागरूक करने के लिए पत्र भी लिखा गया है।

गांव में पशु विभाग की टीम मौजूद है

गांव में पशु विभाग की टीम मौजूद है

 

गांव में पशु विभाग की टीम मौजूद है

गांव में पशु विभाग की टीम मौजूद है

 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed