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Journalist Mukesh Murder Case: नम आंखों से दी पत्रकार मुकेश को अंतिम विदाई; आरोपी के खिलाफ की ये मांग, पढ़ें
Sat, 04 Jan 2025 01:59 PM IST
ललित कुमार सिंह
अमर उजाला ब्यूरो, रायपुर/जगदलपुर
अमर उजाला ब्यूरो, रायपुर/जगदलपुर
Published by: ललित कुमार सिंह
Updated Sat, 04 Jan 2025 01:59 PM IST
सार
Bijapur Journalist Mukesh chandrakar Murder Case: बीजापुर जिले समेत बस्तर संभाग के पत्रकारों ने आज शनिवार को पत्रकार मुकेश चंद्राकर को अंतिम विदाई दी। इस दौरान सभी की आंखें नम रही।
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नम आंखों से दी पत्रकार मुकेश को अंतिम विदाई
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
Bijapur Journalist Mukesh chandrakar Murder Case: बीजापुर जिले समेत बस्तर संभाग के पत्रकारों ने आज शनिवार को पत्रकार मुकेश चंद्राकर को अंतिम विदाई दी। इस दौरान सभी की आंखें नम रही। सभी इस हत्याकांड को लेकर बेहद आक्रोशित दिखे। स्थानीय पत्रकारों ने राज्य शासन से इस मामले में आरोपियों को फांसी देने और उनके चल-अचल संपत्ति को नेस्तानाबूद करने की मांग की है।
बीजापुर के युवा पत्रकार की हत्या की खबर के फैलते ही पूरे छत्तीसगढ़ के पत्रकार इस मामले से जुड़े आरोपियों को जहां फांसी की सजा देने की मांग पर अड़ गए हैं, वही घटना की जानकारी लगने के बाद वन मंत्री और बस्तर सांसद पत्रकार के घर पहुंचे और श्रद्धांजलि दी।
युवा पत्रकार मुकेश चंद्राकर की हत्या के विरोध में बस्तर संभाग के पत्रकारों ने शनिवार को बीजापुर बंद का आह्वान किया था। हत्या के विरोध में बीजापुर अस्पताल चौक पर दो घंटे का सांकेतिक चक्का जाम भी किया।
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वहीं घटना को लेकर जहां वनमंत्री केदार कश्यप से लेकर बस्तर सांसद महेश कश्यप शनिवार की सुबह पत्रकार मुकेश के घर पहुंचे। इस दौरान मंत्री के सामने पत्रकारों ने मुकेश की हत्या के बाद सात सूत्रीय मांग भी रखी। साथ ही चेतावनी दी कि अगर इन मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो पांच जनवरी से हड़ताल शुरू होगी।
1.बीजापुर समेत बस्तर संभाग में सुरेश चंद्राकर की जितनी भी संपत्तियां हैं उसे जब्त कर सरकारी संपत्ति घोषित की जाए।
2. हत्याकांड में शामिल आरोपियों पर विभिन्न धाराओं के तहत एफआईआर हो, साथ ही फांसी की सजा की मांग भी की।
3. सुरेश चंद्राकर की सुरक्षा में लगाए जवानों को हटाया जाए।
4. सुरेश चंद्राकर को जारी सभी टेंडर रद्द किए जाएं, सभी बैंक खाते, पासपोर्ट सील किए जाएं।
5.घटना स्थल चट्टान पारा में बने अवैध बाड़ा को तत्काल निस्तेनाबूत किया जाए। गंगालूर रोड पर स्थित प्लांट सील किया जाए।
6. पुलिस अधीक्षक बीजापुर जितेंद्र सिंह को तत्काल सस्पेंड या तबादला किया जाए।
7. युवा पत्रकार मुकेश चंद्राकर को शहीद का दर्जा दिया जाए।
उक्त मांगें नहीं माने जाने पर पांच जनवरी से बीजापुर में अनिश्चिकालीन चक्का जाम किया जाएगा।
जानें क्या हुआ था
शुक्रवार की शाम बीजापुर मुख्यालय के चट्टानपारा स्थित सुरेश चंद्राकर के यार्ड से पत्रकार का शव बरामद हुआ था। हत्या के बाद सबूत मिपाने के लिए पत्रकार का शव सेप्टिक टैंक में डाल दिया गया था। पत्रकार मुकेश चंद्राकर ने 1.20 करोड़ के भ्रष्टाचार का खुलासा किया था। फिलहाल पुलिस जांच में जुटी है। मुकेश चंद्राकर की लाश मिलने के बाद पुलिस ने तीन लोगों को हिरासत में लिया है। पुलिस तीनों लोगों से पूछताछ कर रही है।
बस्तर आईजी सुंदरराज पी ने बताया कि पत्रकार मुकेश चंद्राकर मौत मामले में पुलिस ने तीन लोगों को हिरासत में लिया है। पुलिस तीनों लोगों से पूछताछ कर रही है। ठेकेदार सुरेश चंद्राकर और उसका भाई रितेश समेत तीन लोग हिरासत में हैं।
कुछ और लोगों को भी मामले में हिरासत में लेकर पूछताछ की जा सकती है। पुलिस ने इस मामले में रितेश चंद्राकर को दिल्ली और उसके बड़े भाई सुरेश चंद्राकर को हैदराबाद से हिरासत में लिया है। बताया जाता है कि पत्रकार मुकेश चंद्राकर सुरेश चंद्राकर का रिश्तेदार भी था।
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बीजापुर के युवा पत्रकार की हत्या की खबर के फैलते ही पूरे छत्तीसगढ़ के पत्रकार इस मामले से जुड़े आरोपियों को जहां फांसी की सजा देने की मांग पर अड़ गए हैं, वही घटना की जानकारी लगने के बाद वन मंत्री और बस्तर सांसद पत्रकार के घर पहुंचे और श्रद्धांजलि दी।
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युवा पत्रकार मुकेश चंद्राकर की हत्या के विरोध में बस्तर संभाग के पत्रकारों ने शनिवार को बीजापुर बंद का आह्वान किया था। हत्या के विरोध में बीजापुर अस्पताल चौक पर दो घंटे का सांकेतिक चक्का जाम भी किया।
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वहीं घटना को लेकर जहां वनमंत्री केदार कश्यप से लेकर बस्तर सांसद महेश कश्यप शनिवार की सुबह पत्रकार मुकेश के घर पहुंचे। इस दौरान मंत्री के सामने पत्रकारों ने मुकेश की हत्या के बाद सात सूत्रीय मांग भी रखी। साथ ही चेतावनी दी कि अगर इन मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो पांच जनवरी से हड़ताल शुरू होगी।
1.बीजापुर समेत बस्तर संभाग में सुरेश चंद्राकर की जितनी भी संपत्तियां हैं उसे जब्त कर सरकारी संपत्ति घोषित की जाए।
2. हत्याकांड में शामिल आरोपियों पर विभिन्न धाराओं के तहत एफआईआर हो, साथ ही फांसी की सजा की मांग भी की।
3. सुरेश चंद्राकर की सुरक्षा में लगाए जवानों को हटाया जाए।
4. सुरेश चंद्राकर को जारी सभी टेंडर रद्द किए जाएं, सभी बैंक खाते, पासपोर्ट सील किए जाएं।
5.घटना स्थल चट्टान पारा में बने अवैध बाड़ा को तत्काल निस्तेनाबूत किया जाए। गंगालूर रोड पर स्थित प्लांट सील किया जाए।
6. पुलिस अधीक्षक बीजापुर जितेंद्र सिंह को तत्काल सस्पेंड या तबादला किया जाए।
7. युवा पत्रकार मुकेश चंद्राकर को शहीद का दर्जा दिया जाए।
उक्त मांगें नहीं माने जाने पर पांच जनवरी से बीजापुर में अनिश्चिकालीन चक्का जाम किया जाएगा।
जानें क्या हुआ था
शुक्रवार की शाम बीजापुर मुख्यालय के चट्टानपारा स्थित सुरेश चंद्राकर के यार्ड से पत्रकार का शव बरामद हुआ था। हत्या के बाद सबूत मिपाने के लिए पत्रकार का शव सेप्टिक टैंक में डाल दिया गया था। पत्रकार मुकेश चंद्राकर ने 1.20 करोड़ के भ्रष्टाचार का खुलासा किया था। फिलहाल पुलिस जांच में जुटी है। मुकेश चंद्राकर की लाश मिलने के बाद पुलिस ने तीन लोगों को हिरासत में लिया है। पुलिस तीनों लोगों से पूछताछ कर रही है।
बस्तर आईजी सुंदरराज पी ने बताया कि पत्रकार मुकेश चंद्राकर मौत मामले में पुलिस ने तीन लोगों को हिरासत में लिया है। पुलिस तीनों लोगों से पूछताछ कर रही है। ठेकेदार सुरेश चंद्राकर और उसका भाई रितेश समेत तीन लोग हिरासत में हैं।
कुछ और लोगों को भी मामले में हिरासत में लेकर पूछताछ की जा सकती है। पुलिस ने इस मामले में रितेश चंद्राकर को दिल्ली और उसके बड़े भाई सुरेश चंद्राकर को हैदराबाद से हिरासत में लिया है। बताया जाता है कि पत्रकार मुकेश चंद्राकर सुरेश चंद्राकर का रिश्तेदार भी था।