CG Election 2023 : ग्रामीणों ने किया चुनाव का बहिष्कार, पक्की सड़क नहीं तो वोट नहीं; उल्टे पांव लौटे तहसीलदार
पामगढ़ विधानसभा सभा के ग्रामीणों ने पक्की सड़क नहीं होने पर वोटिंग का बहिष्कार कर दिया है। ग्रामीणों को समझने पहुंचे नायब तहसीलदार को उल्टे पांव लौटना पड़ा।
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पामगढ़ विधानसभा सभा के पनगांव के मतदाताओं ने इस बार चुनाव का बहिष्कार करने की घोषणा कर दी है। गांव में पक्की सड़क नहीं होने से आक्रोशित ग्रामीणों को समझाने सुबह पामगढ़ नायब तहसीलदार गांव पहुचे। जहां उन्होंने मताधिकार का प्रयोग करने के लिए ग्रामीणों को प्रेरित किया, लेकिन पक्की सड़क की मांग पर अड़े ग्रामीणों के आक्रोश के बाद नायब तहसीलदार को उलटे पांव ही लौटना पड़ा।
जांजगीर चाम्पा जिला में अभी भी कई गांव ऐसे हैं जहां आजादी के बाद भी पक्की सड़क नहीं पहुंची है, ऐसा ही एक गांव गई पामगढ़ विधानसभा क्षेत्र का पनगाँव ग्राम पंचायत, जहाँ के लोग बारिश के दिनों में टापू की तरह रहने को मजबूर होते हैं। ग्रामीणों ने अपने गांव में पक्की सड़क बनाने की मांग को लेकर कई बार प्रशासन से गुहार लगाई है। लेकिन उन्हें आश्वासन के अलावा कुछ नहीं मिला, अब विधानसभा चुनाव आने पर ग्रामीणों ने जिला प्रशासन को चेतावनी देते हुए सड़क नहीं बनने पर चुनाव का बहिष्कार करने का एलान कर दिया है।
ग्रामीणों द्वारा चुनाव बहिष्कार की घोषणा के बाद अब जिला प्रशासन हरकत में आया है। आज सुबह ग्रामीणों को समझाने के लिए नायब तहसीलदार पनगांव पहुचें और ग्रामीणों को एकत्र कर समझाइस देने की कोशिश की और लोकतंत्र में जनता को मिले मताधिकार का प्रयोग करने का आह्वान किया।
पामगढ़ विधानसभा अनुसूचित जाति वर्ग के लिए आरक्षित है और इस सीट में दो महिला और एक पुरुष प्रत्याशी राष्ट्रीय दल से चुनाव लड़ रहे हैं। लेकिन पनगांव अनुसूचित जाति वर्ग बाहुल्य गांव के मतदाताओ द्वारा मतदान का बहिष्कार करना प्रत्याशियों के साथ जिला प्रशासन के सामने एक बड़ी चुनौती है।