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Acharya Vidyasagar Maharaj: जैन आचार्य विद्यासागर जी महाराज ने ली समाधि, चंद्रगिरी पर्वत पर त्यागा शरीर

Sun, 18 Feb 2024 03:56 PM IST
श्याम जी. अमर उजाला नेटवर्क, राजनांदगांव
अमर उजाला नेटवर्क, राजनांदगांव Published by: श्याम जी. Updated Sun, 18 Feb 2024 03:56 PM IST
सार

राजनांदगांव जिले के डोंगरगढ़ के चंद्रगिरी में जैन आचार्य विद्यासागर जी महाराज ने अंतिम सांसें लीं। रात लगभग 2:30 बजे जैन आचार्य विद्यासागर जी महाराज का देवलोक गमन हो गया। 

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Jain Acharya Vidyasagar Ji Maharaj left his body on Chandragiri mountain Rajnandgaon
जैन मुनि आचार्य विद्यासागर जी महाराज - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

विश्व प्रसिद्ध जैन मुनि आचार्य विद्यासागर जी महाराज का शनिवार देर रात हुआ निधन हो गया। जैन आचार्य विद्यासागर जी महाराज कुछ दिनों से बीमार चल रहे थे। डोंगरगढ़ की चंद्रगिरी में में उन्होंने अंतिम सांस ली। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आचार्य श्री 108 विद्यासागर जी महाराज के निधन पर शोक व्यक्त किया है।

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राजनांदगांव जिले के डोंगरगढ़ के चंद्रगिरी में जैन आचार्य विद्यासागर जी महाराज ने अंतिम सांसें लीं। रात लगभग 2:30 बजे महाराज का देवलोक गमन हो गया। जैन समाज के प्रमुख धर्म गुरुओं में से एक आचार्य विद्यासागर जी महाराज थे। कुछ महीने पूर्व विधानसभा चुनाव के पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने डोंगरगढ़ पहुंचकर जैन आचार्य विद्यासागर जी महाराज से मुलाकात की थी, जिसकी फोटो उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट की थी।
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डोंगरगढ़ के चंद्रगिरी पर्वत पर जैन मुनि आचार्य विद्यासागर जी महाराज ने शरीर त्याग दिया है। वहीं, आज रविवार को दोपहर लगभग एक बजे उन्हें पंचतत्व में विलीन किया जाएगा। इस दौरान बड़ी संख्या में नागरिक मौजूद रहेंगे। 

पीएम मोदी ने दी श्रद्धांजलि
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आचार्य श्री 108 विद्यासागर जी महाराज के निधन पर शोक व्यक्त किया है। उन्होंने एक्स कर लिखा- "मुझे वर्षों तक उनका आशीर्वाद प्राप्त करने का सम्मान मिला। मैं पिछले साल के अंत में छत्तीसगढ़ के डोंगरगढ़ में चंद्रगिरि जैन मंदिर की अपनी यात्रा को कभी नहीं भूल सकता। उस समय, मैंने आचार्य श्री 108 विद्यासागर जी महाराज जी के साथ समय बिताया था।

कर्नाटक में हुआ था जन्म

आचार्य विद्यासागर महराज का जन्म कर्नाटक के बेलगांव के सदलगा गांव में 1946 में शरद पूर्णिमा के दिन 10 अक्तूबर को हुआ था। आचार्य विद्यासागर महराज के तीन भाई और दो बहन स्वर्णा और सुवर्णा ने भी उनसे ही ब्रह्मचर्य लिया था। आचार्य विद्यासागर महराज अब तक 500 से ज्यादा दिक्षा दे चुके हैं। हाल ही में 11 फरवरी को आचार्य विद्यासागर महराज को गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में उन्हें ब्रह्मांड के देवता के रूप में सम्मानित किया गया।

माता-पिता ने भी ली दिक्षा

आचार्य विद्यासागर महराज की माता नाम श्रीमति और पिता का नाम मल्लपा था। उनके माता-पिता ने भी उनसे ही दिक्षा लेकर समाधि प्राप्त की थी। पूरे बुंदेलखंड में आचार्य विद्यासागर महराज छोटे बाबा के नाम से जाने जाते हैं, क्योंकि उन्होंने मध्य प्रदेश के दमोह जिले में स्थित कुंडलपुर में बड़े बाबा आदिनाथ भगवान की मूर्ति को मंदिर में रखवाया था और कुंडलपुर में अक्षरधआम की तर्ज पर भव्य मंदिर का निर्माण करवाया था।

भाजपा के राष्ट्रीय अधिवेशन में पीएम मोदी हुए भावुक

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उनकी समाधि पर भावुक हुए। उन्होंने कहा कि वह पिछले साल के अंत में डोंगरगढ़ में चंद्रगिरि जैन मंदिर की अपनी यात्रा को कभी नहीं भूल सकते हैं। उस समय उन्होंने महाराज जी के साथ समय बिताया था। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अधिवेशन में पीएम मोदी ने कहा, 'नड्डा जी के माध्यम से मैं आप सबका अभिनंदन करता हूं। आज मैं समस्त देशवासियों की तरफ से संत शिरोमणि आचार्य श्री पूज्य विद्यासागर महाराज को श्रद्धा और आदरपूर्वक नमन करते हुए श्रद्धांजलि देता हूं। उनकी समाधि लेने की सूचना मिलने के बाद उनके अनुयायी शोक में हैं। हम सभी शोक में हैं।

आधे दिन का राजकीय शोक घोषित

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राष्ट्र संत आचार्य विद्यासागर महा मुनिराज जी के ब्रम्हलीन होने पर उन्हें नमन किया है। राज्य शासन की ओर से वर्तमान के वर्धमान कहे जाने वाले विश्व प्रसिद्ध दिगंबर जैन मुनि संत परंपरा के आचार्य विद्यासागर महाराज जी के सम्मान में आज छत्तीसगढ़ में आधे दिन का राजकीय शोक घोषित किया गया है। इस दौरान राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा इसके साथ ही राजकीय समारोह और कार्यक्रम आयोजित नहीं होगी।

गुरुवर्य श्री जी का निकाला गया डोला

छत्तीसगढ़ के डोंगरगढ़ में जैन मुनि आचार्य विद्यासागर महाराज ने समाधि ली। गुरुवर्य श्री जी का डोला चंद्रगिरी तीर्थ डोंगरगढ में दोपहर 1 बजे निकाला गया। चन्द्रगिरि तीर्थ पर ही पंचतत्व में विलीन किया जाएगा। 



विद्यासागर महाराज का ब्रह्मलीन होना समाज के लिए अपूरणीय क्षति: सीएम योगी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जैन पंथ के आध्यात्मिक गुरु आचार्य श्री 108 विद्यासागर जी महाराज के ब्रह्मलीन होने पर अपनी शोक संवेदना प्रकट की। उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर लिखा, ''जैन पंथ के पूज्य संत, आध्यात्मिक गुरु, आचार्य श्री 108 विद्यासागर जी महाराज का ब्रह्मलीन होना आध्यात्मिक जगत एवं संपूर्ण समाज के लिए अपूरणीय क्षति है। कोटि-कोटि नमन।
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