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खतरे में सुरक्षाकर्मियों की जेब: मेडिकल कॉलेज में पुरानी कंपनी ने 2 माह का वेतन नहीं दिया, नई मांग रही 5 हजार
Fri, 02 Jun 2023 05:09 PM IST
मोहनीश श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जगदलपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जगदलपुर
Published by: मोहनीश श्रीवास्तव
Updated Fri, 02 Jun 2023 05:09 PM IST
सार
एक जून से इंदौर की कंपनी बालाजी को इसका टेंडर सौंपा गया है। पुराने सभी कर्मचारियों को लेने के साथ ही नई भर्ती भी की जा रहा है। आरोप है कि कपंनी मैनेजर उमाशंकर भर्ती के नाम पर पांच हजार रुपये की डिमांड कर रहा है। उसे ड्रेस कोड, जूते और टोपी का खर्चा बताया जा रहा।
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जगदलपुर मेडिकल कॉलेज में सुरक्षाकर्मियों की भर्ती।
- फोटो : संवाद
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विस्तार
छत्तीसगढ़ के डिमरापाल मेडिकल कॉलेज में पिछले तीन दिनों से सुरक्षाकर्मियों की भर्ती की जा रही है। टेंडर खत्म होने के बाद नई कंपनी को जिम्मेदारी दी गई है। ऐसे में सुरक्षाकर्मियों की जेब को ही खतरा हो गया है। जो पुरानी कंपनी में काम कर रहे थे, उन्हें दो माह का वेतन तक नहीं मिला। अब नई कंपनी में ड्रेस कोड के नाम पर पांच हजार रुपये मांगे जा रहे हैं। ऐसा भर्ती में पहुंचने वाले आदिवासी युवकों के साथ भी किया जा रहा है। इसे लेकर कंपनी मैनेजर और कॉलेज प्रबंधन दोनों ने अपना पल्ला झाड़ लिया है।
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जूता, टोपी और वर्दी के नाम पर वसूली
करीब 12 वर्ष पहले मेडिकल कॉलेज डिमरापाल में सीडीओ कंपनी ने 187 से अधिक महिला और पुरुष कर्मचारियों की भर्ती की थी। उन्हें हर माह 8686 रुपये का भुगतान किया जाता था। पीएफ के नाम पर भी 1200 रुपये काटे जाते। अब एक जून से इंदौर की कंपनी बालाजी को इसका टेंडर सौंपा गया है। पुराने सभी कर्मचारियों को लेने के साथ ही नई भर्ती भी की जा रहा है। आरोप है कि कपंनी मैनेजर उमाशंकर भर्ती के नाम पर पांच हजार रुपये की डिमांड कर रहा है। उसे ड्रेस कोड, जूते और टोपी का खर्चा बताया जा रहा।
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कई बोले- वेतन से काट लें रुपये
यह भी कहा जा रहा है कि अगर जूता नहीं लेना है तो चार हजार रुपये देने होंगे। वहीं भर्ती के लिए पहुंचे कई युवकों ने रुपये मांगने का भी आरोप लगाया है। वहीं कुछ सुरक्षाकर्मियों का कहना है कि वे रुपये देने को तैयार हैं, लेकिन उसे वेतन से काट लिया जाए। हालांकि नई कंपनी 9660 रुपये वेतन देगी, इसमें से पांच हजार कटने के बाद परिवार पालने का भी संकट है। दूसरी ओर सीडीओ कंपनी में काम करने वाले कर्मचारियों ने बताया की नए टेंडर के चलते पुरानी कंपनी उनका वेतन नहीं दे रही है। दो माह से वेतन अटका हुआ है।
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बंद कमरे में चल रही है सेटिंग
सुरक्षाकर्मी बनने के लिए आए कुछ युवकों ने आरोप लगाया कि, बालाजी का मैनेजर हॉल में बने कमरे में एक साथ अंदर कई लोगो को बुलाता है। फिर सीधा नौकरी का ऑफर देकर लेनदेन की बात करता है। जिसके बारे में अगर कोई बाहर बताता है तो उसे निकाल देने की धमकी दी जा रही है। वहीं कुछ युवकों ने बताया की इस कंपनी का मैनेजर अस्पताल के पोर्च पर खड़ा होकर बस्तर के युवक- युवतियों से नौकरी लगाने के नाम पर 10 हजार की डिमांड भी कर रहा है।
नही दूंगा जानकारी, जाओ डीन से पूछो
बालाजी सिक्योरिटी का मैनजर उमाशंकर मिश्रा कहते हैं कि नई भर्ती कितनों की हो रही है, क्यों किया जा रहा है, इसके बारे में कुछ भी नही बताऊंगा। जिसको पूछना है जाओ डीन से पूछो। कितना पैसा ले रहे है, ये हम क्यों बताएं। वहीं कॉलेज प्रबंधन इसे गलत तो बता रहा है, लेकिन अपना पल्ला झाड़ रहा है। कॉलेज के डीन यूएस पैकरा का कहना है कि, हमने अपनी ओर से एल 1 फॉर्म कंपनी को भेज दिया था। जिसमें सुरक्षाकर्मी से लेकर सफाई कर्मी की भर्ती करनी है। भर्ती प्रक्रिया हमारी नहीं है। अगर सुरक्षाकर्मियों से पांच हजार रुपये लिए जा रहे हैं तो गलत है।