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जगदलपुर: पंचतत्व में विलीन हुए रंजीत, पिता ने दी बेटे को मुखाग्नि, लोगों ने नम आंखों से दी अंतिम विदाई
Mon, 22 Sep 2025 04:21 PM IST
Digvijay Singh
अमर उजाला नेटवर्क, जगदलपुर
अमर उजाला नेटवर्क, जगदलपुर
Published by: Digvijay Singh
Updated Mon, 22 Sep 2025 04:21 PM IST
सार
जिस पिता को बीमार देख एक माह के छुट्टी में घर आने के बाद बेहतर इलाज के लिए रायपुर से इलाज करा वापस जल्द आने की बात कहने वाला रंजीत कश्यप सोमवार की सुबह पंचतत्व में विलीन हो गए।
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पंचतत्व में विलीन हुए रंजीत
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
जिस पिता को बीमार देख एक माह के छुट्टी में घर आने के बाद बेहतर इलाज के लिए रायपुर से इलाज करा वापस जल्द आने की बात कहने वाला रंजीत कश्यप सोमवार की सुबह पंचतत्व में विलीन हो गए, पिता बार बार इसी बात को लेकर रो रहे थे कि जल्द ही वापस आऊंगा और बड़े अस्पताल में इलाज कराने की बात कही थी, लेकिन उस बुजुर्ग पिता को क्या ही मालूम था कि वह आखरी बार रंजीत से बात कर रहा है आज के बाद दुबारा कभी रंजीत की आवाज नही सुन पाएंगे, शहीद जवान को अंतिम विदाई देने के लिए बस्तर कलेक्टर से लेकर आईजी व पुलिस अधीक्षक भी मौजूद थे।
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शहीद रंजीत कश्यप का पार्थिव देह जैसे ही गाँव पहुँचा स्कूली बच्चों के द्वारा फूल बरसाए गए, हर किसी के दिल मे एक बार रंजीत को देखने की चाह थी, हजारों की संख्या में लोग मौजूद थे, हर कोई भारत माता की जय और रंजीत की तरह ही देश सेवा में आगे बढ़ चढ़कर हिस्सा लेने की बात कह रहा था, रंजीत के पिता ने बताया कि अभी हाल ही में रंजीत घर इसलिए आया था कि मेरा स्वास्थ्य खराब रहता था, 1 माह की छुट्टी के दौरान रंजीत अपने पिता को रायपुर के एक हॉस्पिटल ले गया था, जहाँ इलाज के बाद आगे के दिनों में दुबारा चेक कराने के लिए आने की बात कही थी।
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घर आने के बाद भी रंजीत ने पिता को कहा था कि आप चिंता ना करे, आप जल्द ही ठीक हो जायेगे, आने वाले दिनों में फिर से छुट्टी पर जब आऊंगा तो फिर से इलाज के लिए ले जाऊंगा, लेकिन क्या ही पता था कि अगली बार रंजीत तिरंगे में लिपट कर आएगा, और परिवार को हमेशा के लिए रुलाकर चला जायेगा, रंजीत की अंतिम विदाई में गॉड ऑफ ऑनर के साथ ही सेना के जवान, आला अधिकारी, रिटायर अधिकारी, व गाँव के हजारों लोग शामिल हुए, जहाँ रंजीत को अंतिम विदाई दिया गया।
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