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छत्तीसगढ़ की अफसर बिटिया: आईएफएस में 63वीं रैंक, किराए के मकान में की पढ़ाई; माता-पिता का संघर्ष हुआ पूरा
Wed, 08 May 2024 10:33 PM IST
अनुज कुमार
अमर उजाला नेटवर्क, जगदलपुर
अमर उजाला नेटवर्क, जगदलपुर
Published by: अनुज कुमार
Updated Wed, 08 May 2024 10:33 PM IST
सार
छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले की रहने वाली प्रीति ने भारतीय वन सेवा परीक्षा में ऑल इंडिया रैंकिंग में 63वीं रैंक हासिल की है। प्रीति दंतेवाड़ा जिले के गीदम की निवासी है और पिता मंडी में सब इंस्पेक्टर हैं।
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आईएफएश एग्जाम में प्रीति की 63वीं रैंक
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
दंतेवाड़ा जिले के गीदम में रहने वाले बाल मुकुंद यादव की छोटी बेटी प्रीति ने यूपीएससी द्वारा आयोजित भारतीय वन सेवा परीक्षा में ऑल इंडिया रैंकिंग में 63वां स्थान हासिल किया है। बेटी ने पूरे गीदम का नाम रोशन कर दिया है। प्रीति की सफलता की जानकारी लगते ही परिजनों को बधाईयां मिल रही हैं।
बताया जा रहा है कि यादव ने छोटी बेटी के लगन को देखने हुए अपना खुद का घर ना बनाते हुए किराए के मकान में रहकर ही छोटी बेटी के सपनों को साकार करने में किसी भी प्रकार से कोई भी कमी नहीं छोड़ी। जिसका नतीजा आज सबने देख ही लिया।
परिजनों ने बेटी की पढ़ाई को समझा, बेटी ने बढ़ाया पिता का मान
बाल मुकुंद यादव गीदम में रहने के साथ ही मंडी में सब इंस्पेक्टर के पद पर पदस्थ भी हैं, वहीं प्रीति की मां ने बताया कि प्रीति को पढ़ने का काफी शौक था, प्रीति की इस लगन को देखने के बाद पिता ने खुद के मकान को बनाने से अच्छा पहले प्रीति की पढ़ाई पर ध्यान दिया, प्रीति को अच्छी शिक्षा मिल सके, इसलिए माता-पिता ने एक-एक पैसे जोड़कर उसे दिल्ली भेज पढ़ाया, जिसका नतीजा यह रहा कि बेटी ने पिता का मान बढ़ाया है।
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छोटी उम्र में हासिल की बड़ी सफलता
अपनी सफलता के पीछे प्रीति ने अपने माता पिता को अपना आदर्श माना है। प्रीति ने 23 साल की उम्र में इस सफलता को हासिल किया है। प्रीति ने यूपीएससी के भारतीय वन विभाग में अपना लोहा मनवाते हुए 63वीं रैंक हासिल की है।
सभी दे रहे बधाई
प्रीति की इस सफलता का पता लगते ही दंतेवाड़ा विधायक से लेकर डीएफओ ने प्रीति को बधाई दी। साथ ही उसके उज्ज्वल भविष्य की कामना भी की।
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बताया जा रहा है कि यादव ने छोटी बेटी के लगन को देखने हुए अपना खुद का घर ना बनाते हुए किराए के मकान में रहकर ही छोटी बेटी के सपनों को साकार करने में किसी भी प्रकार से कोई भी कमी नहीं छोड़ी। जिसका नतीजा आज सबने देख ही लिया।
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परिजनों ने बेटी की पढ़ाई को समझा, बेटी ने बढ़ाया पिता का मान
बाल मुकुंद यादव गीदम में रहने के साथ ही मंडी में सब इंस्पेक्टर के पद पर पदस्थ भी हैं, वहीं प्रीति की मां ने बताया कि प्रीति को पढ़ने का काफी शौक था, प्रीति की इस लगन को देखने के बाद पिता ने खुद के मकान को बनाने से अच्छा पहले प्रीति की पढ़ाई पर ध्यान दिया, प्रीति को अच्छी शिक्षा मिल सके, इसलिए माता-पिता ने एक-एक पैसे जोड़कर उसे दिल्ली भेज पढ़ाया, जिसका नतीजा यह रहा कि बेटी ने पिता का मान बढ़ाया है।
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छोटी उम्र में हासिल की बड़ी सफलता
अपनी सफलता के पीछे प्रीति ने अपने माता पिता को अपना आदर्श माना है। प्रीति ने 23 साल की उम्र में इस सफलता को हासिल किया है। प्रीति ने यूपीएससी के भारतीय वन विभाग में अपना लोहा मनवाते हुए 63वीं रैंक हासिल की है।
सभी दे रहे बधाई
प्रीति की इस सफलता का पता लगते ही दंतेवाड़ा विधायक से लेकर डीएफओ ने प्रीति को बधाई दी। साथ ही उसके उज्ज्वल भविष्य की कामना भी की।