फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chhattisgarh ›   Jagdalpur News ›   Chhattisgarh's most expensive vegetable boda is being sold at Rs 5000 per kg in Bastar market

छत्तीसगढ़ की सबसे महंगी सब्जी: बाजार में पांच हजार रुपये किलो में बिकने पहुंची, फायदे जानकर हो जाएंगे हैरान

Sun, 09 Jul 2023 02:27 PM IST
मोहनीश श्रीवास्तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जगदलपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जगदलपुर Published by: मोहनीश श्रीवास्तव Updated Sun, 09 Jul 2023 02:27 PM IST
सार

छत्तीसगढ़ की सबसे महंगी सब्जी 'बोड़ा' बस्तर के बाजार में बिकने के लिए पहुंच गई है। इस सब्जी की कीमत पांच हजार रुपये किलो है। यह सब्जी महज मानसून के समय ही उपलब्ध होती है और बस्तर संभाग में ही मिलती है। इसके इतने फायदे हैं कि जानकर आप हैरान रह जाएंगे।

विज्ञापन
Chhattisgarh's most expensive vegetable boda is being sold at Rs 5000 per kg in Bastar market
बस्तर के बाजार में महंगी सब्जी बोड़ा बेचने पहुंची महिला। - फोटो : संवाद

विस्तार

छत्तीसगढ़ की सबसे महंगी सब्जी 'बोड़ा' बस्तर के बाजार में बिकने के लिए पहुंच गई है। इस सब्जी की कीमत पांच हजार रुपये किलो है। यह सब्जी महज मानसून के समय ही उपलब्ध होती है और बस्तर संभाग में ही मिलती है। इसके इतने फायदे हैं कि जानकर आप हैरान रह जाएंगे। इतनी महंगी होने के बावजूद बाजार में इसके चाहने वाले कम नहीं हैं। खास बात यह है कि यह सब्जी उगाई नहीं जाती, बल्कि साल जंगल में अपने आप ही उगती है। हालांकि आवक बढ़ने के बाद इसकी कीमत घटती है। 

विज्ञापन


मशरूम की ही प्रजाति है बोड़ा 
दरअसल, मशरूम की 12 प्रजातियों में बोड़ा भी शामिल है। यह एक मात्र ऐसी प्रजाति है, जो जमीन के ऊपर नहीं, बल्कि अंदर तैयार होती है। जैसे ही मानसून की पहली बौछार पड़ती है, बस्तर के घने जंगल से बोड़ा जमीन को फाड़कर बाहर निकलती है। बारिश और उमस का मौसम बोड़ा के उगने के लिए अनुकूल होता है। जून-जुलाई में बोड़ा की सबसे ज्यादा उपलब्धता होती है। लोग इसके जायके के दीवाने हैं। बोड़ा खाने में काफी स्वादिष्ट होता है। इसके अलावा इसमें भरपूर मात्रा में प्रोटीन, विटामिन और मिनरल्स मिलता है। 
विज्ञापन




छत्तीसगढ़ सहित ओडिशा, तेंलगाना से खरीदने पहुंचते हैं लोग
बोड़ा बेचने आई पद्मनी ने बताया की तेंदूपत्ता और महुआ के बाद आमदनी का मुख्य स्त्रोत माना जाता है। बारिश के मौसम की शुरुआत के साथ बोड़ा के बाजार में आने का सिलसिला शुरू हो गया है। प्राकृतिक रूप से एक निश्चित अवधि के लिए ही इसका उगना और इसका स्वाद इसे अनोखी सब्जियों में शुमार करता है। बस्तर संभाग के साथ ही पड़ोसी राज्य ओडिशा, तेलंगाना से भी बड़ी संख्या में लोग इसे खरीदने के लिए पहुंचते हैं। इस वर्ष कमजोर आवक के कारण यह बहुत ही महंगे दामों में बिक रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन




बीपी, शुगर, कुपोषण में फायदेमंद, इम्युनिटी बूस्टर
मशरूम की 12 प्रजातियों में से एक बोड़ा की अनोखी विशेषता यह है कि यह जमीन के भीतर तैयार होता है। साल वृक्ष के नीचे उगने वाले बोड़ा में फाइबर, सेलेनियम, प्रोटीन, पोटैशियम, विटामिन डी और एंटी बैक्टीरियल प्रॉपर्टीज के होने की बात जानकार बताते हैं। इनकी मौजूदगी की वजह से इसे शुगर, हाई बीपी, बैक्टीरियल इनफेक्शन, कुपोषण और पेट रोग दूर करने में सक्षम पाया गया है। ताजा परिस्थितियों में इसमें इम्यूनिटी बूस्ट करने के तत्वों की वजह से इसे बेहद अहम माना जाता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed