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CG News: छत्तीसगढ़ का दौरा करेगा इसरो का विशेषज्ञ दल, तकनीकी नवाचारों को मिलेगा सहयोग, सीएम साय ने कही ये बात
Fri, 21 Feb 2025 11:39 AM IST
अमन कोशले
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
Published by: अमन कोशले
Updated Fri, 21 Feb 2025 11:39 AM IST
सार
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से नई दिल्ली में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के चेयरमैन वी. नारायणन ने भेंट कर छत्तीसगढ़ में अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के उपयोग से कृषि एवं अन्य क्षेत्रों में नवाचारों को बढ़ावा देने पर गहन चर्चा की।
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सीएम साय से मिले इसरो के चेयरमैन वी. नारायणन
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से नई दिल्ली में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के चेयरमैन वी. नारायणन ने भेंट कर छत्तीसगढ़ में अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के उपयोग से कृषि एवं अन्य क्षेत्रों में नवाचारों को बढ़ावा देने पर गहन चर्चा की। इस महत्वपूर्ण बैठक में छत्तीसगढ़ में सैटेलाइट आधारित सर्वेक्षण, भू-मानचित्रण (geo-mapping), प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और स्मार्ट एग्रीकल्चर को बढ़ावा देने जैसे विषयों पर विशेष जोर दिया गया।
मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर कहा कि छत्तीसगढ़ में कृषि, जल संसाधन, पर्यावरण संरक्षण और आपदा प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में तकनीकी नवाचारों का महत्वपूर्ण योगदान हो सकता है। इसरो के सहयोग से हम इन क्षेत्रों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण से कार्य करेंगे, जिससे किसानों को अधिक सटीक जानकारी मिले और राज्य के विकास को गति मिले।
बैठक में बताया गया कि इसरो का एक विशेषज्ञ दल जल्द ही छत्तीसगढ़ का दौरा करेगा और राज्य में सैटेलाइट इमेजरी, जीआईएस (GIS) तकनीक और डेटा विश्लेषण के माध्यम से विभिन्न क्षेत्रों का विस्तृत अध्ययन करेगा। इसके तहत राज्य में मृदा स्वास्थ्य विश्लेषण, जल स्रोतों का सटीक आकलन, बाढ़ और सूखे की भविष्यवाणी, और कृषि उत्पादन बढ़ाने के लिए डेटा-संचालित निर्णय लेने की प्रणाली विकसित की जाएगी।
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इसरो की विशेषज्ञता और आधुनिक तकनीकों के उपयोग से छत्तीसगढ़ को कृषि, आपदा प्रबंधन, स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर प्लानिंग, पर्यावरण एवं वन संरक्षण सहित अन्य क्षेत्रों मे व्यापक लाभ होगा। कृषि क्षेत्र में सैटेलाइट डेटा के उपयोग से बेहतर फसल पूर्वानुमान, मिट्टी की गुणवत्ता सुधार, और जल संसाधनों का प्रभावी प्रबंधन, बाढ़, सूखा और वनाग्नि जैसी प्राकृतिक आपदाओं की पूर्व-चेतावनी प्रणाली को सशक्त बनाना, नगर नियोजन, परिवहन व्यवस्था, और पर्यावरणीय संतुलन के लिए अत्याधुनिक स्पेस डेटा के उपयोग सहित वन क्षेत्रों की निगरानी और अवैध कटाई की रोकथाम के लिए रियल-टाइम मॉनिटरिंग में सुविधा होगी।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इसरो और छत्तीसगढ़ सरकार के बीच साझेदारी से राज्य में तकनीकी प्रगति को नई ऊंचाइयां मिलेंगी। इस पहल के तहत छत्तीसगढ़ अनुसंधान संस्थानों को भी जोड़ा जाएगा, जिससे युवा वैज्ञानिकों को नवाचारों में योगदान देने का अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के नए युग में इसरो का सहयोग राज्य को भविष्य की तकनीकों से सशक्त बनाएगा, जिससे कृषि, पर्यावरण, जल प्रबंधन और आपदा न्यूनीकरण जैसे क्षेत्रों में क्रांतिकारी बदलाव आएंगे।
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मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर कहा कि छत्तीसगढ़ में कृषि, जल संसाधन, पर्यावरण संरक्षण और आपदा प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में तकनीकी नवाचारों का महत्वपूर्ण योगदान हो सकता है। इसरो के सहयोग से हम इन क्षेत्रों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण से कार्य करेंगे, जिससे किसानों को अधिक सटीक जानकारी मिले और राज्य के विकास को गति मिले।
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बैठक में बताया गया कि इसरो का एक विशेषज्ञ दल जल्द ही छत्तीसगढ़ का दौरा करेगा और राज्य में सैटेलाइट इमेजरी, जीआईएस (GIS) तकनीक और डेटा विश्लेषण के माध्यम से विभिन्न क्षेत्रों का विस्तृत अध्ययन करेगा। इसके तहत राज्य में मृदा स्वास्थ्य विश्लेषण, जल स्रोतों का सटीक आकलन, बाढ़ और सूखे की भविष्यवाणी, और कृषि उत्पादन बढ़ाने के लिए डेटा-संचालित निर्णय लेने की प्रणाली विकसित की जाएगी।
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इसरो की विशेषज्ञता और आधुनिक तकनीकों के उपयोग से छत्तीसगढ़ को कृषि, आपदा प्रबंधन, स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर प्लानिंग, पर्यावरण एवं वन संरक्षण सहित अन्य क्षेत्रों मे व्यापक लाभ होगा। कृषि क्षेत्र में सैटेलाइट डेटा के उपयोग से बेहतर फसल पूर्वानुमान, मिट्टी की गुणवत्ता सुधार, और जल संसाधनों का प्रभावी प्रबंधन, बाढ़, सूखा और वनाग्नि जैसी प्राकृतिक आपदाओं की पूर्व-चेतावनी प्रणाली को सशक्त बनाना, नगर नियोजन, परिवहन व्यवस्था, और पर्यावरणीय संतुलन के लिए अत्याधुनिक स्पेस डेटा के उपयोग सहित वन क्षेत्रों की निगरानी और अवैध कटाई की रोकथाम के लिए रियल-टाइम मॉनिटरिंग में सुविधा होगी।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इसरो और छत्तीसगढ़ सरकार के बीच साझेदारी से राज्य में तकनीकी प्रगति को नई ऊंचाइयां मिलेंगी। इस पहल के तहत छत्तीसगढ़ अनुसंधान संस्थानों को भी जोड़ा जाएगा, जिससे युवा वैज्ञानिकों को नवाचारों में योगदान देने का अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के नए युग में इसरो का सहयोग राज्य को भविष्य की तकनीकों से सशक्त बनाएगा, जिससे कृषि, पर्यावरण, जल प्रबंधन और आपदा न्यूनीकरण जैसे क्षेत्रों में क्रांतिकारी बदलाव आएंगे।