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चक्रधर समारोह: राष्ट्रीय सांस्कृतिक महोत्सव कल से, कई दिग्गज कलाकार करेंगे शिरकत; यहां देखें पूरा शेड्यूल

Fri, 06 Sep 2024 05:57 PM IST
श्याम जी. अमर उजाला नेटवर्क, रायगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, रायगढ़ Published by: श्याम जी. Updated Fri, 06 Sep 2024 05:57 PM IST
सार

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में बीते 39 वर्षों से मनाये जाने वाला राष्ट्रीय सांस्कृतिक महोत्सव चक्रधर समारोह का सात सितंबर से शुभारंभ हो रहा है। इसका उद्घाटन के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के हाथों से किया जाएगा। इस आयोजन में देश के अलग-अलग राज्यों के कई नामचीन हस्तियां शामिल होंगे। 
 

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Inauguration of 39th Chakradhar Festival in Raigarh
चक्रधर समारोह - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बीते 39 वर्षों से मनाये जाने वाला राष्ट्रीय सांस्कृतिक महोत्सव चक्रधर समारोह कल यानि शनिवार से शुरू हो रहा है। दस दिनों तक चलने वाले इस भव्य समारोह का कल प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के हाथों शुभारंभ होगा। इस आयोजन में देश के अलग-अलग राज्यों के कई नामचीन हस्तियां शामिल होंगे। इस आयोजन के लिये जिला प्रशासन ने पूरी तरह से तैयारी कर ली है। रायगढ़ के रामलीला मैदान में विशाल पंडाल में दस दिनों तक सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन होगा, जिसमें बड़े कलाकारों की प्रस्तुतियां होंगी। साथ ही समारोह में स्थानीय लोक कलाकार भी अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे।

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महराजा चक्रधर सिंह की याद में गणेश चतुर्थी के दिन से रायगढ़ के रामलीला मैदान में दस दिनों तक चलने वाले इस राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय स्तर के सांस्कृतिक महोत्सव में देश की पद्म विभूषण व पद्मश्री पुरुस्कार कलाकारों के साथ-साथ कई राज्यों से आने वाले कलाकार शिरकत कर रहे हैं। इस बार रायगढ़ का प्रसिद्ध चक्रधर समारोह का मंच इस बार देशभर के विभिन्न नृत्य विधाओं को समाहित कर थिरकेगा। वहीं, वाद्य यंत्रों की मधुर संगीत से वातावरण गुंजायमान होगा। साथ ही विभिन्न लोक कला और नृत्य अपने प्रदेशिक संस्कृति की छटा बिखरेती नजर आएगी।
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नृत्य विधाओं की होगी मनमोहक प्रस्तुति 
39वें चक्रधर समारोह में भरतनाट्यम, कथक, कुचिपुड़ी, मोहिनीअट्टम, मणिपुरी नृत्य के साथ-साथ असमिया सत्रीया नृत्य, ओडिशी, मणिपुरी नृत्य विधाओं की मनमोहक प्रस्तुति होगी। जिसमें भरतनाट्यम् में नृत्यांगना पद्मश्री हेमा मालिनी, पद्मश्री देवयानी और मीनाक्षी शेषाद्रि विशेष आकर्षण के साथ मंच को सुशोभित करेंगी। वहीं, भूपेंद्र बरेठ, पूर्णाश्री राउत, दीपान्निता सरकार, पदम् रंजना गौहर, जया दीवान, धरित्री सिंह चैहान, शैंकी सिंह, गजेंद्र पंडा, आर्या नंदे, नित्या खत्री।



बासंती वैष्णव एवं ज्योतिश्री बोहिरदार, सौम्या नामदेव, विधि सेन गुप्ता, दीपमाला सिंह, उपासना भास्कर, दीक्षा घोष, अवंतिका विश्वकर्मा, डॉ आरती सिंह, डॉ.जी रथीस बाबू, शार्वी केशरवानी, भद्रा सिन्हा, लकी मोहंती, मृदु स्मिता दास, विद्या प्रदीप एवं साथी, शाश्वती बनर्जी, कृष्ण भद्र नंबूदरी, डॉ रघुपत रूनी श्रीकांत, पौशाली चटर्जी, आलोक श्रीवास, पलक देवांगन, भूमिसूता मिश्रा, पद्मश्री देवयानी, सुश्री वेदिका शरण, माया कुलश्रेष्ठ अपनी नृत्य प्रस्तुति करेंगी, जिनके नृत्य से पूरा चक्रधर समारोह का मंच विभिन्न विधाओं से थिरकता नजर आएगा। 

वाद्य यंत्रों से पूरा मंच से होगा गुंजायमान
वहीं, सरोद वादन में सौगत गांगुली, फ्यूजन के तहत तबला, संतूर, सितार में जीतू शंकर और ग्रुप, अकार्डियन वादन में तपसीर मोहम्मद एवं साथी, बांसुरी और तबला वादन में राकेश चैरसिया, सितार वादन में अनुष्का सोनी, तबला वादन में अंशु प्रताप सिंह, संतूर तबला वादन में राहुल शर्मा एवं रामकुमार मिश्रा के वाद्य यंत्रों से पूरा मंच से गुंजायमान होगा। 



असम की लोक नृत्य और संस्कृति की झलक देखने को मिलेगी
चक्रधर समारोह में छत्तीसगढ़िया के साथ असम की लोक नृत्य और संस्कृति की झलक देखने को मिलेगी। जिसमें करमा लोक नृत्य में मनिहर भगत मनमोहक प्रस्तुति देंगे। इसी प्रकार इंदिरा कला एवं संगीत विश्वविद्यालय खैरागढ़ द्वारा राज्य में प्रचलित विविध छत्तीसगढ़ी लोक नृत्य की प्रस्तुति एवं पद्म अनुज शर्मा द्वारा छत्तीसगढ़ी लोकगायन के साथ ही छत्तीसगढ़ की पारंपरिक गेड़ी लोक नृत्य की प्रस्तुति अनिल कुमार गढ़ेवाल द्वारा की जाएगी। हुतेन्द्र ईश्वर शर्मा छत्तीसगढ़ी नृत्य संगीत में अपनी प्रस्तुति देंगे। 



इसी प्रकार बीहू असम की लोक नृत्य बिहू त्यौहार से संबंधित है और असमिया संस्कृति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। जिसमें समूह में किया जाने वाला बिहू नर्तक आमतौर पर युवा पुरुष और महिलाएं होते हैं और नृत्य शैली की विशेषता तेज कदमों और तेजी से हाथ की हरकतें होती हैं। नर्तकियों की पारंपरिक वेशभूषा लाल रंग की थीम पर केंद्रित होती है, जो खुशी और जोश का प्रतीक है। जिसकी प्रस्तुति मानसी दत्त एवं साथी द्वारा किया जाएगा। 

दस दिवसीय कार्यक्रम पर एक नजर  
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सात सितंबर को पद्मश्री रामलाल का सम्मान, इसके बाद भूपेन्द्र बरेठ व टीम की कथक प्रस्तुती, मनियर भगत एवं एवं साथी जशपुर की करमा लोक नृत्य, तत्पश्चात फिल्मी अभिनेत्री हेमा मालिनी द्वारा राधा रास बिहारी पर आधारित नृत्य नाटिका प्रस्तुत की जाएगी। 
- आठ सितंबर को विजय शर्मा लोक गायन, वाणी राव, भोपाल शास्त्रीय गायन, पूर्णाश्री राउत, रायपुर ओडिसी, सुश्री दीपान्निता सरकार, दिल्ली का कथक, रंजना गौहार का ओडिशी नृत्य, ए. मंदाकिनी स्वैन, दिल्ली का शास्त्रीय गायन के पश्चात सौगत गांगुली का सरोद वादन।
- नौ सितंबर को जया दीवान, रायगढ़ कथक, रामप्रसाद सारथी, खरसिया शास्त्रीय गायन, धरित्री सिंह चैहान, रायगढ़ कथक, शैंकी सिंह दिल्ली कथक, गजेन्द्र पंडा, आर्या नंदे त्रिधारा ग्रुप ओडिसी नृत्य, जीतू शंकर एवं ग्रुप, मुंबई का तबला संतुर व सितार पर फ्यूजन वादन, इसके बाद चांद अफजल कादरी ग्रुप की कव्वाली।
- दस सितंबर को अनिता शर्मा, रायगढ़ भजन गायन, सुश्री नीत्या खत्री, रायगढ़ कथक, तपसीर मो. एवं साथी रायपुर अकार्डियन, शिव प्रसाद राव, दिल्ली का शास्त्रीय गायन, राकेश चैरसिया एवं साथी मुंबई का बांसुरी एवं तबला वादन, बासंती वैष्णव एवं ज्योतिश्री बोहिदार रायगढ़ का कथक, तत्पश्चात प्रभजन चतुर्वेदी रायपुर का गजल गायन। 

- 11 सितंबर को सौम्या नामदेव, रायगढ़ का कथक, विधि सेनगुप्ता, रायगढ़ ओडिसी, दीपमाला सिंह, रायगढ़ का कथक, अनुष्का सोनी का जबलपुर का सितार वादन, उपासना भास्कर, धमतरी का कथक समूह नृत्य, इसके पश्चात मुंबई से आई मीनाक्षी शेषाद्रि के पश्चात राकेश शर्मा, निशा शर्मा रायगढ़ का गायन होगा।  
- 12 सितंबर को अंशुल प्रताप सिंह, भोपाल का तबला वादन, दीक्षा घोष, रायगढ़ भरतनाट्यम, अन्विता विश्वकर्मा, रायपुर कथक, डॉ. आरती सिंह, रायपुर कथक, समूह नृत्य, राहुल शर्मा, रामकुमार मिश्रा, मुंबई के बीच संतुर व तबला पर जुगल बंदी प्रस्तुत की जाएगी, डॉ. जी रथीस बाबू, भिलाई भरत नाट्यम, कुचिपुड़ी के पश्चात इंदिरा कला एवं सगीत विश्वविद्यालय, खैरागढ़ के द्वारा विविध छत्तीसगढ़ी लोक नृत्य की प्रस्तुती होगी। 
- 13 सितंबर को हुतेन्द्र ईश्वर शर्मा, रायगढ़ छत्तीसगढ़ नृत्य संगीत, शार्वी केशरवानी, सारंगढ़ कथक, भद्रा व गायत्री शर्मा दिल्ली का भरत नाट्यम, लकी मोहंती कटक का ओडिशी, विद्या प्रदीप, एवं साथी कोच्चि को, मोहिनीअट्टम के पश्चात पद्मश्री डॉ. भारती बंधु, रायपुर को सुफी एवं कबीर गायन होगा।  
- 14 सितंबर को अनंता पाण्डेय, रायगढ़ विविध कला नृत्य, सुश्री शाश्वती बनर्जी, रायगढ़ कथक, कृष्ण भद्रा नंबोदरी मुंबई का भरतनाट्यम, विनोद मिश्रा, सतना का शास्त्रीय गायन, डॉ. रघुपत रूणी श्रीकांत ग्रुप विशाखापटनम गु्रप का कुच्चीपुडी, पौशाली चटर्जी, कोलकाता का मणिपुरी के पश्चात आलोक श्रीवास, दिल्ली का कथक होगा। 
- 15 सितंबर को सुश्री पलक देवांगन, रायगढ़ कथक, पंडित प्रदीप कुमार चैबे रायपुर का शास्त्रीय गायन, भूमिसुता मिश्रा, रायपुर ओडिसी, वेदिका शरण, बिलासपुर का कथक, माया कुलश्रेष्ठ दिल्ली का कथक, पद्मश्री देवयानी का भरत नाट्यम, इसके बाद पद्मश्री अनुज शर्मा एण्ड टीम के द्वारा छत्तीसगढ़ी गायन की प्रस्तुती दी जाएगी। 
- 16 सितंबर को समारोह के अंतिम दिवस मानसी दत्ता एवं साथी, ग्रुप गुवाहाटी असम के द्वारा बिहू लोकनृत्य की प्रस्तुती, अनिल कुमार गढ़ेवाल एवं साथी, बिलासपुर गेडी लोक नृत्य की प्रस्तुती के बाद देश के मशहूर कवि डॉ. कुमार विश्वास, सुरेन्द्र शर्मा एण्ड ग्रुप के द्वारा कवि सम्मेलन का मंचन किया जाएगा।

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