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Chhattisgarh News: 27 जुलाई तक ड्यूटी पर नहीं लौटे तो हटेंगे अतिथि शिक्षक, शिक्षा विभाग ने दिए सख्त निर्देश
Thu, 23 Jul 2026 06:54 PM IST
अमन कोशले
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
Published by: अमन कोशले
Updated Thu, 23 Jul 2026 06:54 PM IST
सार
विभाग ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों (DEO) को निर्देश जारी करते हुए कहा है कि हड़तालरत अतिथि शिक्षकों को 27 जुलाई 2026 तक अपने-अपने विद्यालयों में लौटकर अध्यापन कार्य शुरू करने के लिए कहा जाए।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
छत्तीसगढ़ में हड़ताल पर बैठे अतिथि शिक्षकों को स्कूल शिक्षा विभाग ने अंतिम चेतावनी दी है। विभाग ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों (DEO) को निर्देश जारी करते हुए कहा है कि हड़तालरत अतिथि शिक्षकों को 27 जुलाई 2026 तक अपने-अपने विद्यालयों में लौटकर अध्यापन कार्य शुरू करने के लिए कहा जाए। निर्धारित समय तक ड्यूटी पर नहीं लौटने वाले अतिथि शिक्षकों की सेवाएं समाप्त कर दी जाएंगी।
विभाग के अनुसार नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत से ही बड़ी संख्या में अतिथि शिक्षक हड़ताल पर हैं, जिससे कई सरकारी स्कूलों में पढ़ाई प्रभावित हो रही है। इसे छात्रों के हितों के विपरीत मानते हुए जिला शिक्षा अधिकारियों को तत्काल आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं।
जारी आदेश में कहा गया है कि संबंधित शाला प्रबंध समितियों के माध्यम से सभी हड़तालरत अतिथि शिक्षकों को कार्य पर लौटने का नोटिस दिया जाए। यदि 27 जुलाई तक कोई शिक्षक वापस नहीं आता है तो निर्धारित नियमों के तहत उसकी अध्यापन व्यवस्था तत्काल समाप्त कर दी जाएगी।
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इसके साथ ही विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए आवश्यक वैकल्पिक शिक्षण व्यवस्था तत्काल सुनिश्चित की जाए, ताकि स्कूलों में नियमित रूप से कक्षाएं संचालित होती रहें।
स्कूल शिक्षा विभाग का कहना है कि विद्यार्थियों के शैक्षणिक हित सर्वोपरि हैं और किसी भी स्थिति में शिक्षण व्यवस्था बाधित नहीं होने दी जाएगी। इसलिए सभी जिलों को निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने को कहा गया है।
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विभाग के अनुसार नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत से ही बड़ी संख्या में अतिथि शिक्षक हड़ताल पर हैं, जिससे कई सरकारी स्कूलों में पढ़ाई प्रभावित हो रही है। इसे छात्रों के हितों के विपरीत मानते हुए जिला शिक्षा अधिकारियों को तत्काल आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं।
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जारी आदेश में कहा गया है कि संबंधित शाला प्रबंध समितियों के माध्यम से सभी हड़तालरत अतिथि शिक्षकों को कार्य पर लौटने का नोटिस दिया जाए। यदि 27 जुलाई तक कोई शिक्षक वापस नहीं आता है तो निर्धारित नियमों के तहत उसकी अध्यापन व्यवस्था तत्काल समाप्त कर दी जाएगी।
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इसके साथ ही विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए आवश्यक वैकल्पिक शिक्षण व्यवस्था तत्काल सुनिश्चित की जाए, ताकि स्कूलों में नियमित रूप से कक्षाएं संचालित होती रहें।
स्कूल शिक्षा विभाग का कहना है कि विद्यार्थियों के शैक्षणिक हित सर्वोपरि हैं और किसी भी स्थिति में शिक्षण व्यवस्था बाधित नहीं होने दी जाएगी। इसलिए सभी जिलों को निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने को कहा गया है।