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चुनावी मैदान में होगी IAS नीलकंठ टेकाम की एंट्री: BJP से करेंगे नई पारी की शुरुआत, ओम माथुर दिलाएंगे सदस्यता
Mon, 21 Aug 2023 08:28 PM IST
ललित कुमार सिंह
अमर उजाला ब्यूरो, रायपुर
अमर उजाला ब्यूरो, रायपुर
Published by: ललित कुमार सिंह
Updated Mon, 21 Aug 2023 08:28 PM IST
सार
विधानसभा चुनाव को लेकर प्रदेश में सरगर्मी तेज है। ऐसे में लगातार पार्टियों में प्रवेश करने का सिलसिला चल रहा है। इस बार बीजेपी में लगातार आईएएस ऑफिसर पार्टी ज्वॉइन कर रहे हैं। कई अधिकारियों ने वीआरएस ले लिया है।
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आईएएस ऑफिसर नीलकंठ टेकाम
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
विधानसभा चुनाव को लेकर प्रदेश में सरगर्मी तेज है। ऐसे में लगातार पार्टियों में प्रवेश करने का सिलसिला चल रहा है। इस बार बीजेपी में लगातार आईएएस ऑफिसर पार्टी ज्वॉइन कर रहे हैं। कई अधिकारियों ने वीआरएस ले लिया है। कोंडागांव जिले के पूर्व कलेक्टर नीलकंठ टेकाम भाजपा में शामिल हो सकते हैं। उन्होंने इस्तीफा दे दिया है। वो 23 अगस्त को बीजेपी ज्वॉइनिंग करेंगे। 23 अगस्त को बीजेपी की सदस्यता लेंगे। बीजेपी प्रदेश प्रभारी ओम माथुर केशकाल में बीजेपी में प्रवेश कराएंगे।
चर्चा है कि नीलकंठ टेकाम केशकाल या कोंडागांव से विधानसभा चुनाव लड़ सकते हैं। बीजेपी उन्हें केशकाल से टिकट दे सकती है। टेकाम ने पहले वीआरएस के लिए आवेदन भी दिया था। सूत्रों के मुताबिक टेकाम केशकाल या कोंडागांव से चुनाव लड़ सकते हैं। कांकेर जिले के अंतागढ़ सरईपारा निवासी टेकाम की स्कूली शिक्षा भी कांकेर से ही हुई है। उन्होंने शासकीय गवर्मेंट कॉलेज से समाजशास्त्र से एमए किया है। यहां के वो छात्रसंघ अध्यक्ष भी रह चुके हैं।
कोंडागांव में कलेक्टर रहते हुए उन्होंने नीति आयोग के आकांक्षी जिलों में कोंडागांव को नंबर वन बनाया। वे साल 2028 में रिटायर होंगे। साल 2008 में उन्हें आईआएएस अवॉर्ड भी मिल चुका है। वर्ष 1994 में उन्होंने एमपीपीएससी निकालकर एसटी वर्ग में टॉपर बने। वे ज्यादातर बस्तर संभाग में ही पदस्थ रहे। जगदलपुर में करीब 6 साल तक एसडीएम से लेकर अपर कलेक्टर के रूप में सेवाएं दी। जगदलपुर नगर निगम का कमिश्नर भी रह चुके हैं। दंतेवाड़ा जिला पंचायत सीईओ की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं।
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अविभाजित मध्यप्रदेश में उन्होंने चुनाव लड़ने के लिए इस्तीफा दे दिया था उस समय वो बड़वानी जिले में एसडीएम के पद पर कार्यरत थे। निर्दलीय उम्मीदवार अपना नामांकन भी दाखिल कर दिया था, लेकिन सरकार ने उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं किया। उनका नामांकन वापस कराया गया। इसके बाद उन्होंने फिर से नौकरी ज्वाइनिंग कर ली।
इससे पहले 2005 बैच के आईएएस ओपी चौधरी ने भी पिछले विधानसबा चुनाव में इस्तीफा देकर खरिसया से चुनाव लड़ा था, लेकिन वो जीत नहीं पाए। इसके बाद से वो राजनीति में सक्रिय रहे। वर्तमान में वो छत्तीसगढ़ बीजेपी के प्रदेश महामंत्री की जिम्मेदारी देख रहे हैं। सूत्रों के अनुसार बीजेपी उन्हें चंद्रपुर विधानसभा सीट से टिकट दे सकती है।
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चर्चा है कि नीलकंठ टेकाम केशकाल या कोंडागांव से विधानसभा चुनाव लड़ सकते हैं। बीजेपी उन्हें केशकाल से टिकट दे सकती है। टेकाम ने पहले वीआरएस के लिए आवेदन भी दिया था। सूत्रों के मुताबिक टेकाम केशकाल या कोंडागांव से चुनाव लड़ सकते हैं। कांकेर जिले के अंतागढ़ सरईपारा निवासी टेकाम की स्कूली शिक्षा भी कांकेर से ही हुई है। उन्होंने शासकीय गवर्मेंट कॉलेज से समाजशास्त्र से एमए किया है। यहां के वो छात्रसंघ अध्यक्ष भी रह चुके हैं।
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कोंडागांव में कलेक्टर रहते हुए उन्होंने नीति आयोग के आकांक्षी जिलों में कोंडागांव को नंबर वन बनाया। वे साल 2028 में रिटायर होंगे। साल 2008 में उन्हें आईआएएस अवॉर्ड भी मिल चुका है। वर्ष 1994 में उन्होंने एमपीपीएससी निकालकर एसटी वर्ग में टॉपर बने। वे ज्यादातर बस्तर संभाग में ही पदस्थ रहे। जगदलपुर में करीब 6 साल तक एसडीएम से लेकर अपर कलेक्टर के रूप में सेवाएं दी। जगदलपुर नगर निगम का कमिश्नर भी रह चुके हैं। दंतेवाड़ा जिला पंचायत सीईओ की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं।
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अविभाजित मध्यप्रदेश में उन्होंने चुनाव लड़ने के लिए इस्तीफा दे दिया था उस समय वो बड़वानी जिले में एसडीएम के पद पर कार्यरत थे। निर्दलीय उम्मीदवार अपना नामांकन भी दाखिल कर दिया था, लेकिन सरकार ने उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं किया। उनका नामांकन वापस कराया गया। इसके बाद उन्होंने फिर से नौकरी ज्वाइनिंग कर ली।
इससे पहले 2005 बैच के आईएएस ओपी चौधरी ने भी पिछले विधानसबा चुनाव में इस्तीफा देकर खरिसया से चुनाव लड़ा था, लेकिन वो जीत नहीं पाए। इसके बाद से वो राजनीति में सक्रिय रहे। वर्तमान में वो छत्तीसगढ़ बीजेपी के प्रदेश महामंत्री की जिम्मेदारी देख रहे हैं। सूत्रों के अनुसार बीजेपी उन्हें चंद्रपुर विधानसभा सीट से टिकट दे सकती है।