फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chhattisgarh ›   IAS and IPS transfer in chhattisgarh: behavior and commission snatched district collectors chair

Chhattisgarh में IAS ट्रांसफर: भेंट-मुलाकात की भेंट चढ़े कलेक्टर, तालमेल की कमी ने छीनी राणा की कुर्सी

Tue, 04 Oct 2022 01:05 PM IST
मोहनीश श्रीवास्तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रायपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रायपुर Published by: मोहनीश श्रीवास्तव Updated Tue, 04 Oct 2022 01:05 PM IST
सार

राज्य शासन ने एक दिन पहले ही 13 IAS अफसरों सहित कई जिलों के SP का भी तबादला किया है। इसके बाद कुछ अफसर लूप लाइन में चले गए हैं, जबकि कुछ जूनियर की किस्मत चमक गई है। 
 

विज्ञापन
IAS and IPS transfer in chhattisgarh: behavior and commission snatched district collectors chair
सांकेतिक फोटो - फोटो : social media

विस्तार

छत्तीसगढ़ शासन ने सोमवार को 13 IAS अफसरों के तबादले कर दिए। इसमें तीन जिलों के कलेक्टर और छत्तीसगढ़ पाठ्य पुस्तक निगम के प्रबंध संचालक भी शामिल हैं। बताया जा रहा है कि बालोद और जशपुर जिलों के कलेक्टर भेंट-मुलाकात की भेंट चढ़ गई। उनके खिलाफ तमाम शिकायतें कार्यकर्ताओं और लोगों के जरिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल तक पहुंची थीं। इसे उसी का रिएक्शन माना जा रहा है। छत्तीसगढ़ पाठ्य पुस्तक निगम के प्रबंध संचालक के तालमेल की कमी ने कुर्सी छीन ली।
विज्ञापन


डेढ़ साल में जिलों के कलेक्टर रहे गौरव सिंह
बालोद कलेक्टर गौरव कुमार सिंह मूल रूप से उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले के रहने वाले हैं। उनके बड़े भाई आशीष कुमार सिंह बिलग्राम-मल्लावां क्षेत्र से भाजपा के विधायक हैं। गौरव सिंह को तीन माह पहले ही बालोद जिले का कलेक्टर बनाया गया था। इसके पहले दो महीने मुंगेली और कोरोना काल में सूरजपुर के कलेक्टर रहे। हालांकि डेढ़ साल के अंदर तीन जिलों की कलेक्टरी करने के बाद अब मंत्रालय पहुंच चुके हैं। सरकार ने उन्हें पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग में संयुक्त सचिव बनाया है। 
विज्ञापन


यह भी पढ़ें...Chhattisgarh में 13 IAS अफसरों का ट्रांसफर: जशपुर, बालोद, कोरिया के कलेक्टर बदले
विज्ञापन
विज्ञापन


व्यवहार और कार्यशैली को लेकर लोगों ने की थी शिकायत
दरअसल, मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का 19 सितंबर को बालोद जिले के गुंडरदेही विधानसभा क्षेत्र में भेंट-मुलाकात कार्यक्रम था। इस दौरान एक स्कूली छात्रा की शिकायत पर एक प्रिंसिपल को सस्पेंड कर दिया गया। बताया जा रहा है कि वहीं कई लोगों ने कलेक्टर के व्यवहार और उनकी कार्यशैली को लेकर मुख्यमंत्री से शिकायत की थी। कहा जा रहा है कि वह लोगों के साथ ही कांग्रेस कार्यकर्ताओं से भी शालीनता से पेश नहीं आते थे। ऐसे में वह टारगेट में आए और कलेक्टरी से हाथ धोना पड़ा। 

मातहत ही ले डूबे कलेक्टर साहब की कुर्सी
वहीं जशपुर कलेक्टर रितेश अग्रवाल की कुर्सी को उनके मातहत ही ले डूबे। मातहतों से पटरी नहीं बैठने के साथ लोगों के साथ शालीन व्यवहार नहीं करने की भी शिकायत थी। कुछ उद्योगपतियों भी कलेक्टर की शिकायत की थी। आदिवासी बहुल जशपुर जिले में सरकारी योजनाओं में कमीशनखोरी बढ़ने की शिकायत भी मुख्यमंत्री तक पहुंची थी। माना जा रहा है कि इसी के बाद सरकार की ओर से एक्शन लिया गया। सरकार ने रितेश अग्रवाल को छत्तीसगढ़ पाठ्य पुस्तक निगम का प्रबंध संचालक बनाया है। 

फिर कुछ जिलों के बदले जा सकते हैं कलेक्टर
दूसरी ओर अभी तक छत्तीसगढ़ पाठ्य पुस्तक निगम के प्रबंध संचालक रहे राजेश सिंह राणा को विशेष सचिव स्कूल शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है। बताया जा रहा है कि IAS राणा का प्रिंटरों से तालमेल नहीं बैठ पा रहा था। हालांकि जिला कलेक्टरों के इस हेरफेर से कुछ जूनियर अफसरों की किस्मत जरूर चमक गई। कुछ तो तो कलेक्टरी का मौका तक मिल गया है। सूत्रों के मुताबिक, 8 और 9 अक्टूबर की कलेक्टर कांफ्रेंस है। इसके बाद कुछ और जिलों के कलेक्टर बदले जा सकते हैं। 

तीन जिलों के SP भी बदले गए
सरकार ने सोमवार को तीन जिलों के SP भी बदले हैं। लूप लाइन में पड़े IPS अमित कांबले को गरियाबंद का SP बनाया गया है। यहां अब तक राज्य पुलिस सेवा के सीनियर अधिकारी जेआर ठाकुर पदस्थ थे। SPG में सेवा दे चुके अमित कांबले मुख्यमंत्री की सुरक्षा का जिम्मा भी संभाल चुके हैं और बड़े जिले सरगुजा भी रहे। अब उन्हें छोटा जिला गरियाबंद दिया गया है। 


नारायणपुर जिले के SP रहते ड्राइवर की पिटाई के चलते हटाए गए IPS यू. उदय किरण को गोरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले की कमान सौंपी गई है। उदय किरण महासमुंद और कोरबा के CSP रहते भी विवादों में आए थे।

एक कांस्टेबल को गाली देते वीडियो वायरल होने के बाद बलौदाबाजार के एसपी पद से हटाए गए इंदिरा कल्याण एलेसेला गोरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले से अब बेमेतरा पहुंच गए हैं। IPS अवार्ड के मामले में सुर्खियों में रहे धर्मेंद्र सिंह छवाई केवल 10 महीने ही बेमेतरा में पुलिस कप्तान रह पाए। अब उन्हें पुलिस अधीक्षक रेल बना दिया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed