{"_id":"65c6362afea82c45250114ff","slug":"hundreds-of-employees-opened-front-at-main-gate-of-gevra-mine-2024-02-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Korba: गेवरा खदान के मुख्य गेट पर सैकड़ों कर्मचारियों ने खोला मोर्चा, हल्ला बोल कर किया शक्ति प्रदर्शन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Korba: गेवरा खदान के मुख्य गेट पर सैकड़ों कर्मचारियों ने खोला मोर्चा, हल्ला बोल कर किया शक्ति प्रदर्शन
Fri, 09 Feb 2024 08:14 PM IST
श्याम जी.
अमर उजाला नेटवर्क, कोरबा
अमर उजाला नेटवर्क, कोरबा
Published by: श्याम जी.
Updated Fri, 09 Feb 2024 08:14 PM IST
सार
कोरबा में श्रमिक नेता अपनी मांगों को लेकर हुंकार भरते नजर आए। खदान जाने से पहले बैरियर के पास एचएमएस, एटक, इंटक, सीटू संयुक्त यूनियन श्रमिक नेताओं के द्वारा कर्मचारियों को उनके हक की लड़ाई लड़ने के लिए प्रेरित किया गया और जोरदार हुंकार भरा गया।
विज्ञापन
गेवरा खदान
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
गेवरा क्षेत्र के खदान गेट में संयुक्त मोर्चा एचएमएस, एटक, इंटक, सीटू संयुक्त यूनियन के द्वारा 16 फरवरी 2024 के कोयला उद्योग में राष्ट्रव्यापी हड़ताल को सफल बनाने के लिए गेट मीटिंग की गई, जहां भारी संख्या में कामगारों की उपस्थिति रही। श्रमिक नेता अपनी मांगों को लेकर हुंकार भरते नजर आए। खदान जाने से पहले बैरियर के पास एचएमएस, एटक, इंटक, सीटू संयुक्त यूनियन श्रमिक नेताओं के द्वारा कर्मचारियों को उनके हक की लड़ाई लड़ने के लिए प्रेरित किया गया और जोरदार हुंकार भरा गया।
विज्ञापन
इसमें एचएमएस से रेशम लाल यादव एसडी मानिकपुरी, एटक यूनियन से कामरेड दीपक उपाध्याय, इंटक से गोपाल यादव और डी के मिश्रा, सीटू यूनियन से कामरेड अजय प्रताप एवं कामरेड जनाराम कर्स सहित बहुत से सक्रिय कार्यकर्ताओं के द्वारा सभा को संबोधित किया गया। श्रमिक नेताओं ने कहा कि 16 फरवरी 2024 को एकदिवसीय कोयला उद्योग में हड़ताल का सबसे बड़ा महासंग्राम होगा, जहां काफी संख्या में लोग अपनी मांगों को लेकर कलम बंद हड़ताल करेंगे।
विज्ञापन
श्रमिक नेताओं ने बताया कि कला उद्योग का निजीकरण बंद होना चाहिए। वहीं, एमडीओ मोड एवं रेनू शेयरिंग के आधार पर खदान चलना बंद करें। मजदूर विरोधी एवं मलिक पक्षी कर लेबर कोर्ट को वापस लेना चाहिए। आउटसोर्सिंग में लगे ठेका मजदूरों को एसपीएस वेज के आधार पर मजदूरी का भुगतान करना चाहिए इसके अलावा मजदूरों को बोनस भी मिलना चाहिए। इसके अलावा इस क्षेत्र की जो सबसे बड़ी समस्या है विस्थापित किसानों के मुआवजा और रोजगार की प्रकरण का निपटारा तत्काल करें भू स्थापित किसानों के योग्य बच्चों को सीआरएस फंड के तहत प्रशिक्षण कर कर उन्हें पीएससी की परीक्षा में बैठने का अवसर प्रदान किया जाना चाहिए।
विज्ञापन
इसके अलावा एसईसीएल के विभागीय अस्पतालों में दवाई की जो समस्या है उन्हें भी तत्काल दूर करना चाहिए ताकि मजदूरों को इसका समय पर लाभ मिल सके, जो एसईसीएल में उत्पादन और मुनाफा लाभांश मजदूरों को भी बांटा जाना चाहिए। इन सब मुद्दों को लेकर संयुक्त केंद्रीय श्रमिक संगठन के द्वारा 16 फरवरी को भव्य महा हड़ताल किया जाएगा।