फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chhattisgarh ›   High Court rejected petition of teachers of Guru Ghasidas Central University in teaching Nawaz case

नवाज पढ़ाने का मामला: गुरु घासीदास सेंट्रल यूनिवर्सिटी के सात शिक्षकों को हाईकोर्ट से राहत नहीं, याचिका खारिज

Thu, 29 May 2025 12:25 PM IST
श्याम जी. अमर उजाला नेटवर्क, बिलासपुर
अमर उजाला नेटवर्क, बिलासपुर Published by: श्याम जी. Updated Thu, 29 May 2025 12:25 PM IST
सार

गुरु घासीदास सेंट्रल यूनिवर्सिटी के सात शिक्षकों पर हिंदू छात्रों को शिवतराई गांव में एनएसएस शिविर के दौरान नवाज पढ़ने के लिए मजबूर करने का आरोप है। हाईकोर्ट ने इस मामले में दर्ज एफआईआर को रद्द करने की उनकी याचिका को गंभीरता से लेते हुए खारिज कर दिया।

विज्ञापन
High Court rejected petition of teachers of Guru Ghasidas Central University in teaching Nawaz case
बिलासपुर हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

गुरुघसीदास सेंट्रल यूनिवर्सिटी के छात्रों को नवाज पढ़ने के लिए मजबूर करने के मामले में संलिप्त सात शिक्षकों को हाईकोर्ट से राहत नहीं मिली है। चीफ जस्टिस की डीबी ने खुद के खिलाफ दायर एफआईआर को निरस्त करने की मांग वाली याचिका को खारिज कर दी है। सभी शिक्षकों के खिलाफ कोटा थाने में बीएनएस की धारा 190,196(1)(बी),197(1)(बी),197(1)(सी),299,302 व अन्य के तहत मामला दर्ज है।

विज्ञापन


बता दें कि सेंट्रल यूनिवर्सिटी में एनएसएस इकाई ने शिवतराई गांव में शिविर लगाया था। बीते 26 मार्च से एक अप्रैल 2025 तक आयोजित शिविर में समन्वयक दिलीप झा, मधुलिका सिंह, सूर्यभान सिंह, डॉ. ज्योति वर्मा, प्रशांत वैष्णव, बसंत कुमार और डॉ. नीरज कुमारी ने हिंदू छात्रों को नवाज पढ़ने के लिए मजबूर किया। कुछ छात्रों ने इस बात की शिकायत की और कोटा थाने में मामला दर्ज किया गया। हाईकोर्ट ने इस मामले में एफआईआर रद्द करने की मांग को लेकर लगाई गई दो याचिका को मामले को गंभीर मानते हुए खारिज कर दी है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed