फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chhattisgarh ›   Hearing was held in Bilaspur High Court regarding disorder and shortage of medicines in Sims Hospital

Bilaspur: सिम्स अस्पताल में अव्यवस्था और दवाइयों की कमी मामले में सुनवाई, कोर्ट ने दिए मॉनिटरिंग के निर्देश

Thu, 07 Mar 2024 06:05 PM IST
श्याम जी. अमर उजाला नेटवर्क, बिलासपुर
अमर उजाला नेटवर्क, बिलासपुर Published by: श्याम जी. Updated Thu, 07 Mar 2024 06:05 PM IST
सार

सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने पूछा कि सिम्स और जिला अस्पताल में दवाइयों की कमी है। सीजीएमसी दवाइयां नहीं दे रहा है। आखिर ऐसा क्यों हो रहा है, यह सब क्या है। कोर्ट ने कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर फंड दे रही है, जिसके बाद भी इस तरह की स्थिति क्यों है। 
 

विज्ञापन
Hearing was held in Bilaspur High Court regarding disorder and shortage of medicines in Sims Hospital
बिलासपुर हाईकोर्ट - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

बिलासपुर के सिम्स अस्पताल में अव्यवस्था और दवाइयों की कमी मामले में कोर्ट ने जिला प्रशासन को मॉनिटरिंग करने कहा है। सुनवाई के दौरान सिम्स के डीन केके सहारे की ओर से दवाओं की खरीदी बिक्री से लेकर राज्य शासन से इसके लिए मिली राशि के संबंध में शपथ पत्र दिया गया। डीन की ओर से कहा गया कि व्यवस्था सुधारने के लिए प्रशासन के साथ मिलकर प्रयास किया जा रहा है। 

विज्ञापन


चीफ जस्टिस रमेश कुमार सिन्हा और जस्टिस रवींद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच में सिम्स में अव्यवस्था और दवाओं की कमी मामले की सुनवाई हुई। कोर्ट ने जिला प्रशासन और सिम्स प्रबंधन को प्रोग्रेस रिपोर्ट देने के निर्देश देते हुए तीन सप्ताह बाद अगली सुनवाई तय की है। कोर्ट ने कहा कि आम लोगों की सुविधा के लिए व्यवस्था सुधरनी चाहिए, जो खामियां मिली हैं उसे दूर भी करना होगा। 
विज्ञापन


सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने पूछा कि सिम्स और जिला अस्पताल में दवाइयों की कमी है। सीजीएमसी दवाइयां नहीं दे रहा है। आखिर ऐसा क्यों हो रहा है, यह सब क्या है। कोर्ट ने कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर फंड दे रही है, जिसके बाद भी इस तरह की स्थिति क्यों है। दवाइयां सप्लाई नहीं करने पर डिवीजन बेंच ने सीजीएमसी के मैनेजिंग डायरेक्टर को शपथ पत्र के साथ जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए थे। 
विज्ञापन
विज्ञापन


सिम्स में सीजीएमएससी ने दवा सप्लाई नहीं की तो तकरीबन 70 लाख रुपये की दवा लोकल पर्चेसिंग के माध्यम से सिम्स ने उधार में खरीदी है। हाईकोर्ट ने सीजीएमएससी को सरकारी अस्पतालों में जीवन रक्षक दवाएं उपलब्ध कराने के मामले में नाकाम साबित होने पर नोटिस जारी किया था। जवाब के लिए अतिरिक्त महाधिवक्ता ने तीन सप्ताह का समय मांगते हुए बताया कि दोनों ही सरकारी विभाग हैं और इस मामले में मिलकर काम किया जा रहा है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed