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Raipur: रायपुर में झंडा दिवस कोष में सर्वाधिक संग्रह के लिए राज्यपाल डेका ने रायपुर कलेक्टर को किया सम्मानित
Sun, 07 Dec 2025 05:12 PM IST
अमन कोशले
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
Published by: अमन कोशले
Updated Sun, 07 Dec 2025 05:12 PM IST
सार
राज्यपाल रमेन डेका ने रायपुर कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह को अठारह लाख रुपये के रिकॉर्ड संग्रह के लिए सम्मानित करते हुए कहा कि यह उपलब्धि नागरिकों की देशभक्ति और सैन्य परिवारों के प्रति गहरी संवेदनशीलता को दर्शाती है।
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राज्यपाल डेका ने रायपुर कलेक्टर को किया सम्मानित
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
छत्तीसगढ़ में सशस्त्र सेना झंडा दिवस कोष के लिए इस वर्ष सबसे अधिक धनराशि जुटाने वाले रायपुर जिले को राज्य स्तर पर विशेष सम्मान मिला है। राज्यपाल रमेन डेका ने रायपुर कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह को अठारह लाख रुपये के रिकॉर्ड संग्रह के लिए सम्मानित करते हुए कहा कि यह उपलब्धि नागरिकों की देशभक्ति और सैन्य परिवारों के प्रति गहरी संवेदनशीलता को दर्शाती है। रायपुर जिले द्वारा प्राप्त यह सफलता झंडा दिवस अभियान को नई ऊर्जा देने वाली मानी जा रही है।
देश में हर वर्ष सात दिसंबर को सशस्त्र सेना झंडा दिवस मनाया जाता है। यह दिन सैनिकों के योगदान को स्मरण करने और उनके कल्याण के लिए सहयोग जुटाने के उद्देश्य से मनाया जाता है। स्वतंत्रता के बाद से ही सेना के जवानों, शहीदों के परिजनों और सेवानिवृत्त सैनिकों के हितों को सुदृढ़ करने के लिए इस दिवस की परंपरा जारी है।
झंडा दिवस से प्राप्त कोष मुख्य रूप से उन परिवारों की मदद में लगाया जाता है जिन्होंने युद्ध या सैन्य कार्रवाई में अपने परिजन खोए हैं। इसी तरह सेना में वर्तमान में सेवारत जवानों और उनके परिवारों से जुड़े कल्याणकारी कार्य तथा सेवानिवृत्त सैनिकों और उनके परिजनों की सहायता भी इसी राशि से की जाती है। इस अवसर पर नागरिकों को सशस्त्र बलों का प्रतीक दर्शाने वाले छोटे झंडे वितरित किए जाते हैं, जिनमें लाल, गहरा नीला और हल्का नीला रंग क्रमशः थलसेना, नौसेना और वायुसेना का प्रतिनिधित्व करते हैं।
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देश में हर वर्ष सात दिसंबर को सशस्त्र सेना झंडा दिवस मनाया जाता है। यह दिन सैनिकों के योगदान को स्मरण करने और उनके कल्याण के लिए सहयोग जुटाने के उद्देश्य से मनाया जाता है। स्वतंत्रता के बाद से ही सेना के जवानों, शहीदों के परिजनों और सेवानिवृत्त सैनिकों के हितों को सुदृढ़ करने के लिए इस दिवस की परंपरा जारी है।
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झंडा दिवस से प्राप्त कोष मुख्य रूप से उन परिवारों की मदद में लगाया जाता है जिन्होंने युद्ध या सैन्य कार्रवाई में अपने परिजन खोए हैं। इसी तरह सेना में वर्तमान में सेवारत जवानों और उनके परिवारों से जुड़े कल्याणकारी कार्य तथा सेवानिवृत्त सैनिकों और उनके परिजनों की सहायता भी इसी राशि से की जाती है। इस अवसर पर नागरिकों को सशस्त्र बलों का प्रतीक दर्शाने वाले छोटे झंडे वितरित किए जाते हैं, जिनमें लाल, गहरा नीला और हल्का नीला रंग क्रमशः थलसेना, नौसेना और वायुसेना का प्रतिनिधित्व करते हैं।
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